facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में अभी जारी रहेगी भर्तियां, वित्त वर्ष-23 में हुईं 50 हजार से अधिक भर्तियां

Last Updated- May 01, 2023 | 8:49 AM IST
Employment in India

कारोबार में वृद्धि और शाखाओं के विस्तार के कारण निजी क्षेत्र के बैंक भर्तियां (Banking Sector Recruitments) कर रहे हैं और चालू वित्त वर्ष में भी भर्तियां जारी रहने की संभावना है। देश के दो शीर्ष निजी बैंकों ने वित्त वर्ष 23 में 50,000 से ज्यादा भर्तियां की हैं। प्राइवेट सेक्टर के देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2022-23 में 31,643 भर्तियां की हैं, जबकि आईसीआईसीआई बैंक ने इस अवधि के दौरान 23,200 कर्मचारी जोड़े हैं।

एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक तेजी से नई शाखाएं भी खोल रहे हैं, जिन्होंने वित्त वर्ष 23 में क्रमशः करीब 1,500 और 500 शाखाएं खोली हैं। निजी क्षेत्र के छोटे बैंक भी पीछे नहीं हैं।

कैथलिक सीरियन बैंक जिसे सीएसबी बैंक के नाम से जाना जाता है, ने वित्त वर्ष 23 में शाखाओं की संख्या में 46 प्रतिशत वृद्धि की है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी प्रलय मंडल ने कहा कि बैंक ने वित्त वर्ष 23 के दौरान 2,100 लोगों को जोड़ा है और उम्मीद है कि 2023-24 में भी इतनी ही भर्तियां होंगी।

मंडल ने कहा, ‘हमारे मानव संसाधन में वृद्धि करीब 46 प्रतिशत रही है और कर्मचारियों की संख्या 4,650 से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 6,800 हो गई है। हम उत्पाद, तकनीक और शाखाओं में भारी निवेश कर रहे हैं और इसके लिए ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत है।’

सीबीएस में कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह यह है कि बैंक अब गोल्ड लोन से इतर भी अपना कारोबार बढ़ाने की रणनीति पर चल रहा है। साल के दौरान बैंक ने उत्तर भारत में 100 नई शाखाएं खोली हैं, जहां उसकी पकड़ मजबूत नहीं थी। इस समय बैंक के कुल कर्ज में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है, जो वित्त वर्ष 2021-22 के 39 प्रतिशत से ज्यादा है।

बैंक के कर्मचारियों पर आने वाला खर्च साल के दौरान 16 प्रतिशत बढ़ा है और यह मार्च 2022 के अंत के 482 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2023 के अंत में 558 करोड़ रुपये हो गया है। मंडल के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि ग्राहक हासिल करने के लिए सेल्स और सर्विस बढ़ी है।

आईसीआईसीआई बैंक में भर्ती के बारे में बैंक के कार्यकारी निदेशक संदीप बत्रा ने कहा, ‘तकनीक पर बहुत ज्यादा खर्च हो रहा है, जो अभी जारी है। हमने पिछले 12 महीने में करीब 23,200 कर्मचारी जोड़े हैं। इस समय कर्मचारियों की संख्या 1,29,000 हो गई है।’ वित्त वर्ष 23 में आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारियों की संख्या 25 प्रतिशत बढ़ी है।

आईसीआईसीआई बैंक की शाखाओं की संख्या मार्च 22 के 5,418 से 9 प्रतिशत बढ़कर मार्च 2023 में 5,900 हो गई है, जबकि एटीएम की संख्या 4 प्रतिशत बढ़कर 13,626 हुई है।

एचडीएफसी बैंक के कर्मचारियों की संख्या 30 मार्च 2023 को बढ़कर 1,73,222 हो गई है, जो पिछले साल 31 मार्च को 1,41,579 थी। इसकी बड़ी वजह इस दौरन शाखाओं और एटीएम की संख्या में बढ़ोतरी है, जो क्रमशः 23 प्रतिशत और 9 प्रतिशत बढ़ा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या बैंक शाखाओं का विस्तार और कर्मचारियों की भर्ती जारी रखेगा, एचडीएफसी बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी श्रीनिवासन वैद्यनाथन ने कंपनी परिणाम के बाद की चर्चा में कहा, ‘अब तक वही धारणा बनी हुई है, लेकिन हर तिमाही इसका मूल्यांकन होता है। अनुमान यह है कि ऐसी स्थिति बनी रहेगी क्योंकि हमने जो योजना बनाई थी, उसके मुताबिक परिणाम आ रहे हैं।’

मार्च 2023 तक देश के 3,811 शहरों में एचडीएफसी बैंक की 7,821 शाखाएं और 19,727 एटीएम या नकद जमा व निकासी मशीन (सीडीएम) थे, जबकि एक साल पहले 3,188 शहरों में 6,342 शाखाएं और 18,130 एटीएम/सीडीएम थे।
वित्त वर्ष 23 में एचडीएफसी के कर्मचारियों पर खर्च 29 प्रतिशत बढ़कर 15,512.36 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले 12,031.69 करोड़ रुपये

First Published - May 1, 2023 | 8:43 AM IST

संबंधित पोस्ट