facebookmetapixel
कई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?

UP: योगी सरकार ने गन्ने के लिए स्टेट एडवाइजरी प्राइस 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया

चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि गन्ने के दाम में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

Last Updated- January 18, 2024 | 3:30 PM IST
sugarcane
Representative Image

कुछ महीनों के बाद होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को गन्ने के लिए राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया। इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में लिया गया।

चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि गन्ने के दाम में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अगेती किस्म की कीमत अब 370 रुपये प्रति क्विंटल होगी जबकि सामान्य किस्म का दाम 360 रुपये होगा। अबतक गन्ने की अगेती किस्म का खरीद मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का खरीद मूल्य 340 रुपये प्रति क्विंटल था। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना मूल्य में 55 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।

2017 में गन्ने की कीमत 315 रुपये प्रति क्विंटल थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में राज्य में चीनी मिलें बंद होने के कगार पर थीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 42 लाख परिवार हैं जो गन्ने की खेती करते हैं और 45 लाख मजदूर इस काम में लगे हैं।

2022 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश सरकार ने गन्ने के एसएपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद संशोधित कीमत बढ़कर 350 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इस बीच, सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इसे अपर्याप्त बताया। मुज़फ़्फ़रनगर के पास सिसौली में भाकियू मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि गन्ना मूल्य की घोषणा किसानों के लिए स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि बढ़ोतरी अपर्याप्त है और राज्य में उपज की लागत बढ़ गई है। उन्होंने राज्य सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है और मांग की है कि गन्ने के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की जाए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में गन्ने की कीमत उत्तर प्रदेश से ज्यादा है।

First Published - January 18, 2024 | 3:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट