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Economic Survey 2024: ये हैं इकनॉमिक सर्वे की 10 बड़ी बातें

वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा पेश इकनॉमिक सर्वे भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद जताई गई है।

Last Updated- July 22, 2024 | 3:32 PM IST
Finance Minister Nirmala Sitharaman

Economic Survey 2024 key points: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने आज सोमवार को वित्त वर्ष 2024-25 का इकनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश कर दिया। इसमें भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही इसमें कहा गया कि देश के फाइनेंशियल सेक्टर आउटलुक उज्ज्वल रहेगा। पेश है इकनॉमिक सर्वे 2024 की 10 बड़ी बातें…

1. देश की जीडीपी ग्रोथ रेट के FY25 में 6.5 से 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

2. सर्वे के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और उसका प्रभाव आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी के रुख को प्रभावित कर सकता है।

3. इकनॉमिक सर्वे 2024 के अनुसार, भारत को अपने ग्रोथ रेट को बढ़ावा देने और सामाजिक समावेशन को बनाए रखने के लिए 2030 तक हर साल 78.5 लाख नौकरियां पैदा करने की जरुरत है।

4. सर्वे में कंपनियों और बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत होने से निजी निवेश को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

5. सर्वे में कहा गया कि चीन से एफडीआई निवेश बढ़ने से भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में भागीदारी और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

6. वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा पेश इकनॉमिक सर्वे में बताया कि विदेश में बसे भारतीयों ने 2024 के दौरान देश में 124 अरब डॉलर का रेमिटेंस भेजे है। साल 2025 में इसके 129 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान।

7. इकनॉमिक सर्वे में जंक फूड को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसमें बताया गया कि करीब 54 प्रतिशत बीमारियां जंक फूड के कारण होती हैं। इसलिए बेलेंस और अलग-अलग तरह खाने की ओर बदलाव की जरूरत है।

8. इकनॉमिक सर्वे में कहा गया कि भारत की ग्रोथ स्टोरी में कैपिटल मार्केट प्रमुख भूमिका निभा रहा है। देसी स्टॉक मार्केट वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक झटकों के बीच जुझारू बना हुआ है।

9. इकनॉमिक सर्वे में कहा गया कि देश के फाइनेंशियल सेक्टर में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है। ऐसे में इस सेक्टर को वैश्विक या स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली संभावित कमजोरियों के लिए तैयार रहना चाहिए।

10. मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद और आयात की जाने वाले प्रमुख वस्तुओं की वैश्विक कीमतों में नरमी से महंगाई को लेकर आरबीआई (RBI) और आईएमएफ (IMF) के अनुमान ‘दुरुस्त’ नजर आते हैं। बता दें कि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर के 4.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है।

First Published - July 22, 2024 | 2:01 PM IST

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