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महंगा होने के बावजूद मेवे की बढ़ी मांग

Last Updated- December 07, 2022 | 11:09 PM IST

मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने से इस साल त्योहारी सीजन में सूखे मेवे की कीमतों में 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।


सूखे मेवे की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पिछले साल के मुकाबले इस साल इसकी मांग में करीब 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसकी मुख्य वजह त्योहारों में सूखे मेवे का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के साथ इन्हे उपहार में देने का बढ़ता चलन माना जा रहा है।

मुंबई में सूखे मेवे की थोक मंडी बंदर मस्जिद के एक थोक व्यापारी के अनुसार इस बार खुदरा खरीदारों की ओर से मांग कम है, जबकि बड़ी दुकानों और कॉर्पोरेट ऑफिसों में मांग पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। खरीदारों के रुझान में आए इस बदलाव का कारण महंगाई है।

पिछले साल बादाम 450-500 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो इस साल 550-600 रुपये प्रति किलोग्राम है। पिस्ता 700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है,जबकि पिछले साल यह 400-500 रुपये प्रति किलोग्राम में मिल रहा था।

काजू की कीमतों में भी 100 से 150 रुपये का उछाल देखने को मिल रहा है, पिछले साल 500 रुपये प्रति किलोग्राम मिलने वाल काजू इस वर्ष 600 रुपये में भी मिलना मुश्किल हो रहा है। अखरोट के दाम में भी 10 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

व्यापारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ महीनों से अमरनाथ जमीन मुद्दे को लेकर उठे विवाद के कारण वहां से अखरोट की आपूर्ति देश के दूसरे हिस्सों में न हो पाने की वजह से अखरोट की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और दीवाली तक इसमें कुछ और वृद्धि हो सकती है।

अमेरिकन ड्राई फ्रूट्स (एडीएफएस) के निदेशक मनोज ठक्कार सूखे मेवे की कीमतों में हुई वृद्धि की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना बताते हैं। उनके अनुसार देश में मांग की तुलना में सूखे मेवे की पैदावार कम होती है। बाजार में अच्छी क्वालटी के सूखे मेवे जो दिखते हैं, उनमें से ज्यादातर आयातित होते है।

त्योहारी मौसम में इनकी मांग भी पिछले साल की अपेक्षा काफी ज्यादा है, क्योंकि दूसरे सामानों की अपेक्षा सूखा मेवा सस्ता और अच्छा उपहार माना जाता है। मनोज के अनुसार लोग अब काफी ज्यादा अपनी सेहत को लेकर सचेत रहते है, जिसकी वजह से लोग परंपरागत मिठाइयों की जगह सूखे मेवे और शहद से बनी मिठाइयों को पसंद कर रहे है, जिससे मांग में 10 से 20 फीसदी तक का उछाल दिखाई दे रहा है।

एम एच फूड्स लिमिटेड के समीर ठक्कर के अनुसार बाजार में सूखे मेवे की कीमतों में वृद्धि के बावजूद मांग के जोर पकडने की दूसरी वजह यह है कि पिछले कुछ सालों से कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को दीवाली पर चाइनिज इलेक्ट्रानिक सामानों का गिफ्ट देते थे, लेकिन चाइना के सामानों का क्रेज लगभग खत्म हो रहा है, इसलिए अब कंपनियां अपने कर्मचारियों को दीवाली में गिफ्ट्स देने के लिए सूखे मेवे को प्राथमिकता दे रही हैं।

उनके अनुसार पिछले साल की अपेक्षा कॉर्पोरेट सेक्टर से इस साल सूखे मेवे के गिफ्ट्स पैक की मांग ज्यादा है। अभी तक मिले आर्डर्स के आधार पर कहा जा सकता है कि इस बार दीवाली में सूखे मेवे की मांग कॉर्पोरेट सेक्टर में करीब 20 फीसदी ज्यादा है।

First Published - October 10, 2008 | 12:39 AM IST

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