facebookmetapixel
Advertisement
अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर: मई में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.1% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त तेजीDelhi EV Policy 2.0 1 जुलाई से होगी लागू, EV खरीदने पर ₹50,000 तक मिलेगी सब्सिडी; जानें पूरा प्लानPhysical Gold Vs Digital Gold: कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद? समझ लें नफा-नुकसानPFC-REC मर्जर को मंजूरी! शेयरधारकों के लिए क्या है इसके मायने; स्टॉक 2.3% तक टूटेBajaj Auto Share Buyback: 1 जुलाई से शुरू होगा ₹5,632 करोड़ का बायबैक, निवेशकों की खुलेगी किस्मतExplainer: अब टैक्स ऑफिस जाने का झंझट खत्म! टैक्स नोटिस आने पर घर बैठे ‘e-Proceedings’ के जरिए दें जवाबJio BlackRock का पहला SIF लॉन्च, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर लगाया दांव; क्या आपको करना चाहिए निवेश?Turtlemint IPO Listing: पहले ही दिन लगा झटका! 11% डिस्काउंट पर हुई एंट्री, अब निवेशक बेचें या करें होल्ड?टैक्स राहत के बाद भारतीय बॉन्ड बाजार में ग्लोबल फंड्स की बढ़ी दिलचस्पी, रुपये को मिला सहाराअमेरिका ने फिर ईरान पर किया हमला, बहरीन-कुवैत हमले के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शन

गेहूं की सुस्त खरीद के बीच मध्य प्रदेश में कीमत तेजी; फसल बुरी तरह प्रभावित

Advertisement

मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में 2023 के मॉनसून सीजन में बारिश बहुत अच्छी नहीं रही है।

Last Updated- May 05, 2024 | 11:39 PM IST
wheat

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के भैसवा गांव के किसान द्वारका प्रसाद मीणा गेहूं की उपज को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि इलाके में पानी की कमी के कारण गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है और बहुत कोशिशों के बावजूद उनके खेत की उत्पादकता कम से कम 20 प्रतिशत कम हुई है।

मीणा 20 एकड़ जमीन में खेती करते हैं। कम बारिश और सिंचाई व्यवस्था कमजोर होने के कारण धनिया की फसल भी प्रभावित हो रही है और उसकी उपज भी कम होने की संभावना नजर आ रही है।

राज्य में अब सोमवार को तीसरे चरण का चुनाव होने जा रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करने वाले अन्य विषयों के साथ गेहूं का उत्पादन और उसकी उत्पादकता में कमी किसानों के बीच चर्चा का विषय है।

इस साल केंद्रीय पूल में मध्य प्रदेश में किसानों से 80 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। बहरहाल 2 मई तक सिर्फ 37 लाख टन गोहूं की खरीद हुई है, जो पिछले साल की समान अवधि में हुई खरीदारी से 37.2 प्रतिशत कम है।

विपणन वर्ष 2023-24 (अप्रैल से मार्च) के दौरान राज्य ने करीब 70.9 लाख टन गेहूं खरीदा था। देश भर में कुल मिलाकर गेहूं की खरीद 2 मई तक 221 लाख टन रही है, जो पिछले साल की समान अवदि से 4.90 प्रतिशत कम है। इसमें मध्य प्रदेश में खरीदारी में सबसे अधिक गिरावट आई है।

दिलचस्प यह है कि खरीद में कमी ऐसे समय में आई है, जब राज्य सरकार ने 2024-25 खरीद सत्र में केंद्र द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2275 रुपये प्रति क्विंटल पर 125 रुपये बोनस देने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि मध्य प्रदेश के किसानों का गेहूं 2400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव खरीदा जाएगा।

एग्रीटेक स्टार्टअप एग्रीवाच के ग्रेन डेस्क के टीम लीडर नित्यानंद रॉय ने कहा, ‘खरीद में कमी की कई वजहें है। इसमें प्रमुख वजह यह है कि अगले कुछ महीने में कीमत बढ़ने की उम्मीद में किसानों ने गेहूं रोक लिया है। मेरा अनुमान है कि मध्य प्रदेश में 30 से 35 प्रतिशत किसानों ने अपना गेहूं रोक रखा है।’

मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी में लोकवान किस्म के गेहूं की कीमत 2,900 से 3,150 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है, जबकि पूर्ण किस्म की कीमत करीब 2,650 रुपये से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल है।

ये दरें मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद पर बोनस दिए जाने के बाद भी उल्लेखनीय रूप से ज्यादा हैं।

मध्य प्रदेश में गेहूं का खरीद मूल्य एमएसपी से अधिक है, लेकिन यह चर्चा का विषय है क्योंकि सत्तासीन भाजपा ने दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव गेहूं खरीदने का वादा किया था।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजगढ़ से लोकसभा प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने प्रचार के दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, ‘भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में किसानों से 2,700 रुपये क्विंटल के भाव गेहूं खरीदने का वादा किया था। अब सत्ता में आने पर 2,400 रुपये क्विंटल दे रही है। यह कुछ और नहीं, बल्कि धोखा है।’

राजगढ़ के भैसवाना गांव के एक और किसान सुरेश बाबू मीणा के लिए कीमत से ज्यादा उत्पादकता में कमी चिंता का विषय है, जो लंबे चले सूखे के कारण इस साल कुछ खेतों में घटकर आधी रह गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में 2023 के मॉनसून सीजन में बारिश बहुत अच्छी नहीं रही है।

Advertisement
First Published - May 5, 2024 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement