facebookmetapixel
Stock Market Today: बजट के झटकों के बाद संभलने की कोशिश, आज इन शेयरों पर रहेगी पैनी नजरबजट में उद्योगों को बढ़ावा देने पर सारा जोर, मगर बुनियादी सुधारों का अब भी इंतजारनतीजों के बाद बजाज ऑटो के शेयर पर मचा घमासान, खरीदें या रुकें? जानें ब्रोकरेज की रायBudget 2026: आत्मविश्वास से भरपूर, मगर भविष्य की चिंताओं को लेकर सतर्कसीमा शुल्क में बड़े बदलावों की कमी, क्या टुकड़ों में सुधारों से मिलेगी विनिर्माण को गति?Editorial: चुनौतीपूर्ण समय का बजट — संतुलित घाटा और सर्विस सेक्टर से विकास की उम्मीदमझोले व छोटे शहरों के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड, आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित होंगे शहरStocks to Watch today: रेलवे से लेकर तंबाकू शेयरों तक, जानें आज कौन से सेक्टर और शेयर रहेंगे फोकस मेंSME को ‘चैंपियन’ बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड, छोटे उद्योगों की किस्मत बदलेगी सरकारबैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलावों की सुगबुगाहट, समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति का हो सकता है गठन

GSTN से बैंकों को लागत में कमी की उम्मीद

Last Updated- December 12, 2022 | 1:09 PM IST
GST

वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) को अकाउंट एग्रीगेटर (एए) ढांचे में जोड़े जाने को लेकर बैंक और इस क्षेत्र में काम करने वाले संस्थान उत्साहित हैं। इससे न सिर्फ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) में धन का प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि इन कर्जदाताओं के परिचालन की लागत में कमी आएगी। साथ ही इससे पूरी प्रक्रिया बाधारहित बनने की संभावना है।

इस पूरी योजना से जुड़े लोगों ने कहा कि जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में जीएसटीएन के एए नेटवर्क पर लाइव होने की उम्मीद है। पिछले महीने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक अधिसूचना में कहा था कि जीएसटीएन को नेटवर्क में वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी) के रूप में शामिल किया गया है।

इससे एमएसएमई को कर्ज मिल सकेगा और उनमें नकदी का प्रवाह सुनिश्चित होगा। एए इकोसिस्टम के लिए उद्योग का गठजोड़ सहमति इस समय जीएसटीएन के साथ चर्चा कर रहा है। इससे छोटे व्यापारियों के बारे में वित्तीय संस्थानों को आंकड़े मिल सकेंगे और इससे उन्हें ऐसे संस्थानों को कर्ज मुहैया कराने में मदद मिलेगी।

निजी क्षेत्र के एक बैंकर ने कहा, ‘इससे परिचालन लागत में कमी आएगी। सामान्यतया हम हर महीने के स्टाक स्टेटमेंट मांगते हैं। यह जारी रह सकता है, अगर आप यह जानना चाहते हैं कि क्या चल रहा है और क्या हो रहा है। यह हेल्थ मॉनिटर की तरह है। इससे उस तरह की त्रुटियां कम हो सकती हैं, जो हम सामान्यतया करते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हम पहले से ही जीएसटी के आंकड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह बिखरे तरीके से हो रहा है। इस ढांचे से हमें पूरा आंकड़ा एक प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगा और इस तरह से हमें 5 अलग इकाइयों के पास नहीं जाना होगा। हम सभी एमएसएमई को उधारी देने की राह निकाल सकते है, लेकिन अभी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इनकी सूचनाएं सीमित हैं। इसलिए उनके बारे में ज्यादा आंकड़ों से कारोबार में नाटकीय वृद्धि हो सकती है।’

विशेषज्ञों का कहना है कि एए नेटवर्क में जीएसटीएन को जोड़े जाने से बैंक व अन्य कर्ज देने वाले संस्थान छोटे कारोबार के मालिकों तक एक पुष्ट आंकड़ों के साथ विश्वसनीयता के साथ पहुंच सकेंगे। इससे छोटे कारोबारी संस्थागत कर्ज के दायरे में आएंगे और अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बना सकेंगे।

First Published - December 12, 2022 | 1:09 PM IST

संबंधित पोस्ट