facebookmetapixel
Advertisement
बैंक FD से अलग, 7% से ज्यादा रिटर्न का मौका, Money Market Funds की क्यो बढ़ रही है लोकप्रियताMeta के अलेक्जेंडर वांग बोले: AI के लिए भरोसा, डाटा और कंप्यूटिंग क्षमता सबसे जरूरीउत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बड़ा बढ़ावा, 22 नई यूनिट्स को मंजूरी; ₹500 करोड़ का निवेशऑफिस स्पेस की मांग, FTA से तेज होगी रफ्तार; 50% तक पहुंच सकता है GCC का योगदान: रिपोर्टबड़े फ्लैट्स की दौड़! क्या अब फ्लैट बन गए हैं स्टेटस सिंबल, लग्जरी हाउसिंग में उफानसेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ डूबे; ये 3 कारण बने गिरावट की वजहTata Group और OpenAI मिलकर बनाएंगे 100 मेगावॉट का AI डेटा सेंटरAI समिट में मुकेश अंबानी का एलान, 7 साल में ₹10 लाख करोड़ का करेंगे निवेश; मोबाइल डेटा की तरह सस्ता होगा एआईAI समिट से PM मोदी का संदेश: एआई को खुला आसमान दें, भारत में सफल मॉडल दुनिया में कहीं भी चलेगागूगल CEO पिचाई ने AI डिवाइड से असमानता बढ़ने की चेतावनी दी, विशाखापट्टनम में AI हब का ऐलान

वाहन क्षेत्र में त्योहारों से दिख रही आस, लेकिन मार्जिन की राह मुश्किल

Advertisement

मार्जिन पर दबाव बना रहने की आशंका है, जिस पर कच्चे माल की बढ़ती लागत, ज्यादा छूट, विज्ञापन खर्च में वृद्धि तथा ऋणात्मक ऑपरेटिंग लीवरेज का असर पड़ेगा।

Last Updated- April 13, 2025 | 11:01 PM IST
Auto Sales
प्रतीकात्मक तस्वीर

वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के दौरान वाहन कंपनियां राजस्व में पांच से आठ प्रतिशत की तेजी दर्ज कर सकती हैं, जिसे नए मॉडलों की पेशकश, जनवरी में साल की शुरुआत की तेजी और गुड़ी पड़वा तथा होली जैसे त्योहारों से मदद मिलेगी। कई ब्रोकरेज कंपनियों के अनुसार एबिटा में पिछले साल की तुलना में चार से आठ प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। इसे धनात्मक ऑपरेटिंग लीवरेज और बेहतर उत्पाद मिश्रण से बढ़ावा मिल रहा है। अलबत्ता मार्जिन पर दबाव बना रहने की आशंका है, जिस पर कच्चे माल की बढ़ती लागत, ज्यादा छूट, विज्ञापन खर्च में वृद्धि तथा ऋणात्मक ऑपरेटिंग लीवरेज का असर पड़ेगा। हालांकि पिछले एक साल के दौरान लागू की गई मूल्य वृद्धि से इसकी आंशिक रूप से भरपाई हो जाएगी।

ऐक्सिस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कहा, ‘पिछले साल के दौरान की गई दाम बढ़ोतरी से अधिक छूट/विज्ञापन व्यय और ऋणात्मक ऑपरेटिंग लीवरेज की आंशिक रूप से भरपाई के कारण पिछले साल की तुलना में अपेक्षित एबिटा मार्जिन स्थिर बना हुआ है।’ इस बीच उम्मीद की जा रही है कि वाहनों के मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के दौरान पिछले साल की तुलना में करीब छह प्रतिशत की वॉल्यूम वृद्धि दर्ज करेंगे। हालांकि अंतर्निहित मांग कमजोर रहने की आशंका है। कुछ ओईएम को होली और गुड़ी पड़वा जैसे क्षेत्रीय त्योहारों से फायदा होने की संभावना है, जो चुनिंदा बाजारों में वॉल्यूम में कुछ मदद प्रदान कर सकते हैं।

संभावना जताई जता रही है कि वाहन विनिर्माताओं पर अमेरिकी टैरिफ की आशंका का असर नहीं पड़ेगा। विश्लेषकों का मानना है कि पुर्जा विनिर्माता लागत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी बने रहेंगे। विश्लेषक कम ब्याज दरों, कर कटौती और तेल की कीमतों में गिरावट जैसे संभावित अनुकूल परिस्थितियों पर भी प्रकाश डाल रहे हैं, जो मांग संबंधी चिंताओं को दूर करने में मदद कर सकती हैं। कमोडिटी की कीमतों में कमी से मार्जिन को समर्थन मिल सकता है, हालांकि छूट का दबाव आंशिक रूप से इस लाभ को कम कर सकता है। दमदार उत्पाद चक्र वाली कंपनियों से इस माहौल में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

 

Advertisement
First Published - April 13, 2025 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement