facebookmetapixel
Advertisement
FD से ज्यादा रिटर्न का मौका? RBI के कदम के बाद बैंकों में ब्याज बढ़ाने की होड़भारत बना ग्लोबल इकॉनमी का ‘ब्राइट स्पॉट’, चंद्रशेखरन ने बताया क्यों दुनिया की नजरें यहीं टिकींWipro का सबसे बड़ा बायबैक गुरुवार से, 180 रुपये के शेयर पर 250 रुपये देने को तैयार कंपनीमेडिकल बिल या नौकरी का झटका, मुश्किल समय में यही फंड बनेगा आपका सहाराAI की दौड़ में Amazon, Google और Microsoft ने खोला खजाना, IT कंपनियों के लिए क्या है संकेत?विदेश छोड़ भारत घूम रहे लोग, होटल कंपनियों की कमाई चमकी; इन 2 शेयरों में 52% तक अपसाइडCMR Green Technologies की दमदार लिस्टिंग, निवेशकों को पहले दिन मिला 43% तक का मुनाफाMeta भारत में बनाएगी अपना पहला AI डेटा सेंटर, Reliance के साथ मिलाया हाथLock-in Expiry: Meesho से लेकर ICICI Pru AMC तक, 75 कंपनियों का लॉक-इन खत्म होने वाला हैलोग खरीद रहे हैं ज्यादा बीमा पॉलिसियां, फिर भी LIC और कंपनियों की ग्रोथ क्यों पड़ी धीमी?

बेसल-3 नियमों से बैलेंस शीट दोगुना कर सकेगा Nabard

Advertisement

वित्त वर्ष 2022-23 की वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक नाबार्ड की बैलेंस शीट का आकार पिछले 5 साल के दौरान 4.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

Last Updated- October 03, 2023 | 9:33 PM IST
बॉन्ड से 30,000 करोड़ रुपये जुटाएगी नाबार्ड, Nabard may raise Rs 30,000 crore through bonds in FY25, says CRISIL

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (Nabard) को बेसल-3 मानदंड लागू होने पर अप्रैल 2024 से अपनी बैलेंस शीट को दोगुना करने की गुंजाइश मिल सकेगी। मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में नाबार्ड की बैलेंस शीट 8 लाख करोड़ रुपये थी।

नाबार्ड के चेयरमैन शाजी केवी (Nabard Chairman) ने कहा कि संस्थान में अब पर्याप्त रूप से पूंजी आ चुकी है और बेसल ढांचे के तहत पूंजी पर्याप्तता अनुपात 20 प्रतिशत से अधिक होगा।

उन्होंने कहा कि वृद्धि पूंजी पर्याप्त थी। अगल लीवरेज अनुपात देखें तो संस्थान आगे बढ़ने के लिए उच्च स्तर पर मौजूदा फंड का इस्तेमाल कर सकता है। पहले कोई लीवरेज अनुपात निर्धारित नहीं था। बेसल के तहत विशिष्ट (4 गुना) प्रावधान होंगे, जिससे नाबार्ड के आगे बढ़ने की राह प्रशस्त होगी।

उन्होंने कहा कि संस्थान आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन वह मांग से परे ऐसा नहीं कर सकता। वित्त वर्ष 2022-23 की वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक नाबार्ड की बैलेंस शीट का आकार पिछले 5 साल के दौरान 4.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

नाबार्ड का कुल मिलाकर कारोबार बढ़ा है, वहीं पूंजी और भंडार में 52.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका वित्तपोषण का काम मुख्य रूप से कर्जदाताओं को धन देने, ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के सृजन व सिंचाई आदि पर केंद्रित रहा है।

पुनर्वित्तपोषण में मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में एक साल पहले के 3.91 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 8.6 प्रतिशत वृद्धि हुई और यह 4.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

Advertisement
First Published - October 3, 2023 | 9:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement