facebookmetapixel
Advertisement
Explainer: म्युचुअल फंड में ₹3,811 करोड़ अनक्लेम्ड, कहीं आपका पैसा तो नहीं? ऐसे करें चेक और क्लेमUpcoming IPO This Week: इस हफ्ते खुलेंगे 8 नए IPOs, ₹5,499 करोड़ से ज्यादा जुटाएंगी कंपनियांशेयर बाजार की इस हफ्ते कैसी रहेगी चाल? अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल और फेड के फैसले पर टिकी नजरेंभारतीय शेयर बाजार में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, अगस्त में अब तक लगाए 16,621 करोड़ रुपयेशेयर बाजार में मंदी की मार, टॉप-5 कंपनियों के ₹1 लाख करोड़ स्वाहा; TCS को लगा सबसे बड़ा झटकापश्चिम एशिया संकट से सरकार ने लिया सबक, LPG उत्पादन के लिए 21 रिफाइनरियों को दिए नए टारगेटLPG e-KYC की आज आखिरी तारीख, नहीं कराया तो घरेलू रेट पर सिलेंडर मिलने में आएगी दिक्कतदिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा मौसम का मिजाजE20 पर फिर सरकार की सफाई: सिर्फ एथेनॉल वाले पेट्रोल से नहीं घटता माइलेज, कई और फैक्टर्स भी शामिलAI नौकरियां छीनेगा या बनाएगा अमीर? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक कियोसाकी ने युवाओं को दी खास सलाह

Maharashtra: गन्ना पेराई का सीजन समाप्त, उम्मीद से ज्यादा हुआ उत्पादन

Advertisement

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश 103.35 लाख टन चीनी उत्पादन के साथ दूसरे पायदान पर रहा। चीनी के दोनों प्रमुख राज्यों में पिछले साल से अधिक उत्पादन हुआ है।

Last Updated- May 16, 2024 | 6:35 PM IST
Sugar prices

Sugar Production: महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सत्र 2023-24 का समापन हो गया। राज्य की सभी चीनी मिलों ने पेराई बंद कर दी है। इस सीजन में चीनी का सबसे अधिक उत्पादन महाराष्ट्र में हुआ है।

राज्य में अनुमान से अधिक 110.17 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल राज्य में 105.34 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

चीनी आयुक्तालय के रिपोर्ट के मुताबिक सीजन 2023-24 में कुल मिलाकर 207 चीनी मिलों ने पेराई में भाग लिया था। जिसमे 103 सहकारी एवं 104 निजी चीनी मिलें शामिल थी। चीनी मिलों ने 1073.08 लाख टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है।

इस सीजन में राज्य में 1101.7 लाख क्विंटल (110.17 लाख टन) चीनी का उत्पादन किया गया है। जबकि पिछले सीजन में 211 चीनी मिलों ने पेराई में भाग लिया था और उन्होंने 1055.32 लाख टन गन्ना पेराई कर 1053.41 लाख क्विंटल (105.34 लाख टन) चीनी का उत्पादन किया ।

इस सीजन में चीनी रिकवरी में मामूली बढ़ोतरी भी नजर आ रही है। सीजन 2023-24 में राज्य में चीनी रिकवरी 10.25 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले सीजन में चीनी रिकवरी 10.00 प्रतिशत थी।

सबसे ज्यादा चीनी रिकवरी कोल्हापुर विभाग 11.59 प्रतिशत, पुणे विभाग में 10.54 फीसदी, सोलापुर विभाग में 9.4 प्रतिशत, अहमदनगर विभाग में 9.98 प्रतिशत, छत्रपति संभाजी नगर विभाग में 8.96 प्रतिशत, नांदेड़ विभाग में 10.27 प्रतिशत, अमरावती विभाग में 9.42 प्रतिशत और नागपुर विभाग में 6.74 प्रतिशत चीनी रिकवरी दर रही।

राज्य में उत्पादन के हिसाब कोल्हपुर विभाग में सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन हुआ जबकि सबसे कम चीनी का उत्पादन नागपुर इलाके में हुआ।

चीनी उत्पादन के प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक कोल्हपुर विभाग में 280.64 लाख क्विंटल, पुणे विभाग में 251.31 लाख क्विंटल, सोलापुर विभाग में 206.59 लाख क्विंटल, अहमदनगर विभाग में 141.12 लाख क्विंटल, छत्रपति संभाजी नगर विभाग में 88.53 लाख क्विंटल, नांदेड़ विभाग में 120.85 लाख क्विंटल, अमरावती विभाग में 9.39 लाख क्विंटल और नागपुर विभाग में 3.27 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ।

पेराई सीजन 2023-24 में देश में चीनी का उत्पादन (Sugar Production) में पिछले साल से थोड़ा कम होने का अनुमान लगाया गया है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के आंकड़ों के मुताबिक चीनी सीजन 2023-24 में अक्टूबर से 30 अप्रैल तक 315.90 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है, जो पिछली समान अवधि के 321.65 लाख टन उत्पादन से 1.79 फीसदी कम है।

देशभर में चीनी सीजन 2023-24 में 321.35 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले सीजन के 330.90 लाख टन उत्पादन से 2.88 फीसदी कम है।

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश 103.35 लाख टन चीनी उत्पादन के साथ दूसरे पायदान पर रहा। चीनी के दोनों प्रमुख राज्यों में पिछले साल से अधिक उत्पादन हुआ है। फिर भी कुल उत्पादन घटने की प्रमुख वजह तीसरे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य कर्नाटक में चीनी उत्पादन में कमी आना है।

Advertisement
First Published - May 16, 2024 | 6:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement