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लार्जकैप फंडों के साथ संतुलित करें अपना पोर्टफोलियो

बाजार में तेजी से स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों का मूल्यांकन बहुत अधिक हो जाता है मगर लार्जकैप का मूल्यांकन अक्सर उचित ही रहता है।

Last Updated- November 27, 2023 | 12:55 AM IST
Smallcaps steal a march over largecaps

मिडकैप और स्मॉलकैप फंड हाल में म्युचुअल फंड निवेशकों के पसंदीदा रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2022 के बाद मिडकैप फंडों में 33,486 करोड़ रुपये और स्मॉलकैप फंडों में 48,650 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

इसी दौरान लार्जकैप इक्विटी फंडों में महज 3,398 करोड़ रुपये लगाए गए। मगर लार्जकैप फंडों के प्रति निवेशकों की धारणा बदल रही है। लार्जकैप फंडों में लगातार पांच महीनों तक बिकवाली के बाद अक्टूबर 2023 में 723 करोड़ की शुद्ध लिवाली हुई। लार्जकैप फंड वे होते हैं, जिनका कम से कम 80 फीसदी निवेश लार्जकैप शेयरों में ही होता है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के उप मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) और अनुसंधान प्रमुख अनीश तावकले ने कहा, ‘लार्जकैप फंड में निवेशक को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 100 शेयरों में से तैयार बेहतरीन पोर्टफोलियो मिल जाता है। ये कंपनियां अपने क्षेत्र में बाजार की अग्रणी हैं और इन कंपनियों को उद्योग के विकास का भी फायदा मिला है।’

अधिकतर इक्विटी पोर्टफोलियो में ये फंड होने ही चाहिए। टाटा म्युचुअल फंड के फंड मैनेजर अभिनव शर्मा ने कहा, ‘आम तौर पर लार्जकैप कंपनियों के पास मजबूत ब्रांड और दमदार बहीखाता होता है। उनकी आय में वृद्धि की रफ्तार भी मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के मुकाबले लगभग स्थिर होती है। परिणामस्वरूप उनके रिटर्न में भी उतार-चढ़ाव की आशंका कम होती है।’

लार्जकैप फंड रिटर्न के मोर्चे पर ज्यादातर मिडकैप एवं स्मॉलकैप फंडों से पीछे ही रहे हैं। दिक्कत यह भी है कि अधिकतर ऐक्टिव लार्जकैप फंडों को बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करना कठिन लगता है।

‘एसऐंडपी सूचकांक बनाम ऐक्टिव’ (एसपीआईवीए) स्कोरकार्ड के अनुसार 30 जून, 2023 को समाप्त 3 साल की अवधि वाली 86.2 फीसदी और 5 साल की अवधि वाली 92.9 फीसदी योजनाओं ने एसऐंडपी बीएसई 100 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) के मुकाबले कमतर प्रदर्शन किया। ऐसे खराब प्रदर्शन के बाद निवेशक उनमें निवेश करने से हिचकते हैं।

फंड मैनेजरों का कहना है कि निवेशकों को इस श्रेणी में फंड सावधानी से चुनने चाहिए। तावकले ने कहा, ‘सक्रिय तरीके से संभाले जा रहे लार्जकैप फंड का चयन करते समय देखें कि लंबी अवधि में उसका प्रदर्शन कैसा रहा है। अगर कोई फंड हर साल लगातार दूसरे क्वार्टाइल में है तो वह पांच साल में शीर्ष क्वार्टाइल में पहुंच सकता है।’

बाजार में तेजी से स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों का मूल्यांकन बहुत अधिक हो जाता है मगर लार्जकैप का मूल्यांकन अक्सर उचित ही रहता है।

शर्मा ने कहा, ‘लार्जकैप श्रेणी में मूल्यांकन उनके दीर्घकालिक ऐतिहासिक औसत के करीब है और सहज है। जोखिम लाभ भी अनुकूल है। उनमें लंबी अवधि की संभावनाओं के लिहाज से हमारा नजरिया सकारात्मक है।’

आगे उनकी संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। वॉलेट वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी एस श्रीधरन ने कहा, ‘मुद्रास्फीति कम होने से ब्याज दरें घटेंगी, जिससे इस श्रेणी की आय बढ़ेगी।’

एक विकल्प शुद्ध लार्जकैप फंडों में निवेश है और दूसरा विकल्प फ्लेक्सीकैप श्रेणी से ऐसे फंड को चुनना है, जिसका औसतन 72 फीसदी आवंटन लार्जकैप शेयरों में हो। निवेशक अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड और स्थिर फंड मैनेजर वाले किसी फ्लेक्सीकैप फंड में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं।

तीसरा विकल्प इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) पर गौर करना है। ऐसे फंड निफ्टी 50 टीआरआई और निफ्टी नेक्स्ट 50 टीआरआई जैसे सूचकांकों पर नजर रखते हैं।

किसी इंडेक्स फंड अथवा ईटीएफ का चयन करते समय खर्च अनुपात और ट्रैकिंग संबंधी खामियों की पड़ताल करें।
शेयर बाजार में तेजी के कारण कई निवेशकों का मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में निवेश बढ़ गया होगा। अपने पोर्टफोलियो को नए सिरे से संतुलित करने के लिए वे स्मॉलकैप एवं मिडकैप में निवेश भुनाकर लार्जकैप फंड में रकम लगा सकते हैं।

मगर ऐसा करने से उनकी कर देनदारी बढ़ (अगर एक साल में पूंजीगत लाभ 1 लाख रुपये से अधिक हो) सकती है। इससे बचने के लिए निवेशक अपने वृद्धिशील निवेश को सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये धीरे-धीरे लार्जकैप फंडों में निवेश कर सकते हैं।

श्रीधरन के अनुसार लार्जकैप फंड लंबी अवधि में बेहतर पूंजीगत लाभ प्रदान करते हैं और उनमें कम से कम 5 साल के लिए निवेश करना चाहिए। जोखिम से बचना हो तो आपको 60 से 70 फीसदी आवंटन लार्जकैप फंडों में करना चाहिए।

औसत जोखिम लेने वाले निवेशक 50 फीसदी और अधिक जोखिम लेने वाले निवेशक 30 से 40 फीसदी आवंटन लार्जकैप फंडों में कर सकते हैं।

First Published - November 27, 2023 | 12:55 AM IST

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