facebookmetapixel
Advertisement
कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार की बड़ी तैयारी, 24×7 कंट्रोल रूम और अतिरिक्त बसों का इंतजामपरीक्षा सुधारों पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्सUpcoming NFO: अगले हफ्ते लॉन्च होंगे SBI, Invesco, Edelweiss और DSP के 5 नए फंड, जानें पूरी डिटेलGold-Silver Outlook: क्या अगले हफ्ते महंगा होगा सोना-चांदी? फेड के फैसले समेत इन संकेतों पर रहेगी नजरबिना प्रॉपर्टी खरीदे करें रियल एस्टेट में निवेश! Edelweiss MF ला रहा भारत का पहला REIT Index Fund, ₹100 से होगी शुरुआत‘आम जनता को न दौड़ाएं टैक्स अधिकारी’, बोलीं सीतारमण: अधिकारियों का सुस्त रवैया चिंताजनकNippon India MF ने रचा इतिहास, 4 करोड़ फोलियो पार करने वाली देश की पहली AMC बनीIndia-US Trade Talks: अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ पर भारत को बड़ी राहत, जेनेरिक दवाओं और स्मार्टफोन को छूटUpcoming IPO This Week: निवेशक पैसा रखें तैयार! अगले हफ्ते खुल रहे हैं तीन मेनबोर्ड वाले IPOStock Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल? इन ग्लोबल और घरेलू कारकों पर रहेगी नजर

Hyundai का शुद्ध मुनाफा 6.3 प्रतिशत बढ़ा

Advertisement

जीएसटी कटौती से मांग मजबूत, लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

Last Updated- February 03, 2026 | 9:33 AM IST
Hyundai

ह्युंडै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) का संचयी शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में सालाना 6.3 प्रतिशत बढ़कर 1,234 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कमी के बाद मांग मजबूत होने से कंपनी के वाहनों की बिक्री बढ़ी है, जिससे इसे फायदा पहुंचा। ह्युंडै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा कि भारत में वाहनों की मांग कई नीतिगत उपायों के कारण बढ़ी है, जिनमें पिछले बजट में की गई आयकर में कमी, जीएसटी दरों में कटौती और 2025 में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संचयी ब्याज दरों में कमी शामिल हैं।

गर्ग ने कहा कि जीएसटी दर में कटौती के बाद सभी खंडों में वृद्धि दिखाई दे रही है मगर वाहन उद्योग के आंकड़ों में कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की बढ़ती लोकप्रियता की झलक मिलती है। उन्होंने बताया कि जनवरी और अगस्त के बीच हैचबैक की वाहनों की बिक्री में 22.4 प्रतिशत हिस्सेदारी थी मगर सितंबर से दिसंबर के बीच उनकी हिस्सेदारी घटकर 21.4 प्रतिशत रह गई। दूसरी तरफ, एसयूवी की हिस्सेदारी इसी अवधि में 22.1 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई। हालांकि, कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत बढ़ा है, मगर तिमाही आधार पर इसमें 21.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

एचएमआईएल के निवेशक संबंध प्रमुख के एस हरिहरन ने कहा कि तिमाही के दौरान मार्जिन क्रमिक गिरावट कई कारणों से आई जिसमें कंपनी के पुणे संयंत्र पर आई अधिक लागत भी शामिल है। यह संयंत्र 1 अक्टूबर से शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि मौसमी कारकों के कारण निर्यात में भी तिमाही आधार पर कमी दर्ज की गई जिससे मार्जिन पर भी असर पड़ा। इसके अलावा, जिंसों की बढ़ती कीमतें खासकर मूल्यवान धातुओं, एल्युमीनियम और तांबा के कारण तिमाही के दौरान लागत बढ़ गई। हालांकि, हरिहरन ने कहा कि इनमें से कुछ प्रतिकूल असर की भरपाई पिछली तिमाही की तुलना में छूट में कुछ हद तक कमी से आंशिक रूप से हो गई।

Advertisement
First Published - February 3, 2026 | 9:33 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement