facebookmetapixel
Advertisement
TRACES में बड़ा बदलाव: TDS, TCS और प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए क्या बदलेगा? आसान भाषा में समझेंहोर्मुज में सेफ नेविगेशन के लिए UK-फ्रांस की पहल, US-ईरान तनाव के बीच बड़ा कदमTerm Insurance vs Traditional Plan: कौन सा लाइफ कवर है आपके परिवार के लिए बेस्ट? समझें अंतर‘खाड़ी का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा’: US के नाकेबंदी ऐलान पर ईरान की चेतावनी2030 तक 22 अरब डॉलर का होगा भारत का डेटा सेंटर बाजार, AI और क्लाउड से तेज बढ़तएडवांस टैक्स कैलकुलेशन को लेकर है कंफ्यूजन? I-T पोर्टल का टूल करेगा मदद, बचेगी पेनल्टीक्या Karta बिना सबकी मंजूरी के बेच सकता है HUF प्रॉपर्टी? जानिए एक्सपर्ट की राय10 साल में 1896% रिटर्न, अब हर शेयर 30 रुपये डिविडेंड देगा यह NBFC Stock; चेक करें रिकॉर्ड डेटविश्व बैंक प्रमुख की चेतावनी: ईरान युद्ध के बाद भी मंडरा रहा वैश्विक रोजगार संकटAshish Kacholia portfolio: दिग्गज निवेशक ने Q4 में इन 4 शेयरों में बढ़ाया स्टेक, 1 साल में 70% तक मिला रिटर्न

Maharashtra: गन्ना पेराई का सीजन समाप्त, उम्मीद से ज्यादा हुआ उत्पादन

Advertisement

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश 103.35 लाख टन चीनी उत्पादन के साथ दूसरे पायदान पर रहा। चीनी के दोनों प्रमुख राज्यों में पिछले साल से अधिक उत्पादन हुआ है।

Last Updated- May 16, 2024 | 6:35 PM IST
Sugar cane crushing-production

Sugar Production: महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सत्र 2023-24 का समापन हो गया। राज्य की सभी चीनी मिलों ने पेराई बंद कर दी है। इस सीजन में चीनी का सबसे अधिक उत्पादन महाराष्ट्र में हुआ है।

राज्य में अनुमान से अधिक 110.17 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल राज्य में 105.34 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

चीनी आयुक्तालय के रिपोर्ट के मुताबिक सीजन 2023-24 में कुल मिलाकर 207 चीनी मिलों ने पेराई में भाग लिया था। जिसमे 103 सहकारी एवं 104 निजी चीनी मिलें शामिल थी। चीनी मिलों ने 1073.08 लाख टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है।

इस सीजन में राज्य में 1101.7 लाख क्विंटल (110.17 लाख टन) चीनी का उत्पादन किया गया है। जबकि पिछले सीजन में 211 चीनी मिलों ने पेराई में भाग लिया था और उन्होंने 1055.32 लाख टन गन्ना पेराई कर 1053.41 लाख क्विंटल (105.34 लाख टन) चीनी का उत्पादन किया ।

इस सीजन में चीनी रिकवरी में मामूली बढ़ोतरी भी नजर आ रही है। सीजन 2023-24 में राज्य में चीनी रिकवरी 10.25 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले सीजन में चीनी रिकवरी 10.00 प्रतिशत थी।

सबसे ज्यादा चीनी रिकवरी कोल्हापुर विभाग 11.59 प्रतिशत, पुणे विभाग में 10.54 फीसदी, सोलापुर विभाग में 9.4 प्रतिशत, अहमदनगर विभाग में 9.98 प्रतिशत, छत्रपति संभाजी नगर विभाग में 8.96 प्रतिशत, नांदेड़ विभाग में 10.27 प्रतिशत, अमरावती विभाग में 9.42 प्रतिशत और नागपुर विभाग में 6.74 प्रतिशत चीनी रिकवरी दर रही।

राज्य में उत्पादन के हिसाब कोल्हपुर विभाग में सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन हुआ जबकि सबसे कम चीनी का उत्पादन नागपुर इलाके में हुआ।

चीनी उत्पादन के प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक कोल्हपुर विभाग में 280.64 लाख क्विंटल, पुणे विभाग में 251.31 लाख क्विंटल, सोलापुर विभाग में 206.59 लाख क्विंटल, अहमदनगर विभाग में 141.12 लाख क्विंटल, छत्रपति संभाजी नगर विभाग में 88.53 लाख क्विंटल, नांदेड़ विभाग में 120.85 लाख क्विंटल, अमरावती विभाग में 9.39 लाख क्विंटल और नागपुर विभाग में 3.27 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ।

पेराई सीजन 2023-24 में देश में चीनी का उत्पादन (Sugar Production) में पिछले साल से थोड़ा कम होने का अनुमान लगाया गया है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के आंकड़ों के मुताबिक चीनी सीजन 2023-24 में अक्टूबर से 30 अप्रैल तक 315.90 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है, जो पिछली समान अवधि के 321.65 लाख टन उत्पादन से 1.79 फीसदी कम है।

देशभर में चीनी सीजन 2023-24 में 321.35 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले सीजन के 330.90 लाख टन उत्पादन से 2.88 फीसदी कम है।

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश 103.35 लाख टन चीनी उत्पादन के साथ दूसरे पायदान पर रहा। चीनी के दोनों प्रमुख राज्यों में पिछले साल से अधिक उत्पादन हुआ है। फिर भी कुल उत्पादन घटने की प्रमुख वजह तीसरे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य कर्नाटक में चीनी उत्पादन में कमी आना है।

Advertisement
First Published - May 16, 2024 | 6:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement