facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

खाद्य तेलों के निर्यात पर सीमित छूट

Last Updated- December 08, 2022 | 4:42 AM IST

महंगाई दर के दहाई से नीचे आते ही सरकार ने खाद्य तेलों के निर्यात पर लगी पाबंदी में आंशिक छूट दे दी है।


गुरुवार को जारी आदेश में बताया गया है कि 5 किलोग्राम के कंज्यूमर ब्रांडेड पैकेट में करीब 10 हजार टन खाद्य तेलों का निर्यात किया जा सकता है। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

यह छूट केवल कंज्यूमर पैकेट पर ही दी गई है वह भी अक्टूबर 2009 तक। हालांकि मछली तेल का निर्यात अब पूरी तरह से प्रतिबंध मुक्त हो गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय के मुताबिक, निर्यात किए जाने वाले खाद्य तेलों की मात्रा की निगरानी के लिए वाणिज्य मंत्रालय एक उपयुक्त ढांचा बनाएगा।

मालूम हो कि महंगाई पर लगाम लगाने के लिए 17 मार्च 2008 को सरकार ने खाद्य तेलों के निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी और तब से यह पाबंदी चली आ रही थी।

मालूम हो कि भारत प्रीमियम किस्म के करीब 10 हजार टन खाद्य तेलों का निर्यात करता है। निर्यात होने वाले तेलों में नारियल, तिल, सरसों और मूंगफली शामिल हैं।

ये निर्यात या तो कंज्यूमर पैक में होते हैं या थोक में। जिंस कीमतों में कमी होने के बाद अब सरकार खाद्य तेलों के निर्यात पर लगी पाबंदी में छूट दे रही है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अशोक सेतिया ने बताया कि सरकार के निर्णय का केवल उन कारोबारियों पर ही असर होगा जो विदेशों में खाद्य तेलों की खुदरा बिक्री करते हैं।

First Published - November 20, 2008 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट