facebookmetapixel
Advertisement
बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बैंकों को होगा फायदा, Q1 में ट्रेजरी मुनाफा बढ़ने की उम्मीदFiscal Deficit: अप्रैल-मई में सरकार का राजकोषीय घाटा 12 गुना बढ़ा, RBI डिविडेंड के बावजूद बढ़ा दबावRBI FSR: मार्च में बैंकों का एनपीए घटकर 0.4% पर, कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा फंसे कर्ज का दबावअर्थव्यवस्था मजबूत, पर मॉनसून और पश्चिम एशिया संकट से अब भी जोखिमडिबेंचर धारकों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, नियमों की होगी समीक्षाSEBI AIF Rules: निवेशकों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी, संबंधित पक्षों के सौदों पर 75% मंजूरी का प्रस्तावCrude Oil Outlook: दूसरी छमाही में कच्चा तेल औसतन 72 डॉलर रहने के आसार: बोफाकोविड के बाद सेंसेक्स की सबसे खराब पहली छमाही, मिड-स्मॉलकैप बने निवेशकों का सहारादुबई रियल एस्टेट में सुस्ती के बीच FY27 में डैन्यूब की नजर 4 अरब डॉलर की परियोजनाओं परARAI ने बदला फैसला, ऑटो पीएलआई स्कीम में अब पूरे साल लागू होगी एक ही विनिमय दर

ज्यादा उपज वाली जलवायु अनुकूल बीजों की 109 किस्में जारी, PM मोदी ने किसानों और वैज्ञानिकों से की बातचीत

Advertisement

प्रधानमंत्री ने दिल्ली के पूसा परिसर में 3 प्रायोगिक कृषि भूखंडों पर बीजों को पेश किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की।

Last Updated- August 11, 2024 | 9:58 PM IST
109 varieties of high yielding climate friendly seeds released, PM Modi interacted with farmers and scientists ज्यादा उपज वाली जलवायु अनुकूल बीजों की 109 किस्में जारी, PM मोदी ने किसानों और वैज्ञानिकों से की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कृषि और बागवानी फसलों की उच्च उपज वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सुदृढ़ीकृत बीजों की 109 किस्मों को जारी किया। इसमें अधिक बारिश वाले इलाकों के अनुकूल बीटी कपास और ज्यादा पैदावार देने वाली मूंग की किस्म भी शामिल है। सरकारी बयान में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाना है।

इन किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विकसित किया है और ये कुल 61 फसलों से संबंधित हैं। इनमें 34 खेतों में लगाई जाने वाली और 27 बागवानी की फसलें हैं।

बागवानी फसलों में प्रधानमंत्री ने नए किस्म के फलों, सब्जियों, पौधरोपण फसलों, ट्यूबर्स, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों के बीज जारी किए हैं। वहीं खेत वाली फसलों में मोटे अनाज, श्रीअन्न, चारा वाली फसलों, तिलहन, दलहन, गन्ना, कपास और रेशे वाली फसलों की नई किस्में जारी की गई हैं।

प्रधानमंत्री ने दिल्ली के पूसा परिसर में 3 प्रायोगिक कृषि भूखंडों पर बीजों को पेश किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की।

बयान के अनुसार मोदी ने किसानों के साथ इन नई किस्मों के महत्त्व पर चर्चा करते हुए कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्त्व पर जोर दिया। इस अवसर पर मौजूद किसानों ने कहा कि 61 फसलों से संबंधित ये नई किस्में कम लागत के कारण उनके लिए अत्यधिक लाभकारी होंगी।

प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न के महत्त्व पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि लोग किस तरह पौष्टिक भोजन का रुख कर रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभों और जैविक खेती के प्रति आम लोगों की बढ़ती रुचि के बारे में भी बात की। मोदी ने कहा कि लोगों ने जैविक खाद्य पदार्थों का उपभोग और मांग करना शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने किसानों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में सरकार के प्रयासों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की भूमिका की भी सराहना की। मोदी ने सुझाव दिया कि केवीके को हर महीने विकसित की जा रही नई किस्मों के लाभों के बारे में किसानों को सक्रिय रूप से बताना चाहिए।

Advertisement
First Published - August 11, 2024 | 9:58 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement