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Budget 2025: NBFC और फिनटेक कंपनियों को बजट से मिलेगा बूस्ट? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

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ब्याज से होने वाली आय पर 10% टीडीएस छूट से नकदी में वृद्धि होगी, जिससे NBFC अधिक किफायती और सहज ऋण अनुभव प्रदान कर सकेंगी।

Last Updated- January 30, 2025 | 10:37 AM IST
Budget 2025: Will NBFC and Fintech companies get a boost from the budget? What do experts say NBFC और फिनटेक कंपनियों को बजट से मिलेगा बूस्ट? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Budget 2025, Fintech sector expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को लगातार 8वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह बजट कई आर्थिक चुनौतियों और संभावनाओं के बीच पेश किया जाएगा। फिनटेक सेक्टर ने बजट से काफी उम्मीदें लगा रखी हैं। इस इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में ऐसी नीतियों का ऐलान हो सकता है, जिसका फोकस वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, लोन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार पर ध्यान देंगी। इसके अलावा, फिनटेक कंपनियों ने बजट में रेगुलेटरी नियमों को सरल बनाने की मांग की है।

लोन सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़े फोकस

भारतलोन के फाउंडर अमित बंसल ने कहा, हम आगामी केंद्रीय बजट से ऐसी नीतियों की अपेक्षा रखते हैं, जो वित्तीय समावेशन (financial inclusion) को और बढ़ावा दें। लोन तक आसान पहुंच की बढ़ती मांग के साथ, विशेष रूप से अंडर-सर्व्ड बाजारों में, यह आवश्यक बनाती है कि सरकार डिजिटल बुनियादी ढांचे और नियामक समर्थन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगी।

बंसल ने कहा, “ऐसे कदम जो लेंडिंग प्रक्रिया को सरल बनाते हैं, ऑपरेशन कॉस्ट को कम करते हैं और इनोवेशन को बढ़ावा देते हैं। फिनटेक प्लेटफॉर्म को अधिक ग्राहकों तक पहुंचने में सक्षम बनाएंगे। हमें उम्मीद है कि यह बजट फिनटेक इकोसिस्टम को मजबूत करेगा और व्यापक जनसंख्या के लिए किफायती क्रेडिट समाधान उपलब्ध कराएगा।”

ब्याज से होने वाली आय पर 10% टीडीएस छूट की मांग

लेंडिंगप्लेट (UCIL) के फाउंडर और सीईओ कौशिक चटर्जी का मानना है कि फरवरी की पहली तारीख को पेश होने वाला यह बजट NBFC के लिए महत्वपूर्ण बाधाओं को दूर करने का अवसर है, जो सैलरीड एम्प्लाइज यानी वेतनभोगी कर्मचारियों को शार्ट टर्म लोन प्रदान करती हैं। SARFAESI एक्ट की सीमा को घटाकर 1 लाख रुपये करने से छोटे ऋणों की वसूली प्रक्रिया में सुधार होगा, जिससे उधारदाताओं की नकदी प्रवाह (cash flow) बेहतर होगी और उधारकर्ताओं को तेजी से लोन उपलब्ध होगा।

इसके अतिरिक्त, ब्याज से होने वाली आय पर 10% टीडीएस छूट से नकदी में वृद्धि होगी, जिससे NBFC अधिक किफायती और सहज ऋण अनुभव प्रदान कर सकेंगी। जैसे-जैसे वेतनभोगी पेशेवर आपातकालीन जरूरतों और जीवनशैली के लिए अल्पकालिक ऋण पर निर्भर हो रहे हैं, ये सुधार हमारे जैसे खिलाड़ियों को वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने और स्थायी विकास बनाए रखने में सक्षम बनाएंगे।

Also read: Budget से आम लोगों की क्या हैं उम्मीदें? जानें टैक्स में राहत, महंगाई से लेकर रोजगार तक क्या-क्या हो सकता है खास

रेगुलेटरी गाइडलाइंस को सरल बनाने की जरूरत

रूपी112 के फाउंडर विकास गोयल ने कहा ने कहा, हम ऐसी नीतिगत पहलों की उम्मीद कर रहे हैं जो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में NBFC की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करें। इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग एक ऐसा मुख्य क्षेत्र है, जहां NBFC अपनी फ्लेक्सिबल अंडरराइटिंग और कस्टमाइज़्ड सॉल्यूशंस के जरिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस दिशा में, हम उम्मीद करते हैं कि सरकार NBFC के लिए लॉन्ग टर्म फंडिंग मैकेनिज्म या पार्शियल क्रेडिट एन्हांसमेंट प्रोग्राम की घोषणा कर सकती है।

गोयल ने कहा, “हम सरकार से नियामक दिशानिर्देशों को सरल बनाने का भी आग्रह करते हैं, ताकि अनुपालन लागत कम हो और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा मिले। इस साल का बजट क्रेडिट फ्लो को बढ़ाने और ऑपरेशन बाधाओं को कम करने पर जोर दे, जिससे NBFC भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।”

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First Published - January 30, 2025 | 10:37 AM IST

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