facebookmetapixel
Advertisement
संकट के बीच सरकार का बड़ा झटका: वाणिज्यिक सिलिंडर ₹993 महंगा, दिल्ली में कीमत ₹3,000 के पारVI को सरकार से बड़ी संजीवनी: AGR बकाये में 27% की कटौती, बैंकों से कर्ज मिलने का रास्ता साफसवालों के घेरे में एग्जिट पोल: पश्चिम बंगाल में सर्वे से क्यों पीछे हटी बड़ी एजेंसियां?ईरान का बड़ा कदम: अमेरिका को बातचीत के लिए भेजा नया प्रस्ताव, पाकिस्तान को सौंपी अपनी मांगेसोने की चमक पड़ी फीकी? तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से सोना 1% टूटाभारी पड़े अरबों डॉलर के विदेशी अधिग्रहण: 10 में से 8 भारतीय कंपनियां शेयरधारकों को रिटर्न देने में फेलअप्रैल में जीएसटी का नया कीर्तिमान: ₹2.43 लाख करोड़ का रिकॉर्ड संग्रह, पर घरेलू खपत में दिखी नरमीचुनौतियों के बीच वित्त मंत्रालय का संकल्प: संकट के बावजूद पूरा होगा ₹12 लाख करोड़ का कैपेक्ससरकारी बैंकों में कम होगी सरकार की हिस्सेदारी! पूंजी जुटाने के लिए QIP और बॉन्ड का सहारारिकॉर्ड मार्च के बाद अप्रैल में थमी UPI की रफ्तार, लेनदेन का कुल मूल्य ₹29.03 लाख करोड़ रहा

19 महीने के उच्चस्तर पर पहुंचा LIC का शेयर

Advertisement

LIC की सूचीबद्धता एक्सचेंजों पर 17 मई, 2022 को हुई थी और उसे न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का अनुपालन 2027 तक करना था।

Last Updated- December 22, 2023 | 10:30 PM IST
LIC

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC Stock) का शेयर शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारी वॉल्यूम का सहारा पाकर 7 फीसदी की उछाल के साथ 19 महीने के उच्चस्तर 820.05 रुपये को छू गया क्योंकि वित्त मंत्रालय ने कंपनी को 25 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारिता के नियम से एकबारगी की छूट दी है। यह शेयर अंत में 3.73 फीसदी की बढ़त के साथ 793 रुपये पर बंद हुआ।

एक्सचेंज के आंकड़े बताते हैं कि इसमें शुक्रवार को एनएसई व बीएसई पर कुल मिलाकर 1.16 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनी का शेयर 31 मई, 2022 के बाद के सर्वोच्च स्तर पर है।

आज के लाभ के साथ इस शेयर ने 29 मार्च के 52 हफ्ते के निचले स्तर 530.20 रुपये से 50 फीसदी की रिकवरी की है। कंपनी के शेयर ने सूचीबद्धता के दिन 17 मई, 2022 को 918.85 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था।

एक्सचेंज को भेजी सूचना में एलआईसी ने कहा है, वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने जनहित में भारतीय जीवन बीमा निगम को 25 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों के अनुपालन 10 साल में करने की एकबारगी की छूट दी है। यह समय सूचीबद्धता के समय से मिली है यानी कंपनी को मई 2032 तक इसका अनुपालन करना है।

LIC की सूचीबद्धता एक्सचेंजों पर 17 मई, 2022 को हुई थी और उसे न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का अनुपालन 2027 तक करना था। हालांकि उसे 5 साल का विस्तार मिला है और अब उसे मई 2032 तक इसका अनुपालन करना होगा।

मौजूदा नियम कहता है कि एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार पूंजीकरण वाली सूचीबद्ध इकाई को 25 फीसदी की न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता का अनुपालन सूचीबद्धता से पांच साल के भीतर करनी होती है। परिचालन के मोर्चे पर सबसे बड़ी बीमा कंपनी लगातार निराश कर रही है।

इस साल अब तक के आधार पर एलआईसी का सालाना प्रीमियम समकक्ष (एपीई) 20 फीसदी फिसला है। समूह का एपीई भी 40 फीसदी घटा है, वहीं वित्त वर्ष 24 में अब तक इसमें 33 फीसदी की नरमी दर्ज हुई है।

कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 30 नवंबर, 2023 को 58.8 फीसदी थी, जो एक साल पहले 67.7 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही में न्यू बिजनेस मार्जिन की वैल्यू 14.6 फीसदी पर स्थिर रही।

कंपनी प्रॉडक्ट मिक्स में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और इसका ज्यादा ध्यान गैर-भागीदारी वाले सेगमेंट (नॉन-पार) पर है, यह कहना है केआर चोकसी रिसर्च का। कंपनी से उद्योग की वृद्धि के मौके को पूंजीकृत करने की उम्मीद है, जिसे उसकी अहम प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों और भौगोलिक विस्तार से सहारा मिलेगा।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने हालांकि एलआईसी को 850 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीद की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘एलआईसी के पास उद्योग में अग्रणी स्थिति बरकरार रखने का दमखम है। हालांकि इस विशाल संगठन को उम्दा व अच्छी तरह से विचारित क्रियान्वयन योजना की दरकार है।’

ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि एलआईसी एपीई में वित्त वर्ष 23-25 के दौरान 3 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की रफ्तार से वृद्धि दर्ज करेगी (वित्त वर्ष 24 में गिरावट और वित्त वर्ष 25 में तेज रिकवरी), ऐसे में वह नए बिजनेस की वैल्यू में 9 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़त हासिल करने में सक्षम होगी।

Advertisement
First Published - December 22, 2023 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement