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अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच के बीच Adani को मिला दुनिया के सबसे बड़े निवेशक का साथ

ब्लैकरॉक ने अदाणी ग्रुप के 750 मिलियन डॉलर के बॉन्ड में सबसे ज्यादा निवेश किया

Last Updated- April 10, 2025 | 5:16 PM IST
Adani Group

दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक ने अदाणी ग्रुप के 750 मिलियन डॉलर (लगभग 6,250 करोड़ रुपये) के प्राइवेट बॉन्ड इश्यू में सबसे बड़ा हिस्सा खरीदा है। सूत्रों के अनुसार, ब्लैकरॉक ने इस बॉन्ड का एक-तिहाई हिस्सा खरीदा है, जिसकी अवधि 3 से 5 साल के बीच है।

जांच के बीच अदाणी को मिला भरोसा

यह निवेश ऐसे समय में आया है जब अदाणी ग्रुप अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की एक रिश्वतखोरी मामले में जांच का सामना कर रहा है। नवंबर 2024 में इस मामले में अदाणी के कुछ अधिकारियों पर आरोप लगे थे। इसके बावजूद, ब्लैकरॉक का यह बड़ा निवेश अदाणी के प्रति भरोसे की मिसाल माना जा रहा है।

ब्लैकरॉक के चेयरमैन लैरी फिंक ने जनवरी 2024 में कहा था कि इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य का सबसे बड़ा निवेश क्षेत्र है। उसी दौरान कंपनी ने ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (GIP) को 12.5 अरब डॉलर में खरीदा था। अब अदाणी के साथ यह डील, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ब्लैकरॉक की पहली निजी डील है।

ब्लैकरॉक के अलावा पांच और बड़े निवेशकों ने भी इस बॉन्ड इश्यू में भाग लिया है, जिनमें अधिकतर अमेरिकी और यूरोपीय फंड शामिल हैं। इनमें सोना एसेट मैनेजमेंट भी एक प्रमुख नाम है।

बॉन्ड की रकम कहां इस्तेमाल होगी?

यह बॉन्ड अदाणी ग्रुप की प्रमोटर कंपनी रिन्यू एक्सिम DMCC ने जारी किया है, जो एक विदेशी इकाई है। इस पैसे का इस्तेमाल अदाणी द्वारा आईटीडी सेमेंटेशन नामक कंपनी को खरीदने और अन्य विकास योजनाओं में किया जाएगा।

आईटीडी सेमेंटेशन: अदाणी के लिए रणनीतिक निवेश

पिछले साल अदाणी ग्रुप ने आईटीडी सेमेंटेशन के प्रमोटरों से 46.64% हिस्सेदारी करीब 5,889 करोड़ रुपये में खरीदी थी। अब रिन्यू एक्सिम ने ओपन ऑफर के ज़रिए 20.81% और हिस्सेदारी भी 400 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीद ली है। यह कंपनी मुंबई के जेएनपीटी पोर्ट, तूतीकोरिन, मुंद्रा और विजिंजम बंदरगाह जैसे अहम प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी है। ऐसे में इसे अदाणी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के लिए अहम माना जा रहा है।

DOJ की जांच के बावजूद मजबूत संकेत

ब्लैकरॉक का यह निवेश बताता है कि कंपनी को अदाणी ग्रुप के ऑपरेशंस में DOJ की जांच के कारण कोई बड़ा व्यवधान नहीं दिख रहा। फरवरी में अदाणी ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया के पोर्ट प्रोजेक्ट्स के लिए 200 मिलियन डॉलर जुटाए थे। लेकिन यह 750 मिलियन डॉलर की डील DOJ जांच के बाद की सबसे बड़ी फंडरेज़िंग है। (एजेंसी के इनपुट के साथ)

First Published - April 10, 2025 | 5:10 PM IST

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