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ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई ने पकड़ी रफ्तार: दलहन और तिलहन के रकबे में दर्ज हुई भारी बढ़त

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देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई 21.30 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। वहीं, इस्मा ने चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 324 लाख टन कर दिया है

Last Updated- February 25, 2026 | 10:46 PM IST
Corn Plant
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई जोर पकड़ने लगी है। कृषि व किसान कल्याण विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक ग्रीष्मकालीन फसलों का रकबा 20 फरवरी तक बढ़कर 21.30 लाख हेक्टेयर पहुंच गया, जो पिछली समान अवधि के रकबा 20.38 लाख हेक्टेयर से अधिक है। धान का उत्पादन क्षेत्र तो 17.78 लाख हेक्टेयर के गत वर्ष के स्तर पर ही स्थिर है लेकिन दलहन फसलों का रकबा बढ़कर 91 हजार हेक्टेयर हो गया जो पिछले साल इस समय तक 76 हजार हेक्टेयर था।

ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों का इस सीजन में औसत रकबा 23.40 लाख हेक्टेयर होता है। दलहन फसलों में मूंग का रकबा पिछले साल के 56 हजार से बढकर 59 हजार हेक्टेयर एवं उड़द का 19 हजार से बढ़कर 25 हजार हेक्टेयर पहुंच गया है।

तिलहनों का रकबा 77 हजार से उछलकर 1.24 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मूंगफली का रकबा पिछले साल के 60 हजार से बढ़कर 1.04 लाख हेक्टेयर हो गया। हालांकि तिल का रकबा 12 हजार हेक्टेयर के स्तर पर ही स्थिर रहा। सूरजमूखी के रकबे में भी थोड़ा सुधार हुआ है।

वहीं मोटे अनाजों का क्षेत्रफल 1.08 लाख से बढ़कर 1.38 लाख हेक्टेयर हो गया।  इन फसलों में बाजरा का रकबा 14 हजार से गिरकर 12 हजार हेक्टेयर रह गया। मगर मक्का का क्षेत्रफल 89 हजार से बढ़कर 1.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

चीनी उत्पादन

चालू सीजन के दौरान देश में चीनी का उत्पादन पहले के अनुमान से कम हो सकता है। लेकिन चीनी उत्पादन में पिछले साल की तुलना में वृद्धि होने का अनुमान है। चीनी उद्योग के प्रमुख संगठन इंडियन सुगर ऐंड बायो एनर्जी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने तीसरे अग्रिम अनुमान के तहत देश में चीनी उत्पादन 2025-26 विपणन वर्ष के लिए 5.57 प्रतिशत घटाकर 324 लाख टन कर दिया है। पहले इस्मा ने 343.5 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया था।

इस्मा ने उत्पादन अनुमान से कम होने की वजह प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कम उत्पादन होना बताई है। हालांकि पिछले सीजन से इस सीजन कुल उत्पादन अधिक होने का अनुमान है। पिछले सीजन में देश में चीनी का उत्पादन 296.2 लाख टन था, जबकि चालू सीजन में यह बढ़कर 324 लाख टन होने का अनुमान है।

एथनॉल के लिए 31 लाख टन चीनी के हस्तांतरण के बाद चीनी की कुल उपलब्धता 293 लाख टन रहने वाली है, जो वर्ष 2024-25 में 261.2 लाख टन की उपलब्धता से अधिक है। 50 लाख टन के शुरुआती स्टॉक को शामिल करते हुए कुल उपलब्धता 343 लाख टन होगी, जो घरेलू खपत 283 लाख टन से ज्यादा है। इस्मा ने निर्यात के लिए 7 लाख टन और क्लोजिंग स्टॉक 53 लाख टन रहने का अनुमान जताया है।

महाराष्ट्र में चीनी का कुल उत्पादन 106 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 92.5 लाख टन टन और कर्नाटक में 48.4 लाख टन होने का अनुमान है। सभी राज्यों में पहले के उत्पादन में कटौती की गई। फिर भी चालू सीजन में उत्पादन पिछले सीजन से ज्यादा रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में कम पैदावार का कारण किस्मों के परिवर्तन कार्यक्रम को बताया गया है, हालांकि रिकवरी दर में सुधार हुआ है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में अतिरिक्त बारिश के कारण कमी आई है। 

(साथ में एजेंसियां)

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First Published - February 25, 2026 | 10:29 PM IST

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