क्विक कॉमर्स स्टार्टअप जेप्टो ने बाजार नियामक SEBI में गोपनीय रूप से अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) फाइल की है। कंपनी इस IPO के जरिए लगभग 11,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रख रही है। अगर यह लिस्टिंग सफल होती है, तो जेप्टो जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों के साथ शेयर बाजार में शामिल हो जाएगा।
IPO के लिए जेप्टो ने गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेएम फाइनेंशियल जैसे बड़े इनवेस्टमेंट बैंकों को मर्चेंट बैंकर्स के तौर पर चुना है। कंपनी ने कन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट अपनाया है, जिससे IPO दस्तावेज SEBI को दिखाए जाते हैं लेकिन जनता के लिए सार्वजनिक नहीं होते।
जेप्टो की वर्तमान वैल्यूएशन USD 7 बिलियन (लगभग 56,000 करोड़ रुपये) है। शुरूआत से अब तक कंपनी ने कई बड़े निवेशकों से कुल USD 1.8 बिलियन (करीब 16,000 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है। अक्टूबर 2025 में हुए फंडिंग राउंड में कंपनी ने USD 450 मिलियन (लगभग 3,757.5 करोड़ रुपये) जुटाए थे।
जेप्टो की स्थापना आदित पलीचा और कैयवल्य वोहरा ने 2021 में की थी। कंपनी ने 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी मॉडल को तेजी से भारत के बड़े शहरों में फैलाया। सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 900 से ज्यादा डार्क स्टोर थे।
पहले जेप्टो 2025 में लिस्टिंग करना चाह रही थी, लेकिन योजना कुछ महीने आगे बढ़ा दी गई। इसके अलावा कंपनी ने अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत शिफ्ट कर लिया है।