facebookmetapixel
Infosys Q3 Results: मुनाफा घटा लेकिन रेवेन्यू बढ़ा, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का सही मौका; वैल्यूएशन बढ़ियाअब केवल पैसा नहीं, देश चुन रहे हैं अमीर! जानिए कहां जा रहे हैं करोड़पतिTata Power के नतीजे किस दिन आएंगे? कंपनी ने कर दिया ऐलानदाम बढ़ते ही Cement Stocks में मौका! Emkay ने इन 4 कंपनियों को बताया निवेश के लिए फेवरेटQ3 Results Today: HDFC Life Insurance से लेकर Jio Financial और L&T Tech तक, आज 24 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे25% अमेरिकी शुल्क का असर भारत पर सीमित, ईरान पर पड़ेगा सबसे ज्यादा दबावछुट्टियों के बाद भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता फिर शुरूईरान ने ट्रंप को चेताया, अमेरिकी हमले पर कड़े जवाब की धमकीनिर्यात तैयारी सूचकांक में महाराष्ट्र शीर्ष पर, तमिलनाडु को पछाड़ा: नीति आयोग की रिपोर्टखाद्य कीमतों में गिरावट थमने से दिसंबर में थोक महंगाई 8 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची

‘दो फीसदी बढ़ेगी धान की पैदावार’

Last Updated- December 08, 2022 | 12:08 AM IST

इस साल देश में धान का उत्पादन दो फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। यह अनुमान मानसून सीजन के दौरान काफी अच्छी बारिश के चलते लगाया गया है।


संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2008 में धान उत्पादन में 24 लाख टन की वृद्धि हो सकती है। एफएओ ने बताया है कि पिछले साल देश में धान का उत्पादन जहां 14.46 करोड़ टन था वहीं मौजूदा सीजन के दौरान इसके 14.7 करोड़ टन तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि खरीफ सीजन में कुल उत्पादन का 80 फीसदी धान पैदा होता है। इस बार बेहतर मानसून के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि खरीफ धान के उत्पादन में तकरीबन 15 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी। एफएओ ने बताया है कि पिछले खरीफ सीजन में करीब 9.635 करोड़ टन धान पैदा हुआ था पर इस बार इसमें 1.365 करोड़ टन की बढ़ोतरी हो जाएगी।

इस तरह अनुमान के मुताबिक मौजूदा सीजन में खरीफ धान की पैदावार 11 करोड़ टन तक पहुंच जाएगी। ऊशर एग्रो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक वी के चतुर्वेदी के मुताबिक, मौजूदा सीजन में मानसून के बेहतर प्रदर्शन से न केवल धान के रकबे में बढ़ोतरी हुई है बल्कि उत्पादकता में भी सुधार की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि धान की फसल को पानी की जरूरत बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा कटाई से पहले फसल को 15 दिनों तक शुष्क मौसम की दरकार होती है। चतुर्वेदी के अनुसार, मौजूदा सीजन में तमाम अनुकूल परिस्थितियों के चलते ही धान की रेकॉर्ड पैदावार होने जा रही है।

एफएओ ने यह अनुमान भी जताया है कि इस बार गेहूं की उपज में 4 फीसदी की वृद्धि होगी और इसका कुल उत्पादन 7.8 करोड़ टन तक पहुंच जाएगा। मालूम हो कि पिछले सीजन में तकरीबन 7.5 करोड़ टन गेहूं पैदा हुआ था। इस तरह पिछले आठ साल में गेहूं का यह सर्वाधिक उत्पादन है।

पिछले दो साल से हो रहे गेहूं आयात के बाद उम्मीद जतायी जा रही है कि यह उत्पादन 2008-09 सीजन के दौरान गेहूं की घरेलू जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगा। गौरतलब है कि 2007-08 के दौरान 20 लाख टन और 2006-07 में 67 लाख टन गेहूं का आयात हुआ था।

एफएओ ने अनुमान जताया है कि देश में खाद्यान्न का उत्पादन 0.85 फीसदी बढ़ सकता है। पिछले साल खाद्यान्न का कुल उत्पादन 26 करोड़ टन हुआ था पर इस साल इसके 26.23 करोड़ टन तक पहुंच जाने की उम्मीद है। देश के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को 22 अगस्त तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा खरीफ सीजन में खेती का रकबा 7 फीसदी यानी 21 लाख हेक्टेयर बढ़कर 3.23 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गया है।

एफएओ की रिपोर्ट के अनुसार, 2008 में दक्षिण पश्चिमी मानूसन की अवधि अपने दीर्घकालीन औसत के आसपास रही है। इस साल खेती के लिहाज से हर क्षेत्र में बारिश का वितरण संतोषजनक रहा है। इतना ही नहीं मौजूदा सीजन में पूरी दुनिया में खाद्यान्न के उत्पादन में करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना है। अनुमान है कि इस साल विश्व का खाद्यान्न उत्पादन 223 करोड़ टन से भी अधिक हो जाएगा।

First Published - October 16, 2008 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट