facebookmetapixel
Advertisement
IT डिपार्टमेंट ने ‘स्वैपिंग प्रोविजन्स’ के लिए 20,000 ITRs को किया फ्लैग: जानें अब आपके पास क्या है रास्ताEPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंडAIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यान

सीमित उत्तरदायित्व साझेदारी कानून को हरी झंडी

Advertisement
Last Updated- December 06, 2022 | 9:00 PM IST

छोटी और मझोली कंपनियों खासकर सेवा क्षेत्र में नई जान फूंकने के उद्देश्य से कैबिनेट ने आज सीमित उत्तरदायित्व साझेदारी कानून-2008 को मंजूरी दे दी है।


अगर ये कानून अमल में लाया जाता है तो उद्यमी बगैर किसी अनुमति के अपनी दुकानें खोल सकते हैं, जबकि बड़ी कंपनियों को इसके लिए अनुमति की जरूरत होती है।हाल ही में सीमित उत्तरदायित्व साझेदारी कानून-2006 को दिसंबर 2006 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इसे राज्य सभा में पेश किया गया और बाद में वित्त विभाग की स्थाई समिति के पास भेज दिया गया।


समिति ने कुछ परिवर्तन के साथ पिछले नवंबर में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। बहरहाल आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) की बैठक भी आज ही हुई और केमन आइसलैंड में पंजीकृत अगम एसपीवी सिक्स लि. के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इन प्रस्तावों में 1170 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से खुद या अपने सहयोगी के माध्यम से देश के वर्तमान एयरपोर्टों में सुधार या नए एयरपोर्ट विकसित करने की बात कही गई है। 


नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नियमों के मुताबिक इसका नियमन होगा और यह पूरी तरह से उसकी स्वीकृति पर निर्भर करेगा। इसमें उपभोक्ता मानकों के मुताबिक फंड के स्रोतों का खुलासा करना होगा। सीसीईए ने आज पुष्टिकारक (न्यूट्रिएंट ) आधारित फर्टिलाइजर सब्सिडी योजना को भी मंजूरी दे दी। इससे अब फर्टिलाइजर कंपनियों को अतिरिक्त पुष्टिकारकों को प्रोत्साहित करने के लिए खाद के निर्धारित दाम से 5 प्रतिशत ज्यादा मूल्य लेने की अनुमति होगी।


जिंक कोटेड यूरिया और बोरोनेटेड सिंगल सुपर फास्फेट के मामले में कंपनियों को निर्धारित सब्सिडी दर से 10 प्रतिशत ज्यादा कीमत लेने की अनुमति होगी। विनिर्माताओं को इसकी छूट होगी कि वे कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत वैल्यू एडेड खाद का उत्पादन कर सकें।


सरकार की यह कोशिश इसलिए सामने आई है कि रासायनिक खाद के प्रयोग से जमीन की ऊर्वरा शक्ति कम हो रही है और इसमें अतिरिक्त तत्व जोड़े जाने से उत्पादकता बढ़ेगी।

Advertisement
First Published - May 2, 2008 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement