facebookmetapixel
Advertisement
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेडभारत का R&D खर्च बढ़ा, लेकिन GDP के मुकाबले हिस्सेदारी सिर्फ 0.84%; चीन और ब्राजील से पीछेइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 7 महीनों में 10 लाख से ज्यादा EV बिके; TVS सबसे आगेPM मोदी की पोस्ट ब्लॉक होने पर बढ़ा विवाद, मेटा की ग्लोबल टीम से एल्गोरिदम पर होगी सख्त पूछताछकैबिनेट के बड़े फैसले: ‘पीएम सूर्य सरोवर’ योजना मंजूर, पीएम-किसान और खेलो इंडिया को 5 साल का विस्तारसरकार ने ‘समुद्र मंथन’ योजना को दी हरी झंडी, गहरे सागर में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,084 करोड़ मंजूरIMD के अलर्ट से बढ़ी चिंता, मॉनसून के दूसरे चरण और अगस्त महीने में सामान्य से कम होगी बारिशबजाज फिनसर्व के Q1 नतीजे मजबूत, मुनाफा बढ़कर ₹6,297 करोड़ पहुंचा, एयूएम में भी बढ़ोतरीओडिशा में 5,600 मेगावॉट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र लगाएगा अदाणी समूह, ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव

Soybean Sowing: इस साल घट सकता है सोयाबीन का रकबा

Advertisement

सोपा के ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक 90.50 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई हो चुकी है, जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सोयाबीन का रकबा 55.50 लाख हेक्टेयर है।

Last Updated- July 11, 2023 | 5:24 PM IST
Soybean prices

Soybean Sowing: देर से आए मानसून की मार इस साल सोयाबीन की बोआई पर पड़ सकती है। पिछले साल से सोयाबीन का रकबा घट सकता है। हालांकि बीते दिनों हुई बारिश के बाद सोयाबीन की बोआई अब जोर पकड़ने लगी है। देश में इस साल सोयाब करीब 124 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है।

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक 90.50 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई हो चुकी है, जबकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सोयाबीन का रकबा 55.50 लाख हेक्टेयर है।

सोपा के अनुसार मध्य प्रदेश में 42.66 लाख हेक्टेयर में, महाराष्ट्र में 30.79 लाख हेक्टेयर में, राजस्थान में 10.28 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया जा चुका है। सोपा के कार्यकारी निदेशक डी एन पाठक ने कहा कि सोयाबीन उत्पादक इलाकों में सोपा ने सोयाबीन की बोआई के बारे में शुरुआती सर्वे किया है।

ये भी पढ़ें: Sugar Rate: सरकार की कोशिश-कम हो चीनी के दाम; उद्योग कर रहे बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग

इस सर्वे के अनुसार मानसून में देरी से सोयाबीन की बोआई प्रभावित हुई है। हालांकि बारिश होने के साथ ही बोआई अब जोर पकड़ने लगी है। सोपा के सर्वे के अनुसार 10 जुलाई तक करीब 90 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया जा चुका है, जो सरकारी आंकड़े 55 लाख हेक्टेयर से अधिक है।

मानसून में देरी और किसानों द्वारा दूसरी फसलोें को तरजीह देने से इस साल सोयाबीन का कुल रकबा पिछले साल से घट सकता है। कितना घटेगा यह अगले दो सप्ताह बाद पता चल पाएगा।

सोपा के अनुसार पिछले साल सोयाबीन का रकबा 114.50 लाख हेक्टेयर था। सरकारी आंकड़ों में रकबा 120.82 लाख हेक्टेयर था। कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल कहते हैं कि इस साल किसानों को सोयाबीन के भाव पिछले साल की तुलना काफी कम मिले हैं। ऐसे में इस साल सोयाबीन की बोआई में बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है, बल्कि इसमें थोड़ी गिरावट आ सकती है।

Advertisement
First Published - July 11, 2023 | 5:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement