facebookmetapixel
Advertisement
Stocks to Watch Today: तेजस नेटवर्क्स, हीरो मोटोकॉर्प से एनबीसीसी तक, आज इन शेयरों पर रखें नजरUPI: एग्रीगेटर भी चाह रहे एमडीआर में हिस्सा, बैंकों पर निर्भरता घटाने की मांगउदारीकरण के 35 साल: भारत की तरक्की बढ़ी, लेकिन राज्यों की आय असमानता कायमनेपाल में बाढ़ का कहर: 290 भारतीय लापता, 359 लोगों की मौत की खबरSCO Summit: मोदी-पुतिन की बैठक तय, द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर फोकसआपात ऋण गारंटी योजना अचानक हुई बंद, ₹2.5 लाख करोड़ की गारंटी खत्म; MSMEs की बढ़ी चिंताFPI ने अगस्त में लगाए ₹27,186 करोड़, 23 महीने में सबसे बड़ी खरीदारी; क्या जारी रहेगी तेजी?NSE IPO को जल्द मिल सकती है सेबी की मंजूरी, अगले महीने आ सकता है इश्यूCAS से सेंसेक्स में एक्सपायरी पर भारी उतार-चढ़ाव, 2,000 अंक तक फिसला इंडेक्सहोर्मुज स्ट्रेट में अवरोध से ऊंची रहेंगी तेल कीमतें, 100 डॉलर पहुंचेगी

फार्मा नीति में देरी के लिए लॉबी जिम्मेदार

Advertisement
Last Updated- December 06, 2022 | 10:03 PM IST

केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति ने सरकार को लॉबी के प्रति आगाह किया है, जो नई फार्मा नीति में रोड़े अटका रहा है।


नीति को अंतिम रूप दिए जाने में हो रही देरी पर गुस्सा जाहिर करते हुए समिति ने कहा है कि उचित कीमतों पर दवाएं उपलब्ध कराना यूपीए सरकार के विभिन्न वायदों में से एक है। समिति का सुझाव ऐसे समय में आया है, जब मंत्रिसमूह ने एक हफ्ते पहले फार्मा नीति के मसौदे को अंतिम रूप दिए जाने पर चर्चा की थी।


स्वास्थ्य मंत्रालय के कुछ मुद्दों पर सहमत न होने के कारण इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि कुछ सुझाव उस बिल का एक हिस्सा होंगे जो राज्य सभा में विचाराधीन है।केमिकल और स्वास्थ्य सचिवों से इस समस्या का हल निकालने को कहा है।

Advertisement
First Published - May 8, 2008 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement