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रुपये में एतिहासिक गिरावट! पहली बार 95.75 के पार पहुंचा डॉलर, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

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कच्चे तेल की तेजी और विदेशी निवेशकों की निकासी से रुपया 95.75 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया। इससे आयात और महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है

Last Updated- May 12, 2026 | 11:23 PM IST
Rupee vs Dollar
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कच्चे तेल के दाम में तेजी, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की मजबूत मांग के बीच रुपये में आज भी नरमी बनी रही। कारोबार के दौरान रुपया 95.75 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर आ गया। कारोबार की समा​प्ति पर डॉलर के मुकाबले रुपया 95.63 पर बंद हुआ। सोमवार को रुपया 95.31 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

शेयर बाजार में भी आज बिकवाली हावी रही। बेंचमार्क निफ्टी 1.83 फीसदी गिरकर 23,380 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1,456 अंक या 1.92 फीसदी की गिरावट के साथ 74,559 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांक अप्रैल की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुए। ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहीं, जिससे भारत की चिंता बढ़ गई है। बीते दो सत्र में बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 17.44 लाख करोड़ रुपये घट गया।

इस साल अब तक रुपया 6.02 फीसदी कमजोर हुआ है और एशियाई मुद्राओं में इसका प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। पिछले साल डॉलर के मुकाबले रुपये में 4.74 फीसदी की गिरावट आई थी। डीलरों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) शुरुआती कारोबार में 95.50 प्रति डॉलर के स्तर पर सरकारी बैंकों के जरिये डॉलर की बिकवाली कर मुद्रा बाजार में दखल देता दिखा लेकिन बाद में वह पीछे हट गया जिससे रुपया और कमजोर हो गया।

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा, ‘तेल आयात बिल में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दोहरे दबाव के कारण डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है और रुपये पर दबाव बना हुआ है। अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो रुपया और कमजोर हो सकता है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर आरबीआई मुद्रा बाजार में दखल दे सकता है।’ 

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First Published - May 12, 2026 | 10:32 PM IST

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