facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

रुपये की 26 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, 2025 की पूरी बढ़त एक दिन में साफ

Advertisement

वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका ने बढ़ाया दबाव, आरबीआई के हस्तक्षेप के बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर

Last Updated- April 07, 2025 | 11:01 PM IST
Indian Rupee

वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंता के बीच करीब 26 महीने बाद रुपये में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और उसने 2025 की अपनी पूरी बढ़त गंवा दी। चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर जब जवाबी शुल्क लगाया तो वैश्विक व्यापार जंग को लेकर चिंता गहरा गई।

सोमवार को रुपये में 0.6 फीसदी की गिरावट आई जो 6 फरवरी, 2023 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है। आखिरी कारोबारी सत्र के 85.24 प्रति डॉलर के मुकाबले आज रुपया 85.84 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्राओं में आज रुपया भी रहा। कारोबार के दौरान फिलिपींस के पेसो में सर्वाधिक 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

एक निजी बैंक के डीलर ने कहा, ‘जब तक शुल्कों पर वार्ता होती है, बाजार में उठापटक बने रहने के आसार हैं। भारतीय रिजर्व बैंक कारोबार के शुरुआती घंटों में मौजूद था। हमने कुछ विदेशी बैंकों की बिकवाली भी देखी। मगर प्रमुख स्तर बरकरार रहा और रिजर्व बैंक ने रुपये को 85 के स्तर के करीब बचाए रखा।’

रुपया ने इस साल की अपनी सारी बढ़त को एक ही दिन में गंवा दिया और चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 0.2 फीसदी की गिरावट आई है। शुक्रवार को रुपया चढ़कर 85 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था और इंट्राडे के दौरान यह 84.95 प्रति डॉलर पहुंच गया था। कारोबार के अंत में यह 0.44 फीसदी तक चढ़कर बंद हुआ था।

मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई थी जो साल की शुरुआत में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद निवेश के कारण थी। यह कैलेंडर वर्ष के सभी नुकसानों से उबर गया था। तब यह 88 प्रति डॉलर के स्तर तक चला गया था।
विदेशी मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि रुपये में कुछ सत्रों तक उतार-चढ़ाव की संभावना है मगर मध्यम अवधि में यह 85.50 प्रति डॉलर के आसपास स्थिर हो सकता है।

 

Advertisement
First Published - April 7, 2025 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement