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बेहतर पैदावार से ग्वार व इसके उत्पाद हुए सस्ते

Last Updated- December 08, 2022 | 1:46 AM IST

मौजूदा सीजन में ग्वार उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद के चलते बाजार में ग्वार की कीमतों में कमी का अनुमान है। राजस्थान के कारोबारियों ने ये अनुमान लगाए हैं।


वैसे पहले से ही ग्वार के अगले महीने के वायदा अनुबंध का भाव 1,500 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे चल रहा है। घरेलू बाजार में ग्वार की कम मांग और विदेशी बाजारों से सामान्य खपत के कारण ग्वार बीजों और ग्वारगम की कीमतों में तेजी नहीं हो रही है।

जुलाई-अगस्त में ग्वार की बुआई के समय कमोडिटी मामलों के जानकारों का कहना था कि ग्वार बीजों के कारोबार में तेजी जारी रहेगी। जानकारों का तो यहां तक कहना था कि कीमतें कभी भी 1,500 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे नहीं आएगी। बहरहाल, मौजूदा हालात नरमी के संकेत दे रहे हैं।

ग्वार के मुख्य उत्पादक क्षेत्र जैसे राजस्थान में कम बारिश की उम्मीद के चलते ग्वार के उत्पादन सीमित रहने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में अच्छी बारिश होने से ग्वार का उत्पादन पिछले साल के 75 हजार टन की तुलना में इस साल करीब एक लाख टन होने का अनुमान व्यक्त किया गया।

कमोडिटी विश्लेषकों के मुताबिक, उत्पादन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होने से ग्वारबीजों की कीमतों में कमी आई है। एग्रीवाच कमोडिटीज के एक विश्लेषक ने बताया कि इसकी कीमतों में अभी और कमी होगी। उम्मीद है कि कीमतें 100 रुपये नीचे गिरकर 1,380 रुपये प्रति क्विंटल तक चली जाएगी। ग्वारगम के मुख्य उत्पादों जैसे-चूरी और कुर्मा की मांग मुख्यत: खाड़ी के देशों से हुआ करती है।

First Published - October 29, 2008 | 10:44 PM IST

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