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एलपीजी और सीएनजी की कमी से ऐप-आधारित ड्राइवर परेशान, लंबी कतारों से घट रही आमदनी

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के ड्राइवर विकास ने कहा कि हालात पहले से ही बिगड़ते जा रहे हैं क्योंकि शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो गया है।

Last Updated- March 12, 2026 | 9:11 AM IST
Mumbai CNG crisis

ओला, उबर और रैपिडो जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों से जुड़े गिग वर्कर एलपीजी और सीएनजी ईंधन की कमी पर चिंता जता रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे उनकी रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ सकता है। तेलंगाना गिग ऐंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन तथा इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले शेख सलाउद्दीन ने कहा कि राइड-हेलिंग फर्मों के साथ काम करने वाले हजारों ड्राइवर अपनी गाड़ियां चलाने के लिए कम कीमत वाले ईंधन पर निर्भर हैं। इस कमी की वजह से गैस पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और आमदनी का नुकसान हो रहा है।

सलाउद्दीन ने कहा, ‘गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था का पारिस्थितिकी तंत्र ईंधन की उपलब्धता के प्रति बहुत संवेदनशील है। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप-बेस्ड प्लेटफॉर्म के जरिये एलपीजी और सीएनजी गाड़ियां चलाने वाले हजारों ड्राइवर अपनी रोजी-रोटी के लिए सस्ते ईंधन की उपलब्धता पर निर्भर रहते हैं। आपूर्ति में कोई भी रुकावट गैस पंपों पर लंबी कतारों, कम फेरों और उन ड्राइवरों की तुरंत फौरी आमदनी के नुकसान का कारण बन सकती है, जो पहले से ही बढ़ते परिचालन खर्च से जूझ रहे हैं।’

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के ड्राइवर विकास ने कहा कि हालात पहले से ही बिगड़ते जा रहे हैं क्योंकि शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो गया है। इससे उन्हें दूसरे पंपों पर लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है जो अब भी तेल की आपूर्ति कर रहे हैं।

विकास ने बताया, ‘भले ही ड्राइवरों को दिक्कतें आ रही हों, लेकिन राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्मों पर ग्राहकों के लिए कीमतें वही हैं, जिसका मतलब यह है कि राइडर को ईंधन के अधिक दामों की आंच झेलनी पड़ रही है। पंपों पर सीएनजी के लिए कतारें एक किलोमीटर या उससे भी ज्यादा तक लंबी हो रही हैं।’

हैदराबाद में एलपीजी ऑटो चलाने वाले गिग वर्कर सतीश कुमार ने कहा कि एलपीजी की कीमतें कुछ ही दिनों में 65.70 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 92.97 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले एलपीजी रिफिलिंग में केवल 5 से 10 मिनट लगते थे, लेकिन अब ड्राइवरों को 2 से ढांई घंटे तक कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।

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First Published - March 12, 2026 | 8:41 AM IST

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