facebookmetapixel
Budget 2026 में Cryptocurrency को लेकर क्या बदलाव होने चाहिए?Stock Market: IT शेयरों की तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में, बढ़त रही सीमितJio Q3 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.3% बढ़कर ₹7,629 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़तAbakkus Flexi Cap का पहला पोर्टफोलियो आउट, फंड ने बताया कहां लगा है ₹2,468 करोड़; देखें पूरी लिस्ट1 अप्रैल से म्यूचुअल फंड के नए नियम: SEBI ने परफॉर्मेंस के हिसाब से खर्च लेने की दी इजाजतReliance Q3FY26 results: रिटेल बिजनेस में कमजोरी के चलते मुनाफा ₹18,645 करोड़ पर स्थिर, रेवेन्यू बढ़ाProvident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटल

कच्चे तेल के प्रसंस्करण में 8 प्रतिशत की वृद्धि

Last Updated- December 15, 2022 | 4:23 AM IST

घरेलू रिफाइनरियों ने जून महीने में ईंधन बनाने को लेकर कच्चे तेल के प्रसंस्करण में निरंतर बढ़ोतरी जारी रखी और पिछले महीने के मुकाबले इसमें 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह ‘लॉकडाउन’ पाबंदियों में ढील के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेजी को बताता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के गुरुवार को जारी आंकड़े के अनुसार करीब दो दर्जन रिफाइनरियों ने अप्रैल में ‘लॉकडाउन’ के कारण मांग कम होने से परिचालन दर कम कर 30 से 40 प्रतिशत कर दी थी। उन्होंने ‘लॉकडाउन’ के बाद जून महीने में 1.872 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर उसे ईंधन में बदला। यह पिछले महीने 1.727 करोड़ टन के मुकाबले अधिक है। हालांकि पिछले साल जून में 2.05 करोड़ टन के मुकाबले कच्चे तेल का प्रसंस्करण 9 प्रतिशत कम है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) अपनी नौ रिफाइनरियों में धीरे-धीरे परिचालन दर बढ़ा रही है। कंपनी की रिफाइनरियों की क्षमता का उपयोग अप्रैल के पहले सप्ताह में घटकर 45 प्रतिशत पर आ गया था। जून महीने में परिचालन दर 97 प्रतिशत से ऊपर रही। आंकड़े के अनुसार हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की मुंबई और विशाखापत्तनम में विशाख रिफाइनरी ने 106 प्रतिशत की क्षमता पर काम किया। वहीं भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की रिफाइनरियों ने 84 प्रतिशत क्षमता पर काम किया।
हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लगातार चौथे माह जून महीने में भी कच्चे तेल के प्रसंस्करण में कटौती की। कंपनी गुजरात के जामनगर में दो बड़े तेल रिफाइनिंग परिसर का परिचालन करती है। कंपनी की दो रिफाइनरियों ने जून महीने में 83 प्रतिशत की क्षमता पर काम किए जबकि मई में 91.72 प्रतिशत क्षमता पर काम किया था। वहीं अप्रैल में 94.8 प्रतिशत क्षमता और मार्च में 95.4 प्रतिशत क्षमता पर रिफाइनरियों ने काम किए। आरआईएल की रिफाइनरियों ने जून महीने में 46 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जो मई के 53 लाख टन के मुकाबले कम है। इस साल जून में प्रसंस्कृत तेल पिछले वर्ष इसी माह के मुकाबले 15 प्रतिशत कम है।
रोसनेफ्ट समर्थित न्यारा एनर्जी की गुजरात के वडीनार में 2 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली रिफाइनरी ने जून महीने में 84.8 प्रतिशत क्षमता पर काम किया जबकि मई में इसने 91.9 प्रतिशत क्षमता पर काम किया था। देश में कच्चे तेल का उत्पादन जून में 6 प्रतिशत घटकर 25 लाख टन रहा। इसका कारण केयर्न परिचालित राजस्थान तेलफील्ड में 15 प्रतिशत कम तेल उत्पादन का होना है। आंकड़ों के अनुसार ओएनजीसी का उत्पादन इस दौरान 1.1 प्रतिशत घटकर 16.6 लाख टन रहा। प्राकृतिक गैस का उत्पादन जून महीने में 12 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब घन मीटर (बीसीएम) रहा। इसका कारण उपयोगकर्ता उद्योगों के बंद होने से ओएनजीसी जैसी कंपनियों के उत्पादन में कटौती है। ऑयल ऐंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन का उत्पादन 9.4 प्रतिशत घटकर 1.8 बीसीएम रहा।

First Published - July 24, 2020 | 12:34 AM IST

संबंधित पोस्ट