facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

बेसल-3 नियमों से बैलेंस शीट दोगुना कर सकेगा Nabard

Advertisement

वित्त वर्ष 2022-23 की वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक नाबार्ड की बैलेंस शीट का आकार पिछले 5 साल के दौरान 4.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

Last Updated- October 03, 2023 | 9:33 PM IST
बॉन्ड से 30,000 करोड़ रुपये जुटाएगी नाबार्ड, Nabard may raise Rs 30,000 crore through bonds in FY25, says CRISIL

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (Nabard) को बेसल-3 मानदंड लागू होने पर अप्रैल 2024 से अपनी बैलेंस शीट को दोगुना करने की गुंजाइश मिल सकेगी। मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में नाबार्ड की बैलेंस शीट 8 लाख करोड़ रुपये थी।

नाबार्ड के चेयरमैन शाजी केवी (Nabard Chairman) ने कहा कि संस्थान में अब पर्याप्त रूप से पूंजी आ चुकी है और बेसल ढांचे के तहत पूंजी पर्याप्तता अनुपात 20 प्रतिशत से अधिक होगा।

उन्होंने कहा कि वृद्धि पूंजी पर्याप्त थी। अगल लीवरेज अनुपात देखें तो संस्थान आगे बढ़ने के लिए उच्च स्तर पर मौजूदा फंड का इस्तेमाल कर सकता है। पहले कोई लीवरेज अनुपात निर्धारित नहीं था। बेसल के तहत विशिष्ट (4 गुना) प्रावधान होंगे, जिससे नाबार्ड के आगे बढ़ने की राह प्रशस्त होगी।

उन्होंने कहा कि संस्थान आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन वह मांग से परे ऐसा नहीं कर सकता। वित्त वर्ष 2022-23 की वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक नाबार्ड की बैलेंस शीट का आकार पिछले 5 साल के दौरान 4.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

नाबार्ड का कुल मिलाकर कारोबार बढ़ा है, वहीं पूंजी और भंडार में 52.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका वित्तपोषण का काम मुख्य रूप से कर्जदाताओं को धन देने, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के सृजन व सिंचाई आदि पर केंद्रित रहा है।

पुनर्वित्तपोषण में मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में एक साल पहले के 3.91 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 8.6 प्रतिशत वृद्धि हुई और यह 4.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

Advertisement
First Published - October 3, 2023 | 9:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement