मोदी ने बाद में यहां जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जब खेतडी आए तो नरेन्द्र के नाम से आये लेकिन जब खेतडी से लौटे तो स्वामी विवेकानंद हो गए ।
उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानंद खेतडी तीन बार आए, यह खेतडी की ही ताकत है जिसने विवेकानंद नाम दिया, साथ ही एक चेहरा भी दिया, पहले विवेकानंद साफा नहीं बांधते थे । उन्होने कहा कि खेतडी के राजा ने पहली बार स्वामी विवेकानंद के साफा बांधा जिसके बाद उन्होंने उसे अपना लिया।
मोदी ने स्वामी विवेकानंद को प्रेरणा स्त्रोत बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के हर शब्द हमारे लिए प्रेरणा है, आज जबकि देश स्वामी विवेकानंद की डेढ सौं वी जयन्ती मना रहा है, ऐसे समय में खेतडी आकर स्वामी विवेकानंद का स्मरण करना मेरा सौभाग्य हेै ।
भाषा अनिल
11251439 दि
नननन