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1991 में विदेशी मुद्रा के लिए तरसता भारत आज 729 अरब डॉलर के रिकॉर्ड भंडार तक कैसे पहुंचा‘भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाएं ग्लोबल कंपनियां’, सीतारमण ने अमेरिका में निवेशकों को दिया न्योतादिल्ली में CNG की कीमतों में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी, 83.09 से बढ़कर 86.98 रुपये पहुंची कीमत18 साल बाद TVS मोटर के नेतृत्व में बड़ा बदलाव, अब पेमान कारगार संभालेंगे कंपनी की कमानभविष्य में ज्यादा प्रदूषण फैलाने पर खुद धीमी हो जाएगी दोपहिया की रफ्तार, मरम्मत के बाद ही होगी सामान्यकॉकरोच जनता पार्टी की सियासी दस्तक: व्यवस्था के भीतर नहीं, बाहर से बदलाव की नई कोशिशसाइबर हमलों की बाढ़ से निपटने के लिए भारत को तुरंत चाहिए मजबूत सुरक्षा ढांचानेपाल बाढ़ में 320 भारतीय लापता, 547 पहुंची मृतकों की संख्या; भारत ने भेजी राहत और बचाव टीमAGM टलने के बाद टाटा संस को कंपनी रजिस्ट्रार से मिली राहत, लेकिन साल के आखिर तक पूरी करनी होगी बैठकआगामी बजट की कवायद शुरू! वित्त मंत्रालय ने मंगवाए संशोधित अनुमान, 12 अक्टूबर से होंगी प्री-बजट बैठकें

लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, राजनीति

समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला मिथिलांचल बदहाल: उद्योग धंधे धीरे-धीरे हो गए बंद, कोई नया निवेश आया नहीं

कभी अपनी शानदार सांस्कृतिक विरासत का दम भरने वाला बिहार का सबसे विशिष्ट क्षेत्र मिथिलांचल आज बेहद खराब स्थिति में है। इसकी समृद्धि का बखान शब्दों में करना मुश्किल है। मध्ययुगीन कवि विद्यापति के इस भाषा में लिखे गीत हों या नागार्जुन की समकालीन क्रांतिकारी कविताएं, मैथिली भाषा की समृद्धि का आईना हैं। इसी क्षेत्र […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, बिहार व झारखण्ड, राजनीति

जदयू बिहार विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरी, सीट बंटवारे से गठबंधन मजबूत: संजय झा

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 12 अक्टूबर को बिहार विधान सभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का एक फॉर्मूला तय किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) बराबरी पर आ गई। 243 सीटों में भाजपा-जदयू 101-101 सीटों पर मैदान में हैं, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 […]

आज का अखबार, लेख

कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन कमजोर पड़ता दिख रहा

पिछले पखवाड़े एचडी देवेगौड़ा ने संवाददाता सम्मेलन बुलाकर उत्तर कर्नाटक में बाढ़ से निपटने के तरीकों के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार की आलोचना की। जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के 92 वर्षीय संस्थापक, पूर्व प्रधानमंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री देवेगौड़ा ने एक और महत्त्वपूर्ण बात कही। संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

पहले कार्यकाल की उपलब्धियां तय करती हैं किसी मुख्यमंत्री की राजनीतिक उम्र

देश के कुछ मुख्यमंत्री दशकों तक सत्ता में क्यों बने रहते हैं, जबकि कुछ अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद घर लौट जाते हैं और कभी-कभार बाद में उनके बारे में कुछ पता ही नहीं चलता? आखिर एक मुख्यमंत्री की राजनीतिक पूंजी क्या होती है? और उन्हें इतिहास की किताबों में जगह क्यों मिलती है? […]

आज का अखबार, लेख

दलितों की नई पार्टी का संदेश: शिक्षा और विदेश अवसरों से नई राजनीतिक दिशा तय करने की तैयारी

दलितों को और ज्यादा चाहिए। यहां तक कि अगर उन्हें भारत में नहीं मिल पाता है तो वे इसे पाने के लिए दूसरे देश तक जा सकते हैं। यह संदेश दलितों की क्विट इंडिया पार्टी (डीक्यूआईपी) का है, जिसकी स्थापना बुद्धिजीवी और दलित चिंतक चंद्र भान प्रसाद ने की है। हालांकि, अब तक राजनीतिक दल […]

आज का अखबार, लेख

नेपाल में राजनीतिक उथलपुथल: भ्रष्टाचार के खिलाफ जेनजी आंदोलन ने सत्ता को हिला डाला

इस सप्ताह के आरंभ में पूरे नेपाल को 40 घंटे से अधिक समय तक उग्र आक्रोश का सामना करना पड़ा जिसने संपत्ति को इतना नुकसान पहुंचाया जिसका आकलन कर पाना मुश्किल है। उदाहरण के लिए सिंह दरबार जिसे 1908 में काठमांडू में निजी आवास के लिए बारोक शैली में बनाया गया था और जिसे बाद […]

आज का अखबार, लेख

महाराष्ट्र में भाजपा का बढ़ता दबदबा और उद्धव-राज की एकजुटता से बदले राजनीतिक समीकरण

गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र में गणपति कूटनीति का एक पारंपरिक अवसर है। यह ऐसा अवसर है जब मनमुटावों को भुलाया जाता है और मतभेदों को दूर किया जाता है। ठाकरे परिवार के साथ भी ऐसा ही हुआ जब शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ करीब 20 वर्ष बाद गणपति पूजा […]

अंतरराष्ट्रीय, आज का अखबार, भारत

ट्रंप के भरोसेमंद सर्जियो गोर बने भारत में नए अमेरिकी राजदूत: देश के लिए अवसर या चुनौती?

उन्हें व्यापार या आर्थिक प्रबंधन का कोई अनुभव नहीं है। उनका प्रकाशन कारोबार भी  चुनिंदा पाठकों तक ही सीमित था। उनकी भू-राजनीति में भी दिलचस्पी नहीं है और न ही उन्हें दक्षिण एशिया या भारत की कोई विशेष समझ है। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोरोकोव्सकी या […]

आज का अखबार, लेख

मणिपुर और म्यांमार सीमा पर राजनीतिक आंच की ताप: पूर्वोत्तर के लिए द्विदलीय भागीदारी जरूरी

देश में विपक्ष द्वारा उठाए गए चुनाव संबंधी गड़बड़ियों के मुद्दे के बीच अगस्त महीने में दो महत्त्वपूर्ण घटनाएं हुईं, जिन पर किसी का ध्यान नहीं गया। पहली, 1 अगस्त को पड़ोसी देश म्यांमार की सेना ने फरवरी 2021 से लगाए गए आपातकाल को खत्म दिया ताकि वहां दिसंबर में चुनाव हो सकें। दूसरी घटना […]

आज का अखबार, राजनीति

झारखंड की मजबूत आवाज थे ‘गुरुजी’

कुछ हफ्ते पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शिबू सोरेन के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी मिलने पर बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा था, ‘मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बहुत योगदान दिया है और मैं प्रार्थना […]

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