facebookmetapixel
Advertisement
छात्रों के विरोध के आगे झुकी सरकार! कैसे PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले दूसरे केंद्रीय मंत्री बने प्रधानपश्चिम एशिया संकट व तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट का हाल?नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयास

फेडबैंक फाइनैंशियल का मुनाफा 25 प्रतिशत बढ़ा

Advertisement

कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 29 प्रतिशत तक बढ़कर 207.30 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 160.40 करोड़ रुपये थी।

Last Updated- December 11, 2023 | 11:57 PM IST
indian currency

हाल में सूचीबद्ध एनबीएफसी फेडबैंक फाइनैंशियल सर्विसेज का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में 25.12 प्रतिशत बढ़कर 57.76 करोड़ रुपये हो गया है, जो वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 46.16 करोड़ रुपये था। कंपनी को आय और ऋण वितरण में मजबूत वृद्धि से मदद मिली।

कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 29 प्रतिशत तक बढ़कर 207.30 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 160.40 करोड़ रुपये थी।

कंपनी का तिमाही ऋण वितरण एक साल पहले की अवधि के 2,294 करोड़ रुपये से करीब 28 प्रतिशत बढ़कर 2,932.90 करोड़ रुपये हो गया। कुल ऋणों में कंपनी के स्वर्ण ऋण व्यवसाय का योगदान करीब 68 प्रतिशत के साथ 2007.3 करोड़ रुपये रहा। वहीं गैर-स्वर्ण ऋण व्यवसाय 925.6 करोड़ रुपये पर रहा।

प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 37.54 प्रतिशत तक बढ़कर 10030.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गईं, जो वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 7,292.20 करोड़ रुपये थीं।

फेडबैंक फाइनैंशियल सर्विसेज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अनिल कोठुरी ने कहा, ‘जहां तक गैर-स्वर्ण ऋण व्यवसाय का सवाल है, हम इसमें क्षमताओं से संपन्न हैं। हमारे ऋण वितरण में तेजी बनी हुई है और इस वजह से एयूएम में भी वृद्धि जारी रहेगी।’

उन्होंने कहा, ‘हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि वित्त वर्ष 2025 तक एयूएम वृद्धि 25 से 30 प्रतिशत के बीच हासिल की जा सके।’ कंपनी की परिसंपत्ति गुणवत्ता में लगातार सुधार आ रहा है। सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (जीएनपीए) और शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां (एनएनपीए) घटकर अपने निचले स्तरों पर आ गई हैं।

Advertisement
First Published - December 11, 2023 | 11:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement