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TCS के बायबैक कार्यक्रम में टेंडर हुए सात गुना शेयर

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TCS ने टेंडर के जरिये पुनर्खरीद के लिए 4,150 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया है, जो आखिरी बंद भाव के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है।

Last Updated- December 07, 2023 | 10:11 PM IST
TCS

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 17,000 करोड़ रुपये की पुनर्खरीद कार्यक्रम में निवेशकों ने कंपनी की तरफ से खरीदे जाने वाले शेयरों के मुकाबले करीब सात गुना शेयर टेंडर किए हैं।

स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों से पता चलता है कि टीसीएस के शेयरधारकों ने करीब 26.9 करोड़ शेयर टेंडर किए हैं जबकि कंपनी ने अधिकतम 4.01 करोड़ शेयर (1.12 फीसदी इक्विटी) खरीदने का इरादा जताया है।

बाजार पर नजर रखने वालों ने कहा कि इस पेशकश पर प्रीमियम की पेशकश को देखते हुए शेयरधारकों ने अपनी पात्रता से ज्यादा शेयर इस उम्मीद में टेंडर किए कि कम आवेदन की स्थिति में उनके ज्यादा शेयर स्वीकार किए जाएंगे।

टीसीएस का शेयर 0.4 फीसदी चढ़कर 3,617 रुपये पर बंद हुआ। टीसीएस ने टेंडर के जरिये पुनर्खरीद के लिए 4,150 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया है, जो आखिरी बंद भाव के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है।

रिकॉर्ड डेट 25 नवंबर को जिन शेयरधारकों के पास टीसीएस के शेयर थे वे इस पुनर्खरीद में अपने शेयर टेंडर करने के पात्र थे। कई खुदरा निवेशकों ने रिकॉर्ड डेट से पहले इस इरादे से टीसीएस के शेयर खरीदे थे कि उन्हें इस पेशकश पर आर्बिट्रेज का फायदा मिलेगा।

उद्योग के प्रतिभागियों ने कहा कि खुदरा निवेशकों के लिए स्वीकार्यता अनुपात करीब 28 फीसदी है। सेबी के नियमों के मुताबिक, पुनर्खरीद के आकार का 15 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित होना चाहिए। इसके परिणामस्वरूप उनके लिए स्वीकार्यता अनुपात ज्यादा है।

साल 2022 में टीसीएस की अब तक की सबसे बड़ी पुनर्खरीद (18,000 करोड़ रुपये) में खुदरा निवेशकों के लिए स्वीकार्यता अनुपात 14 से 21 फीसदी के बीच और सामान्य श्रेणी के लिए 1 फीसदी से 9 फीसदी के बीच था। आईआईएफएल के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

विभिन्न वर्षों में स्वीकार्यता अनुपात घटता रहा है, विश्लेषकों ने इसकी वजह ज्यादा मौकापरस्त निवेशकों की तरफ से शेयरों की खरीद कर आर्बिट्रेज का फायदा उठाना है। साल 2017 और 2018 में खुदरा निवेशकों के लिए स्वीकार्यता अनुपात 100 फीसदी था।

दूसरे शब्दों में खुदरा निवेशकों की तरफ से इन दोनों पुनर्खरीद में खुदरा निवेशकों की तरफ से टेंडर किए गए सभी शेयर कंपनी ने स्वीकार कर लिए थे। सामान्य श्रेणी के लिए स्वीकार्यता अनुपात अपेक्षाकृत और ज्यादा था।

पिछले महीने मूल कंपनी टाटा संस ने ऐलान किया था कि पुनर्खरीद में उसका इरादा 2.96 करोड़ शेयर टेंडर करने का है। अगर सभी शेयर स्वीकार कर लिए जाते हैं तो टाटा संस 12,284 करोड़ रुपये जुटाने में कामयाब हो जाएगी, जो पुनर्खरीद की कुल रकम का करीब तीन चौथाई बैठता है। सितंबर तिमाही के आखिर में टीसीएस में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 72.3 फीसदी थी।

साल 2017 से 2022 के बीच टीसीएस ने पुनर्खरीद के चार कार्यक्रम पूरे किए हैं और इस पर कुल 66,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। टाटा संस ने इन सभी पुनर्खरीद कार्यक्रम में 41,895 करोड़ रुपये के शेयर टेंडर किए थे।

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First Published - December 7, 2023 | 10:11 PM IST

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