अगर आप अपनी कार या प्राइवेट गाड़ी से अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag के सालाना पास (Annual Pass) की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से यह पास महंगा होने जा रहा है।
NHAI द्वारा 15 मार्च को जारी किए गए आदेश के मुताबिक, नॉन-कमर्शियल यानी निजी वाहनों के लिए सालाना पास की कीमत 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यह नियम उन सभी प्राइवेट गाड़ियों पर लागू होगा जिनमें एक्टिव FASTag लगा हुआ है।
सरकार ने इस स्कीम की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की थी। इसका मकसद उन लोगों को राहत देना था जो बार-बार हाईवे का इस्तेमाल करते हैं।
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NHAI के अनुसार, यह सुविधा देश भर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा और नेशनल एक्सप्रेसवे पर उपलब्ध है। इसे खरीदना भी काफी आसान है। आप ‘राजमार्ग यात्रा’ (Rajmarg Yatra) मोबाइल ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे ले सकते हैं। इससे आपको बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और एक बार के भुगतान में ही आप साल भर की चिंता से मुक्त हो जाएंगे।
इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलता है जो काम के सिलसिले में या निजी कारणों से अक्सर एक शहर से दूसरे शहर आते-जाते रहते हैं। आंकड़ों की मानें तो इस पास के जरिए प्रति ट्रिप (Per Trip) पड़ने वाली लागत सामान्य टोल रेट के मुकाबले काफी कम बैठती है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के डेटा के अनुसार, वर्तमान में लगभग 50 लाख से ज्यादा लोग इस सालाना पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेशनल हाईवे पर होने वाले कुल कार ट्रांजेक्शन में इस पास की हिस्सेदारी करीब 28 फीसदी है।
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देश में डिजिटल टोल कलेक्शन का सिस्टम यानी FASTag काफी सफल रहा है। साल 2016 से अब तक करीब 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 5.9 करोड़ फिलहाल एक्टिव मोड में हैं। जैसे-जैसे हाईवे का नेटवर्क बढ़ रहा है, लोग समय और पैसे बचाने के लिए इस तरह की पास स्कीमों को हाथों-हाथ ले रहे हैं।