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फेड से रेट-कट की उम्मीद, सोना चढ़ा, चांदी उछली! निवेशकों को क्या करना चाहिए?

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फेड की संभावित रेट-कट, सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद और गिरती ग्लोबल सप्लाई ने सोना–चांदी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है

Last Updated- December 01, 2025 | 2:36 PM IST
Gold Price Outlook

Gold Price: सोने और चांदी की कीमतें इस समय लगातार ऊपर जा रही हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका की फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगी। इसी वजह से सोना लगभग 5 हफ्तों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है और चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। सोना करीब $4,240 प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया है, जो 5 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है।

केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि फेड की नरम टिप्पणियों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कमजोर रहने से बाजार में यह उम्मीद बढ़ गई है कि इस महीने ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती हो सकती है। मार्केट अब इसकी लगभग 87% संभावना मान रहा है। सोने को सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद और ETF इनफ्लो से भी सहारा मिल रहा है। सोने ने इस साल लगभग हर महीने बढ़त दर्ज की है और यह 1979 के बाद अपने सबसे मजबूत साल की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में सोना $4,380 के ऊपर भी पहुंच चुका है।

यह भी पढ़ें: Gold and Silver price today: चांदी ऑल टाइम हाई पर, सोना फिर 1.30 लाख रुपये के पार

सेंट्रल बैंक की खरीद लगातार 10 साल से बढ़ रही है, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का डेटा बताता है बड़ा ट्रेंड

World Gold Council के आंकड़ों के मुताबिक सेंट्रल बैंकों ने पिछले 10 सालों में रिकॉर्ड स्तर पर सोना खरीदा है। 2014 में 601 टन की खरीद से शुरू होकर यह आंकड़ा 2022 में 1,080 टन, 2023 में 1,050 टन और 2024 में 1,089 टन तक पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 3 सालों में सेंट्रल बैंकों की खरीद 2014–16 की तुलना में 104% अधिक रही है। H1 2025 के World Gold Council डेटा के अनुसार इस साल की पहली छमाही में 23 देशों ने अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाए। इसमें पोलैंड, अजरबैजान, कजाकिस्तान, चीन, तुर्की, कंबोडिया, क़तर और भारत शामिल हैं। यह डेटा स्पष्ट दिखाता है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करते हुए सोने को अधिक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।

Visual Capitalist की ताजा रिपोर्ट के अनुसार धरती पर जमीन के ऊपर मौजूद कुल सोना 2,16,265 टन है। इसमें 97,149 टन सोना ज्वेलरी के रूप में, 48,634 टन बार और कॉइन के रूप में, 37,755 टन सेंट्रल बैंक के पास और 32,727 टन इंडस्ट्रियल उपयोगों में है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि जमीन के भीतर अभी भी 1,32,118 टन सोना रिजर्व और संसाधन के रूप में मौजूद है। जमीन के नीचे उपलब्ध यह सोना आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई को प्रभावित करता रहेगा और कीमतों पर इसका असर पड़ेगा।

कम सप्लाई और ज्यादा मांग के चलते चांदी $57 के ऊपर पहुंची

अजय केडिया कहते हैं कि चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। सोमवार को चांदी 1% से ज्यादा बढ़कर $57.29 प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई, जो एक नया रिकॉर्ड है। चीन के शंघाई वेयरहाउसों में चांदी का स्टॉक लगभग 10 साल के निचले स्तर पर है। सप्लाई कम और मांग ज्यादा होने से कीमतें ऊपर गई हैं। CME एक्सचेंज में हुई ट्रेडिंग समस्या का भी बाजार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। फेड की रेट-कट उम्मीदें और कमजोर लेबर डेटा चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को आकर्षक बना रहे हैं।

MyGold के फाउंडर और CEO अमोल बंसल का कहना है कि सोने और चांदी में जो तेजी दिख रही है, उसका सबसे बड़ा कारण ब्याज दर घटने की उम्मीद है। बंसल के अनुसार ब्याज दर कम होने पर सोने जैसे एसेट ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार अभी से बड़ी दर कटौती की उम्मीद कर रहा है, जबकि फेड ने अभी स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं।

उनका कहना है कि सोने के लिए $4,000 से $4,050 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस है। अगर सोना इस स्तर को पार करता है, तो आगे और तेज बढ़त दिख सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका का महंगाई वाला डेटा, फेड की मीटिंग में क्या बात हुई और पश्चिम एशिया तथा यूक्रेन में क्या हालात रहते हैं, इन सबका सोने की कीमत पर बड़ा असर पड़ेगा। चांदी के बारे में उन्होंने कहा कि चांदी महंगी तो इसलिए हो रही है क्योंकि बाजार में उसका स्टॉक कम है और उसकी मांग ज्यादा है, लेकिन इसमें थोड़ा सट्टा भी चल रहा है।

सेंट्रल बैंकों की खरीद बनी बड़ी ताकत, ETF इनफ्लो भी मजबूत

अमोल बंसल का कहना है कि कई देश अब डॉलर पर कम भरोसा कर रहे हैं और उसकी जगह ज्यादा सोना खरीद रहे हैं। इसी वजह से सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि ETF में भी काफी पैसा आ रहा है, जिससे पता चलता है कि लोग सोने पर भरोसा कर रहे हैं। बंसल ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका के आर्थिक आंकड़े अचानक अच्छे आ गए, डॉलर मजबूत हो गया या फेड ने सख्त फैसला लिया तो सोना और चांदी दोनों की कीमत गिर सकती है। उन्होंने आम लोगों को सलाह दी कि एक बार में ज्यादा सोना न खरीदें, बल्कि धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा खरीदें। उनका कहना है कि अगर MCX पर सोना लगभग ₹1,20,000 प्रति 10 ग्राम के पास मिले तो वह खरीदने का अच्छा अवसर होगा। लंबे समय के निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में सुरक्षा के लिए 10–15% हिस्सा सोने में रखना चाहिए।

गोल्डमैन सैक्स का सर्वे, 70% बड़े निवेशक मानते हैं सोना और बढ़ेगा

गोल्डमैन सैक्स के सर्वे में 900 से ज्यादा ग्लोबल इनवेस्टर्स शामिल हुए। लगभग 70% निवेशकों ने कहा कि सोने की कीमत आने वाले सालों में और बढ़ेगी। 36% निवेशकों का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना $5,000 प्रति औंस से ऊपर जा सकता है। 33% निवेशकों का मानना है कि सोना $4,500 से $5,000 के बीच रहेगा। केवल करीब 5% निवेशक ही सोने के $3,500 से $4,000 तक गिरने की उम्मीद कर रहे हैं। इस साल सोना अब तक लगभग 61% बढ़ चुका है और लगातार तीसरे साल डबल-डिजिट रिटर्न की राह पर है।

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First Published - December 1, 2025 | 2:36 PM IST

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