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इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के दो टूक, Trump Tariff का नहीं होगा चावल कारोबार पर असर

अमेरिका के भारतीय चावल पर लगाए 25% टैक्स को लेकर IREF ने कहा कि यह "अस्थायी चुनौती" है। वर्ष 2023-24 में भारत ने अमेरिका को लगभग 2.34 लाख टन चावल निर्यात किया था। I

Last Updated- August 04, 2025 | 6:13 PM IST
Rice stocks

भारतीय चावल निर्यातकों को बड़ी राहत देते हुए ईरान ने चार महीने पुराना चावल आयात प्रतिबंध हटा लिया है। इस फैसले से भारत के चावल निर्यात को मजबूती मिलेगी और अमेरिकी टैरिफ के असर को भी कम किया जा सकेगा। भारतीय चावल निर्यातक संघ (IREF) के अध्यक्ष प्रेहल गर्ग ने बताया, “यह फैसला बहुत अहम है क्योंकि ईरान भारतीय चावल का एक प्रमुख खरीदार है, जहां हर साल 10 लाख टन से ज्यादा चावल भारत से जाता है। प्रतिबंध हटने से हमारे निर्यात को बड़ा संबल मिलेगा।”  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतें नियंत्रित करने के लिए आयात पर लगी चार महीने की रोक हटा दी है।

IREF  अध्यक्ष ने कहा कि इससे भारत को अपने व्यापारिक विकल्पों का विस्तार करने और नए बाजारों में विविधता लाने में मदद मिलेगी। गर्ग ने बताया कि इससे भारत के लिए व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे, और देश अपने निर्यात को अधिक विविध बाजारों में फैला सकेगा। उन्होंने कहा, “भारत अभी वैश्विक चावल व्यापार का 45% हिस्सा रखता है, और यदि सही नीति और सहयोग मिले तो हम इस हिस्से को बढ़ाकर 55% तक ले जा सकते हैं।”

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IREF के अनुसार, भारत फिलहाल वैश्विक चावल व्यापार का 45% से अधिक हिस्सेदारी रखता है। गर्ग ने कहा कि उचित सहयोग और दूरदर्शिता के साथ भारत इस हिस्सेदारी को 55% तक ले जा सकता है, जिससे चुनौतियों के बीच नए अवसर सृजित होंगे।

हाल ही में अमेरिका द्वारा भारतीय चावल सहित अन्य वस्तुओं पर लगाए गए 25% टैक्स को लेकर IREF ने कहा कि यह “अस्थायी चुनौती” है और इससे चावल सेक्टर को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। वर्ष 2023-24 में भारत ने अमेरिका को लगभग 2.34 लाख टन चावल निर्यात किया था। IREF भारत के 7,500 से अधिक चावल उत्पादकों, निर्यातकों और मिलर्स का प्रतिनिधित्व करता है।

First Published - August 4, 2025 | 6:01 PM IST

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