facebookmetapixel
Advertisement
सावधान! भारत लौट रहे हैं तो जान लें गोल्ड और लैपटॉप के नए कस्टम नियम, वरना एयरपोर्ट पर होगी मुश्किलट्रंप की ईरान को नई धमकी: समय खत्म हो रहा है, 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलो, नहीं तो बरेपगा कहरयुद्ध लंबा चला तो प्रभावित होगा भारत का निर्यात, अर्थव्यवस्था और व्यापार पर सीधा असर: राजेश अग्रवाल‘पाषाण युग’ में भेजने की धमकी और पलटवार: ईरान की गिरफ्त में अमेरिकी पायलट? बढ़ी व्हाइट हाउस की बेचैनीLPG को लेकर डर के बीच यह सरकारी योजना बनी बड़ी राहत, 300 रुपये सस्ता मिल रहा सिलेंडर; ऐसे उठाएं लाभयुद्ध की मार: संकट में बीकानेर का नमकीन कारोबार, निर्यात में भारी गिरावट; व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलेंबोर्डिंग से पहले कैश बदलना भूल गए? अब एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने से ठीक पहले भी बदल सकेंगे रुपयेअब माता-पिता रखें बच्चों के खर्च पर नजर, UPI Circle से दें डिजिटल पॉकेट मनी और बनाएं पेमेंट आसानTRAI का जियो पर बड़ा एक्शन! ‘डिस्क्रिमिनेटरी’ टैरिफ पर सख्ती, 14 अप्रैल तक देना होगा जवाब; जानें पूरा मामलासरकार ने ईरानी तेल और पेमेंट संकट की खबरों को बताया गलत, कहा: देश में उर्जा सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित

Budget 2023: छोटे कारोबारियों को मिली सौगात

Advertisement
Last Updated- February 02, 2023 | 12:05 AM IST
Finance Ministry will meet bank heads बैंक प्रमुखों से मुलाकात करेगा वित्त मंत्रालय
PTI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में छोटे कारोबारियों को टैक्स ऑडिट के मामले में बड़ी राहत दी है। इन कारोबारियों के लिए presumptive taxation के लिए सालाना कारोबार (टर्नओवर) की सीमा को बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। पेशेवरों के मामले में इस सीमा को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये तक कर दिया गया है।

Presumptive taxation योजना को अपनाने से कारोबारियों को टैक्स ऑडिट से छूट मिलती है। इस योजना के तहत इन कारोबारियों के लिए आय सालाना कारोबार की 8 फीसदी (नॉन डिजिटल ट्रांजैक्शन होने पर) मानी जाती है। डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में आय 6 फीसदी मानी जाती है।

Presumptive taxation की सीमा बढ़ी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि छोटे कारोबारी हमारी अर्थव्यवस्था की प्रगति का इंजन है। अभी तक 2 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले छोटे कारोबारी और 50 लाख रुपये तक टर्नओवर वाले कुछ पेशेवर presumptive taxation का लाभ उठा सकते हैं।

मैं इन सीमाओं को उन करदाताओं के लिए क्रमश: 3 करोड़ रुपये और 75 लाख रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं, जिनकी नकदी प्राप्तियां 5 फीसदी से अधिक नहीं है। बजट में MSME को समय पर भुगतान प्राप्त होने की सहायता के लिए और collateral free कर्ज के लिए भी प्रावधान किए गए हैंं।

Collateral free fund को बढ़ावा, समय पर भुगतान को मदद

फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (FISME) के महासचिव अनिल भारद्वाज ने कहा कि यह बजट विकास को बढ़ावा देने वाला है। इसमें छोटे कारोबारियों के लिए भी कुछ प्रावधान किए गए है। छोटे कारोबारियों को collateral free fund की सुविधा बढ़ाने के लिए 9,000 करोड़ रुपये Credit Guarantee Fund के तहत आवंटित किए गए हैं। इससे MSME को 2 लाख करोड़ रुपये के collateral free fund की गारंटी दी जाएगी।

इससे MSME के फंड लागत में एक फीसदी कमी आएगी। MSME को भुगतान की समय पर प्राप्ति हो, इसके लिए खरीदार को भुगतान पर किए गए व्यय के लिए कटौती की अनुमति तभी दी जाएगी, जब भुगतान वास्तव में किया गया हो। बजट में सरकार को आपूर्ति करने MSME को भी बड़ी राहत दी गई है।

यह भी पढ़ें: Budget 2023 : सरकार को मिलने वाले एक रुपये में डायरेक्ट, इनडायरेक्ट टैक्स का हिस्सा 58 पैसे

कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुई जिन MSME की बैंक गारंटी जब्त कर ली गई थी या जिन पर जुर्माना लगाया गया था, अब जब्त की गई 95 फीसदी राशि को वापस (reimburse) करना प्रस्तावित किया गया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सचिव हेमंत गुप्ता कहते हैं कि presumptive taxation की सीमा बढ़ाना छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है। आयकर छूट में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से आम करदाताओं के साथ ही छोटे कारोबारियों को भी फायदा होगा।

Advertisement
First Published - February 1, 2023 | 6:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement