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Aakash Educational की बड़ी योजना, AI और डिजिटल सेक्टर में ₹1000 करोड़ का करेगा निवेश

मणिपाल सिस्टम्स और ब्लैकस्टोन जैसे निवेशकों द्वारा समर्थित यह कंपनी मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए जानी जाती है।

Last Updated- March 11, 2025 | 7:17 AM IST
Artificial Intelligence
Representative Image

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज (Aakash Educational Services) अगले तीन सालों में अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्षमताओं और AI-ड्रिवन लर्निंग प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए ₹800 करोड़ से ₹1,000 करोड़ तक निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी के एमडी और सीईओ दीपक मेहरोत्रा ने सोमवार को यह जानकारी दी।

1988 में शुरू हुई यह एजुकेशन कंपनी अब छोटे शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। खासतौर पर, टियर-3 और टियर-4 शहरों में क्वालिटी कोचिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है।

नई टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोर

मणिपाल सिस्टम्स और ब्लैकस्टोन जैसे निवेशकों द्वारा समर्थित यह कंपनी मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए जानी जाती है। अब कंपनी अपने “Aakash 2.0” प्लान के तहत नए कोचिंग सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI-ड्रिवन लर्निंग प्रोग्राम लॉन्च कर रही है।

कोविड-19 के बाद भारत के एडटेक सेक्टर में तेजी से बढ़ोतरी और फिर मंदी का दौर देखने को मिला है। कई कंपनियों ने भौतिक (फिजिकल) कोचिंग सेंटर शुरू किए थे, लेकिन अब वे या तो सिमट रही हैं या बंद हो रही हैं। वहीं, आकाश एजुकेशन छोटे शहरों में इस समय को नए अवसर के रूप में देख रही है।

कंपनी का लक्ष्य है कि अगले चार सालों में उसकी कुल कमाई का 20-25% हिस्सा ऑनलाइन और हाइब्रिड लर्निंग से आए, जो अभी सिर्फ 5% है।
मेहरोत्रा ने कहा कि टियर-3 और टियर-4 शहरों में सबसे बड़ी चुनौती माता-पिता को यह भरोसा दिलाना है कि उनके बच्चों को वही क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी, जो बड़े शहरों में मिलती है।

कंपनी ने इन क्षेत्रों में लड़कियों के नामांकन में तेज़ी देखी है, क्योंकि अब माता-पिता अपनी बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दे रहे हैं, जब उनके आसपास ही अच्छे कोचिंग सेंटर उपलब्ध हो रहे हैं।

मेहरोत्रा ने कहा, “हमारा पिछला विस्तार छोटे शहरों में हुआ, लेकिन ये टियर-4 श्रेणी के नहीं हैं। यहां हमारे 35% से ज्यादा छात्राएं हैं।”

Blackstone ने हाल ही में Aakash Educational Services से जुड़े शेयरधारकों के अधिकारों में बदलाव को लेकर दायर याचिका वापस ले ली है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Aakash द्वारा EGM (Extraordinary General Meeting) में Articles of Association (AoA) में बदलाव करने पर रोक लगा दी थी।

Blackstone समर्थित Singapore Topco, जिसकी Aakash में 6.8% हिस्सेदारी है, ने दावा किया था कि ये बदलाव उसके निवेश को कमजोर कर सकते हैं और Aakash की वैल्यू को घटा सकते हैं।

Aakash के CEO अभय मेहरोत्रा ने कहा, “हम निवेशकों की चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि सही तरह के कर्ज और इक्विटी संतुलन के साथ निवेश को आगे बढ़ाएंगे। इससे हम Aakash 2.0 के विकास में और तेजी से निवेश कर सकेंगे।”

First Published - March 11, 2025 | 7:11 AM IST

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