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AIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यानग्रीन यूरिया को प्रतिस्पर्धी बनाने की तैयारी, लागत का अंतर दूर करने के लिए सब्सिडी देगी सरकारराज्यों के पूंजीगत व्यय में आई सुस्ती, 20 राज्य ने दो महीने में खर्च किया बजट का सिर्फ 5.86% हिस्साCredit Card Market: नए कार्ड जारी करने में SBI Card रहा नंबर-1, मई में जोड़े रिकॉर्ड 1.81 लाख ग्राहकरिकॉर्ड स्तर पर पहुंची गेहूं की सरकारी खरीद, 357 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा; पंजाब-एमपी अव्वलकोयले से गैस बनाने के लिए ₹37,500 करोड़ की मेगा योजना शुरू, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

लेखक : अनुप्रेक्षा जैन

आज का अखबार, फिनटेक, वित्त-बीमा

RBI MPC Meet: NBFCs के वर्गीकरण के लिए नई व्यवस्था लाएगा रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक गैरबैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को ऊपरी स्तर, मध्यम स्तर और निचले स्तर में वर्गीकृत करने के लिए नया ढांचा पेश करने की तैयारी कर रहा है। मल्होत्रा ने कहा, ‘हम बहुत जल्द एनबीएफसी के […]

आज का अखबार, उद्योग, वित्त-बीमा

MSME सेक्टर में खतरे की घंटी: कर्ज चुकाने में चूक के मिल रहे शुरुआती संकेत, NBFC सतर्क

कई गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के ऋण पोर्टफोलियो की देनदारियों में चूक के बढ़ने के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।  पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने और कच्चे माल की लागत बढ़ने कारण इस क्षेत्र पर दबाव बढ़ने की वजह से […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

पश्चिम एशिया तनाव से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अरब डॉलर घटा, रुपये पर दबाव बढ़ा

पश्चिम एशिया में फरवरी के आखिर में शुरू हुए टकराव के बाद से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 30.5 अरब डॉलर की गिरावट आई है। इसकी प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा बाजार में उतार चढ़ाव को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का हस्तक्षेप और मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में […]

आज का अखबार, कंपनियां

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कंपनियों की बैलेंस शीट पर नजर, रेटिंग अनुपात में नरमी

क्रिसिल और केयरएज जैसी रेटिंग एजेंसियों ने वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही में रेटिंग अनुपातों में नरमी की सूचना दी। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से भारत के उद्योग जगत के बही खातों की मजबूती का पता चल सकेगा। हालांकि इंडिया रेटिंग्स ने कहा […]

आज का अखबार, बाजार, बॉन्ड, वित्त-बीमा, शेयर बाजार

कच्चे तेल की कीमतों और भारी सप्लाई से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, 7.25% तक पहुंचने की आशंका

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति के लगातार दबाव के चलते मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के सरकारी बॉन्ड की यील्ड ऊंची बने रहने की उम्मीद है। बाजार के जानकारों का मानना ​​है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच (जिनसे रुपया दबाव में रह सकता है) बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड अप्रैल के आखिर […]

आज का अखबार, कमोडिटी, ताजा खबरें

FY26 में रुपये की बड़ी गिरावट: 2011-12 के बाद सबसे कमजोर, बॉन्ड यील्ड 7% के पार

Rupee Depreciation FY26: वित्त वर्ष 2025-26 रुपये के लिए 2011-12 के बाद का सबसे खराब साल रहा। इसकी वजह विदेशी निवेशकों की निकासी रही जिससे भारतीय मुद्रा 9.85 फीसदी फिसल गई। मार्च में पश्चिम एशिया संकट ने रुपये की मुश्किलें और बढ़ा दीं। इस कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में करीब 4 फीसदी कमजोरी […]

आज का अखबार, कमोडिटी, भारत

तेल के झटके और डॉलर की मांग से टूटा रुपया: 93.72 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और तेल विपणन कंपनियों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की मजबूत डॉलर मांग की वजह से रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 93.72 पर आ गया। एक ही सत्र में रुपया 1.15 फीसदी गिर गया जो 24 फरवरी 2022 के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है। दिन के […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

गोल्ड लोन में दिखी राहत, माइक्रोफाइनेंस कंपनियां तेजी से बदल रहीं पोर्टफोलियो

सूक्ष्म वित्त संस्थान बाहरी दबावों के कारण मुख्य तौर पर परिसंपत्ति गुणवत्ता संबंधी दबावों का सामना कर रहे हैं। लिहाजा ये संस्थान इन दबावों से निपटने के लिए सुरक्षित उत्पादों जैसे सोने और मॉर्टगेज पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह कदम भारतीय रिज़र्व बैंक के कुल परिसंपत्तियों के 60 प्रतिशत तक पात्रता मानदंड […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, भारत

भारत में महिला श्रम की भागीदारी G-20 देशों में सबसे कम, ज्यादातर महिलाएं कृषि और कम उत्पादकता वाले स्वरोजगार में

ऐक्सिस बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में महिला श्रम बल भागीदारी दर (एफएलएफपीआर) 20 देशों के समूह (जी-20) में सबसे कम है। भारत में काम करने वाली महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा कृषि में या अवैतनिक या कम उत्पादकता वाले स्वरोजगार में लगा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला श्रम […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

माइक्रोफाइनैंस से मोहभंग? अब सुरक्षित लोन और MSME पर दांव लगा रही हैं NBFC-MFI कंपनियां

राजनीतिक घटनाक्रम, बदलते नियमों और कारोबार में आते परिवर्तनों के कारण गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थान (एमएफआई) अब पारंपरिक माइक्रोफाइनैंस उधारी से इतर कारोबार बढ़ा रहे हैं। ऋणदाता अब माइक्रोफाइनैंस पर केंद्रीकरण कम करने के लिए  तेजी से एमएसएमई ऋण, संपत्ति के बदले ऋण (एलएपी), किफायती आवास ऋण और वाहन ऋण […]

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