facebookmetapixel
Advertisement
4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबामोटी कमाई का चांस! अगले हफ्ते लगभग 150 कंपनियां देंगी डिविडेंड, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकाजन्माष्टमी पर बाजारों में बंपर खरीदारी की उम्मीद, 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार का अनुमान18 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 37.5 अरब डॉलर खर्च, फिर भी ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया ‘छोटी बात’लाइट, कैमरा और एक्शन: कैसे साल 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारतीय सिनेमा का पूरा कारोबार बदल दिया?भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यों और शहरों को खुद जुटाना होगा फंड: भार्गव दासगुप्ता

न्यायालय के आदेश के खिलाफ Google ने वापस ली याचिका

Advertisement

तकनीकी दिग्गज ने अदालत को बताया कि यह आदेश तब पारित हुआ था जब सीसीआई के पास याचिका पर सुनवाई के लिए कोरम नहीं था।

Last Updated- December 07, 2023 | 10:19 PM IST
Google

Google ने गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के एकल पीठ के उस आदेश के खिलाफ अपनी अपील वापस ले ली, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से गूगल के यूजर चॉइस बिलिंग सिस्टम के खिलाफ डिजिटल स्टार्टअप के समूह के आवेदनों पर सुनवाई के लिए कहा गया था।

तकनीकी दिग्गज ने अदालत को बताया कि यह आदेश तब पारित हुआ था जब सीसीआई के पास याचिका पर सुनवाई के लिए कोरम नहीं था। अब सीसीआई के पास कोरम है, ऐसे में गूगल यह याचिका वापस लेना चाहती है। सीसीआई ने कहा कि याचिका वापस लेने पर उसे कोई ऐतराज नहीं है।

दिल्ली उच्च न्यायालय के एकल पीठ ने अप्रैल में सीसीआई से कहा था कि वह गूगल की बिलिंग पॉलिसी के खिलाफ अलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) की याचिका पर फैसला ले। गूगल ने इस आदेश के खिलाफ अपील की थी।

डिजिटल स्टार्टअप के समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले एडीआईएफ ने गूगल के न्यू इन-ऐप बिलिंग सिस्टम (जिसे यूजर च्वाइस बिलिंग सिस्टम कहा जाता है) को तब तक निलंबित करने के लिए याचिका दाखिल की थी जब तक कि सीसीआई के निर्देश की कथित गैर-अनुपालन पर प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच नहीं हो जाती।

एडीआईएफ ने आरोप लगाया था कि इन-ऐप पेमेंट के लिए थर्ड पार्टी बिलिंग सर्विसेज की इजाजत देने के नियामक के निर्देश के बावजूद गूगल ने उच्च सेवा शुल्क वाले यूएसबी सिस्टम सामने रख दिया।

स्टार्टअप के समूह ने कहा, उनकी व्यथा यह थी कि प्रतिस्पर्धा आयोग कोरम के अभाव में नई नीति को लेकर उसकी याचिका पर कदम उठाने में नाकाम रहा था।

Advertisement
First Published - December 7, 2023 | 10:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement