facebookmetapixel
Advertisement
भारत के ई-कॉमर्स बाजार में बदलाव, AI और ग्राहकों की जरूरतों पर बढ़ा फोकसभारत के रियल एस्टेट बाजार में सेंचुरी 21 की दस्तक, 126 शहरों में विस्तार की योजनाश्रीलंका पहुंचे राजनाथ सिंह, 38 साल बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की यात्रा; संबंधों को मिलेगी नई धारCCI की जांच में बिल्डर्स एसोसिएशन को मिली जगह, दिल्ली हाईकोर्ट ने अल्ट्राटेक की याचिका खारिज कीUPI के बढ़ते दबदबे के बीच VISA की नई रणनीति, कार्ड से आगे टोकनाइजेशन और रिस्क इंटेलिजेंस पर फोकस₹37,500 करोड़ की कोयला से गैस बनाने वाली स्कीम को मिला जोरदार रिस्पॉन्स, अदाणी सबसे आगेराव से मोदी तक जारी रही सुधारों की रफ्तार, 1991 की आर्थिक क्रांति ने बदली भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीरवैश्विक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई ताकत, Q1 में 7.8% की तेज बढ़ोतरी: PM मोदीमेटा इंडिया के खिलाफ अब औपचारिक जांच की तैयारी, बच्चों की सुरक्षा और CSAM मामले में बढ़ीं मुश्किलें₹73,000 करोड़ का पश्चिमी DFC देश को समर्पित, UP के दादरी से मुंबई के JNPA तक माल ढुलाई होगी तेज

लेखक : रचना बैद

आज का अखबार, लेख

बैंकों के नियमन में नियामकीय संतुलन

दुनिया के अधिकांश देशों खासकर भारत जैसे उभरते देशों में वित्तीय क्षेत्र पर बैंकों का दबदबा है। बैंक महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि वे अपनी पहुंच के जरिये वित्तीय समावेशन को गति देते हैं, ऋण को वांछित क्षेत्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं और सरकारों को विभिन्न लक्ष्य पाने में सहायता करते हैं। बैंकों के […]

आज का अखबार, लेख

एनबीएफसी से जुड़ी चिंताओं पर रिजर्व बैंक गंभीर

असुरक्षित उपभोक्ता ऋण पर जोखिम भार बढ़ाने के भारतीय रिजर्व बैंक के निर्णय से एनबीएफसी पर दोधारी तलवार लटक गई है। बता रहे हैं अजय त्यागी और रचना बैद गै र-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) पिछले कुछ समय से गलत कारणों से चर्चाओं में रही हैं। सेंटर फॉर एडवांस्ड फाइनैंशियल रिसर्च ऐंड लर्निंग ने हाल में […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग और म्युचुअल फंड एक साथ होने के जो​खिम

म्युचुअल फंड के क्षेत्र में बैंकों का दबदबा वित्तीय स्थिरता को लेकर कई प्रश्न उत्पन्न करता है जिनके जवाब सावधानीपूर्वक देने की आवश्यकता है। बता रहे हैं अजय त्यागी और रचना वैद भारत के लिए म्युचुअल फंड का कारोबार सही साबित हुआ है। फिलहाल देश में 43 म्युचुअल फंड हैं जो 14.74 करोड़ पोर्टफोलियो की […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

भारी भरकम लाभांश कहीं आगे बन न जाए मुसीबत

बाजार में इस समय लाभांश की झड़ी लगी हुई है। खासकर, पिछली कुछ तिमाहियों में यह सिलसिला काफी बढ़ गया है। हाल में इस समाचार पत्र में एक खबर प्रकाशित हुई थी कि कई कंपनियों का लाभांश अनुपात काफी बढ़ा है और कुछ ने तो वित्त वर्ष 2023 में दोगुना लाभांश बांटे हैं। यह खबर […]

Advertisement
Advertisement