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आदिवासियों की कालीमिर्च जाएगी जर्मनी

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Last Updated- December 05, 2022 | 9:11 PM IST

केरल के इडुक्की जिले में आदिवासियों द्वारा जैविक तकनीक से उपजाई गई कालीमिर्च जर्मनी को निर्यात की जाएगी।


राज्य वन विभाग की एक योजना के तहत यह निर्यात किया जा रहा है। इस योजना के पहले चरण में, जर्मनी की ईको हर्ब्स एंड स्पाइसेस को यह कालीमिर्च बेची जाएगी। राज्य के वन मंत्री बिनॉय विश्वम ने बताया कि आधिकारिक तौर पर इस योजना की शुरूआत इस महीने की 12 तारीख से की जाएगी।


राज्य के मन्नार, माल्लियन, औरोली और पेरियार टाइगर रिजर्व के पास स्थित मन्नारकुडी और वैनसिहव्याल क्षेत्र के आदिवासी कालीमिर्च की पारंपरिक खेती करते रहे हैं। पेरियार फाउंडेशन और पेरियार ईको-डेवलपेंट कमिटी के सहयोग से शुरू की गई इस योजना के जरिए ये आदिवासी कालीमिर्च की जैविक खेती कर रहे हैं। पर्यावरणीय समितियों के लिए काम करने वाली पेरियार फाउंडेशन राज्य की सर्वोच्च संस्था है जो आदिवासियों की मदद करने वाली नोडल इकाई है।

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First Published - April 11, 2008 | 12:01 AM IST

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