facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट व कमजोर मॉनसून बढ़ा सकती हैं चिंताएं, चुनौतियों से निपटने के लिए रहें तैयार: वित्त मंत्रालयक्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला10 साल के सबसे खराब मानसून के खतरे के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ’ अभियानपूरी तरह बदल गया ट्रेंड! क्यों पुराने लॉयल्टी प्रोग्राम्स छोड़ ‘इंस्टेंट डिजिटल रिवॉर्ड्स’ के दीवाने हो रहे युवा?Dividend Stocks: अगले हफ्ते रिलायंस और HDFC AMC समेत 19 कंपनियां बांटने जा रही हैं मुनाफा, चेक करें लिस्टBonus Stocks: निवेशकों की मौज! अगले हफ्ते ये दो कंपनियां बाटेंगी बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटVedanta का महाप्लान: अगले 3 साल में $20 अरब का निवेश, अनिल अग्रवाल बोले- जोखिम उठाना मेरी आदत‘डिजिटल पेमेंट में एजेंटिक AI के लिए बने मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क’, NPCI प्रमुख दिलीप आसबे का बड़ा बयानमई में 49 लाख बैरल पहुंचा देश का क्रूड इंपोर्ट, रूस से तेल और अमेरिका से गैस का आयात रिकॉर्ड स्तर परसुप्रीम कोर्ट से रिलायंस को बड़ी राहत: SEBI का ₹447 करोड़ का वसूली आदेश रद्द, वापस मिलेंगे ₹250 करोड़

बजट में बिहार के लिए तोहफों का खजाना

Advertisement

एमएसएमई, मखाना उत्पादन, हवाई अड्डों और पर्यटन के लिए बड़े ऐलान, विपक्ष ने साधा निशाना

Last Updated- February 01, 2025 | 11:20 PM IST
Union Budget 2025

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दुलारी देवी द्वारा दिया गया तोहफा भारतीय जनता पार्टी द्वारा बजट में बिहार को दिया गया बेहतरीन तोहफा साबित हो सकता है, जहां इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सीतारमण एक कार्यक्रम के लिए मिथिलांचल दौरे पर गई थीं। वहां उनकी मुलाकात पद्मश्री पुरस्कार विजेता दुलारी देवी से हुई जो मधुबनी पेंटिंग की मशहूर कलाकार हैं।

उन्होंने सुनहरे बॉर्डर वाली एक सफेद साड़ी पर अपने गांव के दृश्यों को चित्रित किया था, जिसमें उड़ती तितलियों और उछलती मछलियों को दर्शाया गया था। उन्होंने वित्त मंत्री को वह साड़ी उपहार में दी और अगला बजट पेश करते समय उसी साड़ी को पहनने का अनुरोध किया था। सीतारमण ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए आज वही साड़ी पहनकर बजट प्रस्तुत करने आईं।

ALLSO READ: कांग्रेस ने बजट को बिहार केंद्रित बताया

वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद लोक सभा से बाहर आते समय केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से जब पूछा गया कि उनके लिए बजट का क्या मायने है तो उन्होंने कहा, ‘विनिर्माण, विनिर्माण, विनिर्माण! एमएसएमई, एमएसएमई, एमएसएमई! बिहार, बिहार, बिहार।’ उनसे पूछा गया कि बजट का उनके लिए क्या मतलब है। बिहार में केंद्र द्वारा वित्तपोषित एक मखाना बोर्ड (देश में नए जमाने के सुपरफूड के उत्पादन में बिहार का योगदान 98 फीसदी है) के जरिये मखाना उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा राज्य में नए हवाई अड्डों का विस्तार, पटना में आईआईटी का विस्तार, बुद्ध पर्यटन सर्किट को बढ़ावा और मिथिलांचल को किसानों का समर्थन जैसे कुछ बजट उपाय खास तौर पर बिहार के लिए किए गए हैं। इसके लिए किशनगंज के सांसद मोहम्मद जावेद ने काफी जोर लगाया था। बिहार को दिए गए इन उपहारों की आलोचना राज्य का कोई भी सांसद नहीं कर सकता है, मगर विपक्षी खेमों से कुछ व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की गई। वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण शुरू करते ही तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर पूरा विपक्ष अघ्यक्ष के आसन के पास पहुंच गया और बाद में सदन से बाहर चले गए।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसकी अगुआई की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सदन में मौजूद थे। कांग्रेस ने सपा को इससे रोकने की कोशिश नहीं की, क्योंकि अखिलेश यादव और उनके सहयोगियों ने प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण श्रद्धालुओं की हुई मौत का मुद्दा उठाने की कोशिश कर रहे थे। कांग्रेस के सांसद भी ‘धर्मविरोधी मोदी सरकार’ का नारा लगा रहे थे लेकिन उन्होंने हंगामे का नेतृत्व नहीं किया बल्कि केवल उसमें भाग ले रहे थे। हालांकि कुछ ही मिनट बाद विपक्ष सदन में लौट आया। इस पर भाजपा सांसदों ने ‘नमस्ते’ बोलकर उनका उपहास उड़ाया। इससे पहले बजट भाषण के दौरान सदन से विपक्ष के बाहर जाने का मामला शायद ही दिखा होगा।

Advertisement
First Published - February 1, 2025 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement