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ऊर्जा शक्ति: चांदी और सौर प्रौद्योगिकी का आपसी संबंध

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विश्व बैंक समूह कम तथा मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा वित्त पोषक है जबकि यूरोपीय निवेश बैंक उच्च आय वाले देशों को धन मुहैया कराने मे अग्रणी है।

Last Updated- November 17, 2023 | 10:54 PM IST
Carbon emission

चांदी या चांदी का पेस्ट सौर ऊर्जा उद्योग का एक अहम घटक है। वर्तमान में यह सोलर पैनल की लागत का सात फीसदी है। बीते छह वर्षों में सोलर सेल निर्माताओं ने प्रति पीस सिल्वर पेस्ट की खपत को करीब आधा करने में कामयाबी पाई है लेकिन अगली पीढ़ी की अधिक उन्नत तकनीक की मांग इससे कहीं अधिक होगी।

ब्लूमबर्गएनईएफ की सौर प्रौद्योगिकी की शीर्ष विश्लेषक याली जियांग ने कहा, ‘सौर उद्योग अब चांदी की कीमतों के रुझान से पहले की तुलना में अधिक प्रभावित होता है।’

सौर प्रौद्योगिकी में बहुत तेजी से परिवर्तन हो रही है। पीईआरसी अथवा पैसिवेटेड एमिटर ऐंड रियल कॉन्टैक्ट, पैनल जिनका इस समय व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है, वे 2019 में प्रमुख उत्पाद बने। आने वाले दिनों में टीओपीकॉन या टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट टेक्नॉलजी के बारे में और अधिक बातें सुनने को मिल सकती हैं।

कुछ कंपनियां सीधे हेटरोजंक्शन सेल के इस्तेमाल की उम्मीद कर रही हैं। नई तकनीक वाली सेलल्स में और अधिक चांदी का इस्तेमाल होता है: पीईआरसी के 8.6 मिलीग्राम प्रति वॉट की तुलना में टीओपीकॉन 12 मिलीग्राम और हेटरोजंक्शन सेल 22 मिलीग्राम चांदी का इस्तेमाल करती हैं।

ये बदलाव सौर मॉड्यूल की किफायत को 21 फीसदी से बढ़ाकर 2030 तक 25 फीसदी तक पहुंचा देंगे और 2040 के दशक के अंत तक यह 40 फीसदी का स्तर पार कर जाएगा। सौर मॉड्यूल की उच्च किफायत का अर्थ हमेशा कम लागत होता है।

द सिल्वर इंस्टीट्यूट के मुताबिक 2022 में दुनिया में चांदी की कुल खपत का 10वां हिस्सा फोटोवॉल्टिक इंडस्ट्री में खपा। बीएनईएफ के अनुसार ऊर्जा बदलाव की प्रक्रिया के तेज होने के साथ ही प्रमुख धातुओं की मांग में भी तेजी आएगी।

उदाहरण के लिए इसका अर्थ यह है कि 2050 में 2022 की तुलना में करीब चार गुना स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा। एल्युमीनियम, कॉपर, लीथियम, निकल, मैंगनीज तथा दुर्लभ धातुओं के मामले में यह और भी अधिक होगा।

समुद्री विद्युत लिंक

इंडोनेशिया जल्दी ही कम कार्बन वाली बिजली सिंगापुर को निर्यात कर सकता है क्योंकि सिंगापुर के ऊर्जा बाजार प्राधिकार ने कुछ आरंभिक परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी है। लक्ष्य यह है कि निर्यात के लिए 11 गीगावॉट सोलर पैनल और 21 गीगावॉट भंडारण व्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से स्थापित किया जाए।

इंडोनेशिया के अधोसंरचना एवं परिवहन विभाग के डिप्टी कोऑर्डिनेटिंग मंत्री रचमत कैमुद्दीन ने ब्लूमबर्गएनईएफ को एक साक्षात्कार में कहा, ‘यह बहुत बड़ी बात होगी। हम पारंपरिक रूप से ऊर्जा का निर्यात करने वाले देश रहे हैं। हम कोयले के निर्यातक हैं। हम सिंगापुर से एक ऐसे मॉडल की शुरुआत कर रहे हैं जहां कोयले की कोई मांग नहीं होगी।’

दोनों देश समुद्र के नीचे एक केबल के माध्यम से जुड़ेंगे। यह दुनिया भर में समुद्र की सतह के नीचे बन रही लिंक परियोजनाओं में से एक है। इनमें यूके-जर्मनी, मोरक्को-यूके और ऑस्ट्रेलिया-सिंगापुर शामिल हैं।

इंडोनेशिया ने नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाने और जस्ट एनर्जी ट्रांजीशन पार्टनरशिप यानी जेईटीपी के अधीन कोयला आधारित संयंत्रों को बंद करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। विकसित देशों और बहुपक्षीय संस्थानों ने 22 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है ताकि वह अपने बिजली क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बना सके।

इंडोनेशिया ने 1,000 से अधिक परियोजनाओं को चिह्नित किया है जो जेईटीपी का हिस्सा हो सकते हैं। मंत्री ने कहा, ‘अधिकांश परियोजनाएं में सकारात्मक आईआरआर (इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) और सकारात्मक एनपीवी (नेट प्रेजेंट वैल्यू) होंगे। प्रश्नचिह्न कम रिटर्न वाली परियोजनाओं- कोयले के निपटान और पारेषण पर होंगे।’

जलवायु वित्त

सीओपी 28 के आरंभ होने के बाद ऊर्जा बदलाव के वित्त पोषण पर ध्यान दिया जाएगा। हाल ही में प्रकाशित 2022 की बहुपक्षीय विकास बैंकों की जलवायु वित्त संबंधी रिपोर्ट में तीन चीजें नजर आती हैं:

जलवायु से जुड़ा वित्त पोषण कम और मध्यम आय वाले देशों तथा उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी है। 2022 में कम और मध्यम आय वाले देशों को 60 अरब डॉलर और उच्च आय वाले देशों को 39 अरब डॉलर का वित्त पोषण मिला।

विश्व बैंक समूह कम तथा मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बड़ा वित्त पोषक है जबकि यूरोपीय निवेश बैंक उच्च आय वाले देशों को धन मुहैया कराने मे अग्रणी है।

निवेश ऋण वित्त पोषण का मुख्य जरिया है। अन्य नीति आधारित वित्त पोषणों में अनुदान, गारंटी, ऋण, इक्विटी और परिणाम आधारित वित्त पोषण शामिल हैं।

रिपोर्ट में विश्व बैंक समूह और यूरोपीय निवेश बैंक के अलावा एशियाई विकास बैंक और एशियाई अधोसंरचना निवेश बैंक, अफ्रीकी विकास बैंक, यूरोपीय विकास बैंक परिषद, यूरोपीय पुनर्गठन एवं विकास बैंक, इस्लामिक विकास बैंक, नया विकास बैंक और अंतर अमेरिकी विकास बैंक समूह शामिल हैं।

अलग से देखा जाए तो विश्व बैंक ने गत सप्ताह दक्षिण अफ्रीका के लिए एक अरब डॉलर की राशि घोषित की ताकि एस्कॉम होल्डिंग्स को अधिक सक्षम बनाया जा सके तथा नवीकरणीय ऊर्जा में निजी निवेश को प्रोत्साहित करके कम कार्बन वाले बदलाव का समर्थन किया जा सकता है।

कार्बन प्रकटीकरण

कैलिफोर्निया अमेरिका का पहला राज्य है जिसके यहां ऐसा कानून है जिसके तहत राज्य में काम कर रही कंपनियों को 2026 से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के स्कोप 1 और 2 तथा 2027 से स्कोप 3 की रिपोर्ट करनी होगी। स्कोप 3 उत्सर्जन रिपोर्टिंग की बात करें तो इसमें इसमें वह अप्रत्यक्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन आता है जिसमें कंपनी का सीधा स्वामित्व या नियंत्रण नहीं होता है।

यह नए अधिनियम का सबसे विवादित तत्व है। इस कानून का विरोध कर रही कंपनियों का कहना है कि जिन आपूर्ति श्रृंखलाओं पर उनका नियंत्रण नहीं है उनसे उत्सर्जन के बारे में सटीक जानकारी हासिल करना महंगा हो सकता है और यह निवेशकों के लिए गलत और भ्रामक भी हो सकता है।

वहीं समर्थकों का कहना है कि कंपनी के उत्सर्जन का पूरा परिदृश्य तभी सामने आएगा जब स्कोप 3 को शामिल किया जाएगा क्योंकि अधिकांश कंपनियों के कार्बन उत्सर्जन में इनकी अहम भूमिका होती है।

इसके साथ ही एक और कानून पारित किया गया है जिसके तहत राज्य में संचलित 50 करोड़ डॉलर से अधिक सालाना राजस्व वाली कंपनियों को जलवायु संबंधी वित्तीय जोखिमों की जानकारी देने की आवश्यकता है।

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First Published - November 17, 2023 | 10:54 PM IST

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