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… जब संसद सत्र से पहले विदेश से कोई ‘चिंगारी’ भड़काने का प्रयास नहीं हुआ: PM Modi का विपक्ष पर कटाक्ष

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। बजट सत्र 31 जनवरी से चार अप्रैल तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। सत्र का पहला भाग 13 फरवरी को समाप्त होगा।

Last Updated- January 31, 2025 | 12:57 PM IST
PM Modi
फोटो: पीटीआई

Pm Modi ahead Budeget Session 2025: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 2014 के बाद यह पहली बार है जब संसद का सत्र शुरु होने से पहले विदेश से कोई ‘चिंगारी’ भड़काने की कोशिश नहीं की गई। संसद के बजट सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘मैं 2014 से देख रहा हूं कि हर सत्र से पहले शरारत करने के लिए लोग तैयार बैठते थे और यहां उन्हें हवा देने वालों की कोई कमी नहीं है। 10 साल बाद यह पहला सत्र मैं देख रहा हूं, जिसमें किसी भी विदेशी कोने से कोई चिंगारी नहीं भड़काई गई।’’

शनिवार को पेश होने जा रहे अपनी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट से पूर्व मोदी ने यह प्रार्थना भी की कि आगामी आम बजट के मद्देनजर देश के हर गरीब एवं मध्यम वर्ग पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहे। बता दें, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। बजट सत्र 31 जनवरी से चार अप्रैल तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। सत्र का पहला भाग 13 फरवरी को समाप्त होगा और दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में संसद का यह बजट सत्र देशवासियों में एक नया विश्वास पैदा करेगा और उन्हें नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए अपने तीसरे कार्यकाल में मिशन मोड में काम कर रही है। साथ ही उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि नवोन्मेष, समावेश और निवेश ने सरकार के आर्थिक एजेंडे को आकार दिया है।

बजट से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी नई ऊर्जा

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे तीसरे कार्यकाल का यह पहला पूर्ण बजट है। मैं विश्वास से कह सकता हूं कि 2047 में जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब तक विकसित भारत का जो संकल्प देश ने लिया है, यह बजट सत्र और यह बजट उसमें एक नया विश्वास पैदा करेगा और नई ऊर्जा का संचार करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि हम देश की आशाओं-आकांक्षाओं के इस बजट सत्र में खरे उतरेंगे।’’

नवोन्मेष, समावेशिता और निवेश को देश की आर्थिक गतिविधि के रोडमैप का आधार करार देते हुए मोदी ने कहा कि इस सत्र में हमेशा की तरह कई ऐतिहासिक विधेयकों पर चर्चा होगी और व्यापक मंथन के साथ वे राष्ट्र की ताकत बढ़ाने वाले कानून बनेंगे।

मां लक्ष्मी का स्मरण किया

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को प्रणाम करके की और बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे अवसर पर सदियों से हमारे यहां मां लक्ष्मी का पुण्य स्मरण किया जाता है।

उन्होंने कहा, ”आज बजट सत्र के प्रारंभ मैं समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को प्रणाम करता हूं। और ऐसे अवसर पर सदियों से हमारे यहां मां लक्ष्मी का पुण्य स्मरण किया जाता है- सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मंत्रपूते सदा देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते। मां लक्ष्मी हमें सिद्धि और विवेक देती हैं, समृद्धि और कल्याण भी देती हैं। मैं मां लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि देश के हर गरीब एवं मध्यम वर्ग समुदाय पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहे।”

हमारा युवा देश है, युवा शक्ति है…

पीएम मोदी ने कहा, ”हमारा युवा देश है, युवा शक्ति है और आज जो 20-25 साल की आयु के नौजवान हैं, जब वे 45-50 साल के होंगे, तब वो विकसित भारत के सबसे बड़े बेनिफिशियरी होने वाले हैं। उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, नीति निर्धारण की व्यवस्था में उस जगह पर बैठे होंगे, कि वे गर्व के साथ आजादी के बाद जो शताब्दी शुरू होगी, एक विकसित भारत के साथ आगे बढ़ेंगे। और इसलिए ये विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति का प्रयास, ये अथाग मेहनत, आज जो हमारी, हमारे टीनएजर्स हैं, हमारी युवा पीढ़ी है, उनके लिए ये बहुत बड़ा तोहफा बनने वाली है।”

उन्होंने कहा, जो लोग 1930 में, 1942 में आजादी के जंग में जुट गए थे, पूरी देश की युवा पीढ़ी खप गई थी, आजादी के जंग में, और उसके फल, 25 साल के बाद जब पीढ़ी आई, उसको नसीब हुए। उस जंग में जो नौजवान थे, उनको नसीब हुए। आजादी के पूर्व के वो 25 साल, आजादी का जश्न बनाने का अवसर बना। वैसे ही ये 25 वर्ष समृद्ध भारत, विकसित भारत, ये संकल्प से सिद्धि और सिद्धि से शिखर तक पहुंचने का देशवासियों का इरादा, और इसलिए इस बजट सत्र में सभी सांसद विकसित भारत को मजबूती देने के लिए अपना योगदान देंगे, विशेषकर के जो युवा सांसद हैं, उनके लिए तो सुनहरा अवसर है, क्योंकि वो आज सदन में जितनी जागरुकता, जितनी भागीदारी बढ़ाएंगे और विकसित भारत के जो फल है, वो तो उनकी नजर के सामने देखने को मिलने वाले हैं। और इसलिए युवा सांसदों के लिए एक अनमोल अवसर है।

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First Published - January 31, 2025 | 12:55 PM IST

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