facebookmetapixel
6 साल में आधे से भी कम हुआ बजट भाषण का समय, जानें बीते सालों में हर साल कितने घंटे की रही स्पीचBudget 2026: ‘SHE मार्ट्स’ से लेकर लाखपति दीदी तक, बजट में महिलाओं के लिए क्या-क्या हुआ ऐलान?Budget 2026: फल और मसालों पर सरकार का जोर, आत्मनिर्भरता व निर्यात से बढ़ेगी किसानों की आयबजट 2026 में AI को लेकर कई बड़े ऐलान- जानें क्या है खासBudget 2026: कैंसर की दवा सस्ती, नया ‘बायोफार्मा शक्ति’ मिशन!, हेल्थ केयर को लेकर बजट में और क्या-क्या?Defence Budget 2026: डिफेंस बजट बढ़कर ₹7.84 लाख करोड़, एयरोस्पेस सेक्टर को बड़ी राहतBudget 2026: विदेश पढ़ाई और इलाज वालों को बड़ी राहत, बजट में TCS 5% से घटकर 2%Budget 2026: शेयर बायबैक पर अब कैपिटल गेन, छोटे निवेशकों को होगा ज्यादा फायदा; समझेंBudget 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? विदेशी यात्रा से लेकर शेयर ट्रेडिंग तक जानें सब कुछBudget 2026: बजट में आम आदमी के लिए क्या-क्या? जानें वित्त मंत्री के पिटारे से आपके लिए क्या निकला

लेखक : आर जगन्नाथन

आज का अखबार, लेख

भारत में टैक्स कम रखना आवश्यक

राजनीतिज्ञ चुनावों में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए करदाताओं की रकम का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे भारत में कम करों वाला ढांचा तैयार करने में कठिनाई आ रही है। बता रहे हैं आर जगन्नाथन मॉर्गन स्टैनली की एक रिपोर्ट में पिछले एक दशक में भारत में आए 10 बड़े बदलावों का जिक्र किया […]

आज का अखबार, लेख

भारत को बड़े कारोबारी समूहों की जरूरत

दुनिया में कहीं भी बड़े कारोबारी समूहों को भंग नहीं किया गया है। भारत में ऐसी मांग आ​र्थिक आत्महत्या के समान होगी। बता रहे हैं आर जगन्नाथन ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो अर्थशास्त्री एक अलग ही दुनिया में जी रहे हैं जो मौजूदा दौर की हकीकतों से दूर है। जब आपको हर हालात में […]

आज का अखबार, भारत, लेख

लोकतंत्र की रैंकिंग का निर्धारण और उसकी खामियां

विश्व के लोकतांत्रिक देशों की वी-डेम रैंकिंग की आलोचना यह बताती है कि आखिर यह क्रम तय करने के उसके तरीकों में क्या समस्या है। इस विषय में जानकारी दे रहे हैं आर जगन्नाथन भारतीय लोकतंत्र में निश्चित तौर पर कमियां हैं। हमें इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए क्योंकि दुनिया का कोई […]

आज का अखबार, लेख

तकनीकी उन्नति और रोजगार का संकट

भारत को जी 20 देशों के समूह की अध्यक्षता मिलने के बाद जो प्रमुख लक्ष्य तय किए गए थे उनमें से एक यह भी था कि तकनीक में मानवकेंद्रित रुख अपनाया जाएगा और डिजिटल सार्वजनिक अधोसंरचना, वित्तीय समावेशन तथा तकनीक सक्षम विकास वाले क्षेत्रों मसलन कृ​षि से लेकर ​शिक्षा जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ज्ञान […]

आज का अखबार, लेख

लोकतंत्र पर मंडराता अदालती खतरा

न्यायपालिका ने लोकतंत्र को अक्षुण्ण रखने वाली नियंत्रण एवं संतुलन की नाजुक व्यवस्था को जिस प्रकार किनारे कर दिया है, उससे देश को न्यायिक अतिक्रमण के दौर में जाता देख रहे हैं आर. जगन्नाथन

1 2 3 4