टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार कंुजवन गांव के लोगों द्वारा आसपास बाघ देखे जाने की सूचना पर कल अमला वहां पहुंचा तथा बाघ को तलाशकर तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे बेहोश किया। अमले ने उसे रेडियो कॉलर पहनाया। पिंजड़े में बंद बाघ को होश आने के बाद उसे रिजर्व के संरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
टाइगर रिजर्व के प्रभारी एवं उप संचालक विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि पी 22 नाम के इस बाघ के गांव के पास होने की खबर को लेकर गांव में सनसनी फैल गई। जब बाघ को पकड़ा गया, तो उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
स्थानीय ग्रामीणोंं के अनुसार यह बाघ कई दिनों से गांव के आसपास देखा जा रहा था, जिसकी सूचना कल रिजर्व प्रबंधन को दी गई।