facebookmetapixel
Advertisement
बढ़ती कमाई, जल्दी नौकरी व स्टार्टअप्स: क्या युवा अब 30 से पहले ही अपना घर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं?निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते लगभग 90 कंपनियां बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹86.50 तक पाने का मौका1991 में विदेशी मुद्रा के लिए तरसता भारत आज 729 अरब डॉलर के रिकॉर्ड भंडार तक कैसे पहुंचा‘भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाएं ग्लोबल कंपनियां’, सीतारमण ने अमेरिका में निवेशकों को दिया न्योतादिल्ली में CNG की कीमतों में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी, 83.09 से बढ़कर 86.98 रुपये पहुंची कीमत18 साल बाद TVS मोटर के नेतृत्व में बड़ा बदलाव, अब पेमान कारगार संभालेंगे कंपनी की कमानभविष्य में ज्यादा प्रदूषण फैलाने पर खुद धीमी हो जाएगी दोपहिया की रफ्तार, मरम्मत के बाद ही होगी सामान्यकॉकरोच जनता पार्टी की सियासी दस्तक: व्यवस्था के भीतर नहीं, बाहर से बदलाव की नई कोशिशसाइबर हमलों की बाढ़ से निपटने के लिए भारत को तुरंत चाहिए मजबूत सुरक्षा ढांचानेपाल बाढ़ में 320 भारतीय लापता, 547 पहुंची मृतकों की संख्या; भारत ने भेजी राहत और बचाव टीम

लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, राजनीति, लेख

एम ए बेबी के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी 

यह बात मई 1996 की है जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार संसद में विश्वास मत हासिल न कर पाने की वजह से 13 दिन में गिर गई थी। वाजपेयी सरकार गिरने के बाद देश में कम्युनिस्ट आंदोलन के इतिहास का एक अहम पन्ना पलटने की तैयारी शुरू हो गई थी। उस समय पश्चिम बंगाल के […]

आज का अखबार, राजनीति, लेख

केरल में कमल खिला पाएंगे राजीव चंद्रशेखर!

मलयालम पर उनकी खास पकड़ नहीं है। कई मशहूर और दिग्गज वक्ताओं वाले राज्य केरल में उन्हें प्रभावशाली वक्ता भी नहीं माना जाता। केरल में उन्होंने ज्यादा वक्त भी नहीं बिताया है। लेकिन राजीव चंद्रशेखर को हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति यह सोचकर […]

आज का अखबार, लेख

सियासत में अहमियत के लिए जूझते ज्ञानेंद्र

नेपाल में हर साल 19 फरवरी को लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1950-51 की क्रांति की याद दिलाता है जब राणाओं का तख्तापलट हुआ था और देश में लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित पहली सरकार बनी थी। लेकिन राजा महेंद्र ने 1960 में संसद भंग कर दी और पंचायत व्यवस्था लागू कर दी, जिसमें […]

भारत, राजनीति

हारी है, मुकाबले से बाहर नहीं हुई है ‘आप’

दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनाव में Aam Aadmi Party (आप) को हार का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजधानी में 10 वर्षों तक सत्ता में रही Arvind Kejriwal के नेतृत्व वाली आप पिछले चुनाव में मिली 62 सीटों से सीधे 22 पर आ गिरी। इस करारी ​शिकस्त के बावजूद पार्टी इस […]

आज का अखबार, लेख

प्रवासियों की वापसी और सियासत की चुप्पी

भारत और अमेरिका के रिश्तों पर देसी राजनीति में हमेशा से ही गरमागरम बहस होती रही है। अमेरिका ने 1956 में भारत की गुटनिरपेक्षता को ‘अनैतिक और बेवकूफाना’ बताया था, जिसके बाद पूरी संसद पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ खड़ी हो गई थी। इंदिरा गांधी ने 1971 में तत्कालीन सोवियत संघ के साथ शांति, मैत्री […]

अंतरराष्ट्रीय, आज का अखबार, भारत

US Visa: अमेरिकी वीजा के लिए भारत में लोग मंदिरों में क्यों जा रहे हैं? क्या है लोगों की चिताएं

जिस प्रकार व्हाइट हाउस से संकेत मिल रहे हैं, उससे भारतीयों के लिए अमेरिका में वैध तरीके से रहना और काम करना बहुत मु​श्किल होने वाला है। ऐसे में उन लोगों का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, जो अमेरिकी वीजा दिलाने के लिए सहायक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें धारा प्रवाह बोलने लायक इंग्लिश सिखाने वाले […]

आज का अखबार, लेख

दिल्ली में नए मुख्यमंत्री के लिए आसान नहीं राह

मजा आ गया…! दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करने के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगभग 30 साल बाद सत्ता में लौटते देख पार्टी के एक पदाधिकारी ने चहकते हुए कुछ इस तरह अपनी प्रतिक्रिया दी। मगर उस पदाधिकारी ने यह भी कहा कि धमाकेदार जीत के बाद भी नए मुख्यमंत्री की […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, बाजार

बजट में बिहार के लिए तोहफों का खजाना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दुलारी देवी द्वारा दिया गया तोहफा भारतीय जनता पार्टी द्वारा बजट में बिहार को दिया गया बेहतरीन तोहफा साबित हो सकता है, जहां इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सीतारमण एक कार्यक्रम के लिए मिथिलांचल दौरे पर गई थीं। वहां उनकी मुलाकात पद्मश्री पुरस्कार विजेता दुलारी देवी […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: आसान नहीं है शिवराज सिंह चौहान की अनदेखी करना

शिवराज सिंह चौहान जब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री का पद संभालने के लिए भोपाल से दिल्ली गए हैं, वह थोड़ा अकेलापन महसूस कर रहे हैं और इसमें उनका कुसूर भी नहीं है। जब वह भोपाल से विदा हुए तो उनके चाहने वालों की आंखें नम […]

आज का अखबार, लेख

सियासी हलचल: महिला मतदाताओं की बढ़ती अहमियत

पहली नजर में तो यह चुनाव जीतने का नया और शानदार सियासी नुस्खा नजर आता है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नकद बांटो, परिवहन मुफ्त कर दो और सार्वजनिक स्थानों तथा परिवारों के भीतर सुरक्षा पक्की कर दो… बस, वोटों की झड़ी लग जाएगी। यहां बुनियादी सोच यह है कि महिला मतदाता अब परिवार […]

1 4 5 6 7 8 19
Advertisement
Advertisement