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मेटा की भारत प्रमुख संध्या देवनाथन ने छोड़ी कंपनी, ओपनएआई से जुड़ीं; सिंगापुर से संभालेंगी कमानबढ़ती कमाई, जल्दी नौकरी व स्टार्टअप्स: क्या युवा अब 30 से पहले ही अपना घर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं?निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते लगभग 90 कंपनियां बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹86.50 तक पाने का मौका1991 में विदेशी मुद्रा के लिए तरसता भारत आज 729 अरब डॉलर के रिकॉर्ड भंडार तक कैसे पहुंचा‘भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाएं ग्लोबल कंपनियां’, सीतारमण ने अमेरिका में निवेशकों को दिया न्योतादिल्ली में CNG की कीमतों में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी, 83.09 से बढ़कर 86.98 रुपये पहुंची कीमत18 साल बाद TVS मोटर के नेतृत्व में बड़ा बदलाव, अब पेमान कारगार संभालेंगे कंपनी की कमानभविष्य में ज्यादा प्रदूषण फैलाने पर खुद धीमी हो जाएगी दोपहिया की रफ्तार, मरम्मत के बाद ही होगी सामान्यकॉकरोच जनता पार्टी की सियासी दस्तक: व्यवस्था के भीतर नहीं, बाहर से बदलाव की नई कोशिशसाइबर हमलों की बाढ़ से निपटने के लिए भारत को तुरंत चाहिए मजबूत सुरक्षा ढांचा

लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, बजट, भारत

Budget 2023 : विपक्ष का दावा, बजट ने कम आय और वंचित परिवारों को निराश किया

एक साल के भीतर भारत में करीब एक दर्जन राज्य में चुनाव होंगे और उसके बाद अगले साल मई में 2024 का आम चुनाव होगा। ऐसे में, 2023-24 के बजट में सभी प्रकार के मतदाताओं के लिए कुछ न कुछ था। हालांकि विपक्ष ने दावा किया है कि बजट ने कम आय और वंचित परिवारों […]

आज का अखबार, बजट, भारत

Budget 2023 : राष्ट्रपति ने सरकार के काम को सराहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सरकार को निर्णायक बताते हुए कहा कि कोई भी निर्णय नीतिगत पंगुता का शिकार नहीं हुआ। उन्होंने संसद के बजट अधिवेशन के पहले दिन संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अमृत काल यानी अगले 25 साल में जब भारत आजादी के 100 साल पूरे करेगा तब गरीबी […]

आज का अखबार, बजट

बजट सत्र में सवालों के घेरे में रहेगी सरकार

लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ आज (31 जनवरी) से शुरू होने वाले बजट सत्र का कम से कम पहला सप्ताह तो सरकार के लिए आसान नहीं रहने वाला है। हालांकि पहली बार सांसदों को लगा कि कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीति को चुपके से खेलना चाह रही […]

आज का अखबार, भारत, महाराष्ट्र

पद छोड़ने की तैयारी में कोश्यारी

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद से मुक्त होने की इच्छा जताई है। उनकी इस घोषणा के साथ ही राज्यपाल का एक और पद खाली हो सकता है। उन्होंने घोषणा की है कि वह अपने पद से मुक्त होना चाहते हैं और राजनीति से अलग होकर ‘लेखन और पढ़ने’ का काम करना […]

आज का अखबार, भारत, विविध, विशेष

नया मुकाम हासिल करेंगी कानून की हिमायती नागरत्ना!

कर्नाटक के मांड्या जिले के पांडवपुरा तालुक में एंगलागुप्पे छत्रा भले ही एक छोटा सा गांव है लेकिन उसे देश को अब तक एक मुख्य न्यायाधीश देने का गौरव प्राप्त है। सन 1989 में इस गांव के रहने वाले न्यायमूर्ति ईएस वेंकटरमैया छह माह के लिए देश के मुख्य न्यायाधीश बने। अगर सब कुछ ठीक […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

दुनिया संकट की स्थिति में है: मोदी

भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बनने की पेशकश करते हुए दक्षिण के देशों की ओर से दुनिया को ‘प्रतिक्रिया, पहचान, सम्मान और सुधार’ का नया एजेंडा दिया है। गुरुवार को शुरू हुए दो दिवसीय विशेष शिखर सम्मेलन, वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ, के पहले सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। […]

आज का अखबार, लेख, विशेष

कर्नाटक में भाजपा के लिए कठिन काम

केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कर्नाटक में पार्टी के लिए जो चुनाव मैदान तैयार किया है उसमें कुछ गड़बड़ियां हैं। शाह अपने किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में बेंगलूरु में थे, लेकिन बाद में एक विशाल राजनीतिक जनसभा को संबोधित करने के लिए ओल्ड मैसूरु क्षेत्र […]

आज का अखबार, लेख

नेपाल: प्रचंड की राह में चुनौतियां अपार

नेपाल के लामजुंग जिले में 14 नवंबर को चुनाव प्रचार के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के प्रमुख पुष्प कमल दहल ने कहा था कि वह गठबंधन के पूर्व सहयोगी रहे के पी शर्मा ओली से कभी हाथ नहीं मिलाएंगे। दहल प्रचंड के नाम से भी मशहूर हैं। प्रचंड ने कहा, ‘वह (ओली) […]

आज का अखबार, राजनीति

2022 में तीन चेहरों ने बड़े राजनीतिक बदलाव के दिए संकेत

अगर वर्ष 2022 में राजनीति को चेहरों से परिभाषित किया जाए तो आने वाले वर्षों में तीन शख्सियत सीधे तौर पर भारतीय राजनीति में बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। साल की शुरुआत में ही फरवरी महीने में उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में चुनाव हुए। कई विश्लेषकों का दावा है कि उत्तर प्रदेश […]

आज का अखबार, लेख

पूर्वोत्तर की राजनीति में हिमंत अपरिहार्य

शायद ही ऐसा होता है जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री का प्रभुत्व दूसरे राज्य में भी होता हो। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं का अन्य राज्यों में उपयोग तो किया लेकिन सिर्फ चुनाव प्रचार के लिए। ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं है कि उत्तर प्रदेश से बाहर किसी राज्य में अन्य […]

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