facebookmetapixel
फ्लाइट में पावर बैंक पर सख्ती: DGCA के आदेश के बाद एयरलाइंस ने बदला नियम, यात्रियों के लिए अलर्टZomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप

उत्पादन और आवक की कमी से चना गरम, तेजी से बढ़े दाम

खुदरा बाजार में चना 90 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इस साल चने का MSP 5,440 रुपये प्रति क्विंटल है।

Last Updated- May 27, 2024 | 5:08 PM IST
Chana import duty

Chana Price: रबी सीजन की प्रमुख दलहन फसल चना के दाम तेजी से बढ़े हैं। चालू महीने में चना का भाव 24 फीसदी से अधिक बढ़ चुके हैं। कीमतों में तेजी की वजह आवक में कमी और मांग में तेजी को माना जा रहा है। हालांकि मंडी कारोबारियों की मानी जाए तो चुनाव के कारण सरकारी दबाव होने के कारण कीमतें कम थी लेकिन चुनावी लगाम छूटते ही कीमतें और तेजी से बढ़ेगी।

उत्पादन कम होने की खबरों ने चना के भाव को हवा दे दी। इसी महीने चार मई को बीकानेर की थोक मंडी में चना 5789 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था जो बढ़कर 7200 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। दिल्ली मंडी में चना का दाम बढ़कर 7337 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। जबकि मई 2023 में चना का औसत दाम 5000 रुपये प्रति क्विंटल था। खुदरा बाजार में चना 90 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इस साल चने का MSP 5,440 रुपये प्रति क्विंटल है।

चना की कीमतों में आ रही तेजी को नियंत्रित करने के मकसद से केंद्र सरकार ने 3 मई को चना के आयात पर लगने वाले शुल्क को हटाने की घोषणा की थी। आयात शुल्क हटाने की घोषणा के साथ चना के दाम सरपट दौड़ने लगे।

बीकानेर मंडी के कारोबारी पुखराज चोपड़ा कहते हैं दरअसल आयात शुल्क हटाते ही किसानों और कारोबारियों के बीच यह बात पक्की हो गई कि इस बार उत्पादन कम है इसीलिए सरकार ने आयात के दरवाजे पूरी तरह से खोला है। इसके बाद स्टॉकिस्टों और किसानों ने दाम बढ़ने की उम्मीद के साथ माल रोकना शुरु कर दिया। मतदान खत्म होते ही कीमतें और तेजी से भागेगी, चना आठ हजार के पार जा सकता है।

कृषि मंत्रालय की ओर से जारी किए आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में 121.61 लाख मीट्रिक टन चना उत्पादन का अनुमान लगाया गया। हालांकि कारोबारियों का अनुमान 80 लाख टन का है, जबकि देश में चना की खपत करीब 100 लाख टन है।

2022-23 में 122.67 लाख टन उत्पादन हुआ था। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक वर्ष 2023-24 में 101.92 लाख हेक्टेयर में चना की खेती हुई जबकि 2022-23 के दौरान देश में 104.71 लाख हेक्टेयर में चने की खेती हुई थी।

First Published - May 27, 2024 | 5:08 PM IST

संबंधित पोस्ट