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GTRI की चेतावनी: एल्युमीनियम शुल्क नीति भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब नहीं, कच्चे माल का बना रही सप्लायरसोने पर बढ़े आयात शुल्क का दिखा असर, गोल्ड इंपोर्ट घटा और पुराने आभूषणों की रिसाइक्लिंग बढ़ीEditorial: G-7 शिखर सम्मेलन में भारत की कूटनीतिक बढ़त, विवाद पर सामंजस्य भारीRBI के नए LCR नियमों के साथ शुरू हुआ ‘फ्री’ डिपॉजिट रेट्स का नया दौरAI में पीछे होने का भारत को मिल सकता है फायदा, बाजार के जोखिम से बचने की उम्मीदNSE IPO से दमानी और डॉली खन्ना की संपत्ति में होगा बड़ा उछाल?Stock Market: सेंसेक्स 77,400 के पार! तेल सस्ता, बाजार में पांचवें दिन भी तेजीDelhi-NCR में बनेंगे 4 Namo Cities! क्या बदल जाएगी करोड़ों लोगों की जिंदगी?Kia India ने बढ़ाईं कारों की कीमतें, 1 जुलाई से सभी मॉडल 2% तक होंगे महंगेतकनीक का लोकतंत्रीकरण जरूरी, भारत के लिए AI का मतलब ‘ऑल इनक्लूसिव’ : पीएम मोदी

लेखक : मनोजित साहा

आज का अखबार, वित्त-बीमा

RBI ने 9000 से अधिक परिपत्र खत्म कर नियमों को 244 मास्टर दिशानिर्देशों में समेटा

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने नियमों को 244 मास्टर दिशानिर्देश में एकजुट कर दिया है। इसका उद्देश्य विनियमनों को आसान करना है- इससे वित्तीय क्षेत्र की इकाइयों के लिए नियमों का पालन करने का दबाव कम हो जाएगा। विनियमन विभाग के जारी 9,000 से अधिक परिपत्र/दिशानिर्देश को 244 मास्टर डायरेक्शन (एमडी) में एकजुट किया गया […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

त्योहारी खर्च ने भर दी अर्थव्यवस्था में जान! आरबीआई रिपोर्ट में मिला बड़ा संकेत

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अर्थव्यवस्था से जुड़ी मासिक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों के युक्तिकरण और त्योहार के मौके पर किए गए खर्च के चलते अक्टूबर महीने में भारतीय अर्थव्यवस्था ने तेज रफ्तार पकड़ी जिसका अंदाजा उच्च आवृत्ति वाले संकेतकों से मिलता है। आरबीआई की […]

आज का अखबार, बैंक, भारत, वित्त-बीमा

पहली बार 80% के पार हुआ ऋण–जमा अनुपात; बैंकों पर बढ़ रहा दबाव

वा​णि​ज्यिक बैंकों का ऋण-जमा अनुपात पहली बार 80 फीसदी के पार पहुंच गया। यह स्तर नियामक के सहज दायरे का ऊपरी स्तर है। यह अनुपात दर्शाता है कि ऋण की बढ़ती मांग के बीच संसाधन जुटाने में चुनौती आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चला है कि अक्टूबर के दोनो […]

ताजा खबरें, बाजार, शेयर बाजार, समाचार

₹2 लाख करोड़ आ सकते हैं भारत में! ब्लूमबर्ग जल्द कर सकता है बड़ा ऐलान

भारत के ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में शामिल होने की संभावना बढ़ती जा रही है। बड़े विदेशी निवेशकों यानी लार्ज फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने कहा है कि भारत का बॉन्ड बाजार अब अच्छा और आसानी से चलने वाला है। इसी वजह से माना जा रहा है कि ब्लूमबर्ग कंपनी जनवरी 2026 तक यह ऐलान […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

दूसरे चरण के लोन पर कम प्रावधान चाहें बैंक, RBI ने न्यूनतम सीमा 5 फीसदी निर्धारित की

वा​णि​ज्यिक बैंक ऋण नुकसान प्रावधान के लिए पिछले महीने जारी अनुमानित ऋण नुकसान (ईसीएल) के मसौदा ढांचे के तहत दूसरे चरण के ऋण के लिए आवश्यक प्रावधान की सीमा को कम करने के लिए नियामक से अनुरोध करेंगे। दूसरे चरण के अधिकतर ऋण विशेष उल्लेख खाता 1 या 2 (एसएमए1/ एसएमए2) के अंतर्गत आते हैं। […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, वित्त-बीमा

RBI का राज्यों को संकेत, बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच बाजार उधारी को टालने की दी सलाह

भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्य सरकारों को अपनी बाजार उधारी को पुनर्निर्धारित करने का संकेत दिया है। इस मामले के कई जानकार सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक ने यह संकेत बॉन्ड यील्ड में हालिया वृद्धि के मद्देनजर आपूर्ति के दबाव को कम करने के लिए दिया है। केंद्रीय बैंक ने राज्यों को सलाह दी […]

आज का अखबार, बॉन्ड, वित्त-बीमा

बॉन्ड यील्ड में तेजी पर रिजर्व बैंक चिंतित, नीतिगत उपाय बेअसर

दस साल की परिपक्वता अव​धि वाले सरकारी बॉन्ड और अमेरिकी ट्रेजरी के बीच का अंतर 250 आधार अंक के करीब पहुंचने के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक संभवत: बाजार को अपनी चिंताओं से अवगत कराना चाहता है। यही कारण है कि केंद्रीय बैंक इस सप्ताह और अगले सप्ताह बाजार प्रतिभागियों के साथ कई बैठकें कर […]

आज का अखबार, कंपनियां

एनबीएफसी के उच्च स्तर का बढ़ेगा दायरा, आरबीआई ले सकता है फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कुछ अन्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उच्च स्तरीय एनबीएफसी की श्रेणी में डाल सकता है। इस श्रेणी में शामिल गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को अपेक्षाकृत सख्त नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करना होता है। एनबीएफसी का आकार बढ़ने और वित्तीय क्षेत्र में पहुंच के विस्तार को देखते हुए बैंकिंग नियामक इस तरह […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

एनबीएफसी, फिनटेक के सूक्ष्म ऋण पर नियामक की नजर, कर्ज का बोझ काबू में

सूक्ष्म वित्त उद्योग नेटवर्क (एमफिन) द्वारा पिछले साल की गई सख्ती के बाद से छोटे ऋणदाताओं पर कर्ज का बोझ काबू में है। हालांकि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और फिनटेक फर्में अब इस सेगमेंट में उधार दे रही हैं जिस पर नियामक की बारीक नजर है। इस बीच बैंकों द्वारा सूक्ष्म वित्त संस्थानों को कर्ज […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

आरबीआई बदल सकता है नियम, बैंक बिना पूर्व अनुमति बना सकेंगे सहायक कंपनियां

वाणिज्यिक बैंकों को सहायक इकाइयां स्थापित करने के लिए संभवतः अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं रह जाएगा। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी। हालांकि अगर सहायक इकाई बीमा या संपत्ति प्रबंधन से जुड़ी हुई है तो बैंक को संबंधित नियामकों से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। केंद्रीय बैंक इस मसले […]

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