facebookmetapixel
Stock Market today: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत के आसारवेनेजुएला देगा अमेरिका को 5 करोड़ बैरल तक तेल, ट्रंप बोले- बिक्री का पैसा मेरे नियंत्रण में रहेगाAI में आत्मनिर्भरता की जरूरत, भारत को सभी स्तरों पर निवेश करना होगा: अभिषेक सिंहAI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरा

इकोनॉमिक सर्वे में FY26 के दौरान 6.3-6.8 फीसदी GDP ग्रोथ का अनुमान

NSO के अनुमान के अनुसार, कमजोर विनिर्माण व निवेश के कारण भारत की जीडीपी के चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो चार साल का निम्नतम स्तर है।

Last Updated- January 31, 2025 | 11:52 AM IST
Indian Economy GDP
Representational Image

Economic Survey: आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट 6.3 से 6.8 फीसदी रहने अनुमान लगाया जा सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन और उनके दल की लिखित आर्थिक समीक्षा 2024-25 आज यानी शुक्रवार दोपहर संसद में पेश की जाएगी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुमान के अनुसार, कमजोर विनिर्माण व निवेश के कारण भारत की जीडीपी के चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो चार साल का निम्नतम स्तर है। यह पिछले वर्ष की आर्थिक समीक्षा में अनुमानित 6.5-7 प्रतिशत की वृद्धि दर तथा भारतीय रिजर्व बैंक के 6.6 प्रतिशत के अनुमान से भी कम है।

केंद्रीय बजट से एक दिन पहले हर वर्ष पेश की जाने वाली आर्थिक समीक्षा चालू वित्त वर्ष के वृहद आर्थिक प्रदर्शन का व्यापक विवरण और अगले वित्त वर्ष की स्थिति कैसी रहेगी इस पर भी जानकारी देती है।

कैसा था पिछले वित्त वर्ष का इकोनॉमिक सर्वे?

भारत में पिछले वित्त वर्ष की विकास दर और आर्थिक स्थिति की समीक्षा करते हुए, यह सामने आया है कि FY24 में देश की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8.2% की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण कंजम्पशन डिमांड में स्थिरता और निवेश मांग में बढ़ोतरी रहा।

वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 5.6% रह गया, जिसका श्रेय डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में वृद्धि और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से प्राप्त उच्च लाभांश के रूप में मिले कर राजस्व को दिया जा सकता है।

FY 2023-24 के दौरान भारत का पूंजीगत व्यय (Capex) ₹9.5 लाख करोड़ रहा। वहीं, ब्याज भुगतान पर बजट एक्सपेंडिचर कुल राजस्व एक्सपेंडिचर का 30.4% दर्ज किया गया।

भारत में, औसत खुदरा मुद्रास्‍फीति वित्‍त वर्ष 2022-23 में 6.7 प्रतिशत की तुलना में वित्‍त वर्ष 2023-24 में 5.4 प्रतिशत पर रही, जो कोविड-19 महामारी के बाद सबसे कम है। हालांकि, खाद्य महंगाई में तेज उछाल देखा गया और यह वित्त वर्ष 2023-24 में 7.5% पर पहुंच गई, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में यह 3.8% थी।

 

एजेंसी इनपुट के साथ

First Published - January 31, 2025 | 11:52 AM IST

संबंधित पोस्ट